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पाबोलाव के पास बोलेरो-बस की भिड़ंत में चार जनों की मौत और चार घायल,
मोमासर से पुष्कर आत्मशांति के लिए जा रहा था परिवार





लाडनूं (kalamkala.in)। क्षेत्र के पाबोलाव मैदान के पास किशनगढ़-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां लाडनूं से जयपुर की ओर जा रही सीकर डिपो की रोडवेज बस और बोलेरो कार में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे में बोलेरो सवार तीन महिलाओं सहित एक पुरुष की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक चूरू जिले के राजलदेसर और डूंगरगढ तहसील के मोमासर निवासी हैं।
गौवंश आने से हुआ हादसा
सूचना के अनुसार बोलेरो में सवार सभी लोग एक ही परिवार के थे, जो पुष्कर दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक गौवंश के सड़क पर आ जाने से बोलेरो और रोडवेज बस में भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और हाईवे से नीचे जा गिरी। कार में फंसे शवों और घायलों को निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद लेनी पड़ी।
मृतकों की पहचान
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे में महिलाओं शारदादेवी (48 वर्ष) पत्नी भगवानराम सुथार जाति जांगिड़ निवासी बीदासर चूरू, लिछमादेवी (77 वर्ष) पत्नी सुगनाराम सुथार, तुलसी देवी (36 वर्ष) पत्नी ठाकुरमल सुथार जाति जांगिड़ निवासी मोमासर तहसील डूंगरगढ व ड्राइवर ओमसिंह (35 वर्ष) पुत्र भगवान सिंह जाति राजपूत निवासी बाड़ा की ढाणी राजलदेसर तहसील रतनगढ़ की मौके पर ही मौत हो गई।
घायलों की स्थिति
वहीं ममता, मुरली व आशीष पिता ठाकुरमल सुथार (तीनों बहन-भाई) तथा भुआ रूपादेवी पत्नी प्रेमसुख सुथार निवासी नोखा घायल हो गए। सभी को लाडनूं के राजकीय अस्पताल लाया गया, जहां मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं और घायलों का उपचार कर 5 घंटे बाद छुट्टी दे दी गई।
बारिश में मुश्किल हुआ बचाव
तेज बारिश के चलते बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर खुलवाया। हरे का सहारा श्याम सुंदर स्वर्णकार अपनी टीम के साथ सुजानगढ़ से पहुंचे और कड़ी मेहनत कर शवों को बाहर निकालकर राजकीय अस्पताल पहुंचाया। चारों घायलों का सामान्य उपचार कर छुट्टी दे दी गई।
प्रशासन और पुलिस मौके पर
मौके पर वृताधिकारी विक्की नागपाल, जसवंतगढ़ थानाधिकारी जोगेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल इकबाल खान सहित पुलिस जाप्ता पहुंचा और घटनास्थल का जायजा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मिले। मंजीतपाल सिंह सांवराद, संयोजक सुमित जांगिड़ सहित सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी सेवा में जुटे रहे।
दिवंगत पिता की आत्मा शांति करने जा रहा था परिवार
ठाकुरमल सुथार ने बताया कि एक महीने पहले उनके पिताजी का देहांत हो गया था। उसी उपलक्ष्य में अपनी माताश्री लिछमादेवी सुथार को पुष्कर स्नान करवा कर आत्म शांति करने के लिए शनिवार सुबह वे अपने परिवार के साथ बोलेरो में रवाना हुए थे। उनके साथ दो बहनें शारदा देवी व रूपा देवी, पत्नी तुलसी देवी, पुत्र आशीष व मुरली तथा पुत्री ममता और ड्राइवर ओमसिंह के साथ रवाना किया था। लेकिन सुबह करीब 5:30 बजे बारिश के दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। मैं मुमासर में मिठाई की दुकान करता हूं, जैस ही जानकारी मिली, अंधेरी आ गई, वहीं गिर पड़ा। लोग ही लाडनूं लेकर आए। उन्होंने पुलिस को रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर चारों शवों का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सपोर्ट किया।
अस्पताल परिसर में पसरा सन्नाटा
हादसे के बाद चार शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सौंप दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मातम छा गया और माहौल गमगीन हो गया।







