शिक्षा और सेवा को साधना बनाकर अणुव्रत विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया- मुनिश्री विजय कुमार, अणुव्रत समिति की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में लाडनूं की 40 संस्थाओं ने किया प्रो. त्रिपाठी का भव्य अभिनंदन, संतों के सान्निध्य में जुटे लाडनूं के हर जाति-समुदाय से मौजीज लोग

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

शिक्षा और सेवा को साधना बनाकर अणुव्रत विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया- मुनिश्री विजय कुमार,

अणुव्रत समिति की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में लाडनूं की 40 संस्थाओं ने किया प्रो. त्रिपाठी का भव्य अभिनंदन, संतों के सान्निध्य में जुटे लाडनूं के हर जाति-समुदाय से मौजीज लोग

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय अणुव्रत समिति के तत्वावधान में आयोजित अभिनंदन समारोह में वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी का भव्य अभिनंदन किया गया।‌ उनका यह अभिनंदन अणुव्रत समिति के अलावा शहर की 33 अन्य संस्थाओं ने शॉल, माल्यार्पण, प्रशस्ति पत्र आदि द्वारा उनका अभिनंदन किया।‌ प्रो. त्रिपाठी के सम्मान में पहली पट्टी स्थित ऋषभ द्वार भवन के मोतीलाल बैगानी सभागार में यह समारोह रविवार को संतों के सान्निध्य में आयोजित किया गया। अभिनंदन समारोह में तेरापंथ धर्मसंघ के शासनश्री मुनिश्री विजय कुमार एवं काशीपुर गूलर धाम (श्री दशनाम संन्यास आश्रम) के महंतश्री स्वामी कानपुरी महाराज के सान्निध्य में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा नेता ठाकुर करणी सिंह थे। समारोह के विशिष्ठ अतिथियों में जैन विश्वभारती के अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, संरक्षक भागचंद बरड़िया, जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़, पुलिस उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह चारण, जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष प्रकाशचंद बैद, जैन विश्व भारती के परिसर संयोजक डॉ. धर्मचंद लूंकड़, आचार्य महाश्रमण योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, चीफ शहरकाजी सैयद मो. मदनी, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष बृजेश माहेश्वरी, वरिष्ठ समाजसेवी गुलाबचंद बागड़ा आदि प्रमुख लोग रहे। अणुव्रत समिति लाडनूं के अध्यक्ष शांतिलाल बैद ने समारोह की अध्यक्षता की।

सेवा, समर्पण और सद्भाव के प्रेरक उदाहरण हैं प्रो. त्रिपाठी

समारोह को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री विजय कुमार ने कहा कि अणुव्रत आंदोलन व्यक्ति के आचरण को शुद्ध कर समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करता है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने अपने जीवन में शिक्षा और सेवा को साधना का माध्यम बनाकर अणुव्रत विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया है। इनके जीवन में भी अणुव्रत बोलता है। ऐसे व्यक्तित्व समाज की बहुमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने प्रोफेसर त्रिपाठी को आचार्य तुलसी के समय के कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि इन्होंने अणुव्रत आंदोलन को लाडनूं और आसपास के क्षेत्रों में काफी विस्तारित किया है। समारोह में महंत स्वामीश्री कानपुरी महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने किसी भी भेदभाव के बिना समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य किया है। उनका जीवन सेवा, समर्पण और सद्भाव का प्रेरक उदाहरण है। आज के समय में ऐसे संतुलित और मूल्यनिष्ठ विचारकों की समाज को नितांत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर त्रिपाठी कुछ वर्ष पहले अपने साथियों के साथ उनके आश्रम में आए थे और अपनी पुस्तक ‘ऐसे थे मालवीय जी’ का विमोचन उनसे कराया था। उन्होंने प्रो. त्रिपाठी को एक उच्च कोटि का साहित्यकार बताते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य के साथ 100 वर्ष जीवन जीने की कामना की।

40 संस्थाओं के प्रतिनिधियों व अन्य ने की मुक्त सराहना

समारोह में विभिन्न वक्ताओं ने प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी के जीवन और उनके कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया।बताया गया कि प्रो. त्रिपाठी ने लाडनूं की पारमार्थिक शिक्षण संस्था में 10 वर्षों तक अनवरत सेवा प्रदान की तथा जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में 31 वर्षों की सुदीर्घकाल की सेवाओं के साथ-साथ उन्होंने अणुव्रत आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान प्रदान किया। उनके अब तक के योगदान के लिए समारोह में नगरवासियों ने पलक-पांवड़े बिछाकर उनका सम्मान किया। समारोह के दौरान नगर की 33 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा मंच पर आकर अभिनंदन किया जाना काफी महत्वपूर्ण बन गया। सभी ने उनके सामाजिक योगदान की खुलकर सराहना की। लगभग सभी वक्ताओं ने प्रो. त्रिपाठी को अणुव्रत आंदोलन का समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें समाज का सच्चा मार्गदर्शक कहा। कार्यक्रम का संयोजन अणुव्रत समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल ने किया। अंत में आभार ज्ञापन मंत्री श्रीमती राज कोचर ने किया।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

सभी हाथ ठेले वाले पांच दिनों में हटाएं अपने अतिक्रमण, सुझाए गए वैकल्पिक स्थानों पर करें शिफ्टिंग, नगर पालिका और सब्जी-फरोश ठेला चालक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक, विचार-विमर्श के बाद तय हुए पुनर्स्थापन के स्थान

जल भराव स्थल चिह्नित करने, बरसाती पानी की समुचित निकासी के लिए पंपों की व्यवस्था व निकासी के लिए नालियों की मरम्मत के लिए निर्देश, जिला कलक्टर ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक लेकर दिए हर आपदा से बचाव के लिए निर्देश, मानसून पूर्व आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की

शहर चुनें

Follow Us Now