क्या-क्या पापड़ बेलने पड़ते हैं पुलिस को अपनी तफ्तीश के दौरान-
लाडनूं थाने के हेड कांस्टेबल प्रेमाराम ने ठेला लगाकर कई दिनों तक मुम्बई में संतरे बेचे,
वेश बदलकर बार-बार ठिकाने बदलने वाले शातिर ठग को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद किया गिरफ्तार, उसके खातों से 30 लाख रुपए फ्रीज्ड करवाए, उसकी एक साथी जोधपुर की ज्योति नायडू की गिरफ्तारी बाकी

लाडनूं (kalamkala.in)। अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस को विभिन्न प्रकार के पापड़ बेलने पड़ते हैं। लाडनूं पुलिस थाना के एक हेड कांस्टेबल को आरोपी की धर-पकड़ के लिए की जाने वाली मशक्कत में मुम्बई (महाराष्ट्र) में कई दिनों तक ठेला लगाकर संतरे भी बेचने पर मजबूर होना पड़ा। ये सब आजमाइश करने के बाद पकड़े गए आरोपी की तलाश पुलिस को पिछले 18 माह से थी, वह मुम्बई के अलग-अलग इलाकों में अपना वेश बदल-बदल कर रह रहा था। पकड़े गए आरोपी पर विज्ञापन देकर विदेशों में नामी कंपनियों में जॉब लगाने के नाम पर राजस्थान व अन्य राज्यों के युवकों से लाखों रुपयों की ठगी व धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। मुल्जिम के विरूद्ध राजस्थान, आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों में ठगी के कई प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते पर अलग-अलग जगहों से 22 साइबर शिकायत दर्ज होना पाई गई। मुम्बई से गिरफ्तार आरोपी नावेत फ्रांसिस कोली के खाते में जमा पीड़ितों के करीब 30 लाख रूपये फ्रीज करवाये गये हैं। साथ ही पुलिस द्वारा आरोपी के अन्य स्त्रोतों से भी बरामदगी किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
आरोपी के खिलाफ अन्तर्राज्यीय थानों में विभिन्न मामले, लाडनूं से तीन युवक आए झांसे में
गिरफ्तार किए गए आरोपी और उसके खिलाफ दर्ज प्रकरण की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया है कि गत वर्ष 2024 में लाडनूं तहसील के ग्राम मणूं के निवासी रघुवीर सिंह, खोखरी निवासी बजरंग सिंह और निम्बी जोधां निवासी युवराज सिंह ने अलग-अलग लिखित रिपोर्टें पुलिस को दी कि मुलजिम नावेत फ्रांसिस कोली निवासी मुम्बई व ज्योति नायडू निवासी जोधपुर के बहकावे में आकर विदेश भेजने के नाम पर इन आरोपियों ने इन तीनों युवकों से प्रत्येक से तीन लाख चालीस हजार रूपए अपने खाते में डलवाये थे। उसके बाद इन लोगों ने उनको ना तो विदेश भेजा और ना ही उनसे लिए पैसे ही वापस लौटाये। पुलिस ने सभी रिपोर्ट्स दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। आरोपी का पुलिस को आपराधिक रिकार्ड भी मिला है, जिसमें पुलिस थाना लाडनूं, पुलिस थाना रोल, पुलिस थाना खुनखुना, पुलिस थाना राजोले (जिला बीआर अम्बेडकर, कोनासीमा आन्ध्रप्रदेश), पुलिस थाना आई पोलावरम (जिला बीआर अम्बेडकर, कोनासीमा आन्ध्रप्रदेश) आदि में प्रकरण दर्ज होना पाए गए हैं। इनके अलावा साईबर ठगी की 22 शिकायतें भी आरोपी के खाते पर दर्ज होना पाई गई है।
संतरे का ठेला लगा कर पकड़ा शातिर आरोपी को
पुलिस को अनुसंधान के दौरान पता चला कि जिला नागौर के थाना रोल व जिला डीडवाना-कुचामन के खुनखुना व लाडनूं में भी आरोपी नावेत कोली के विरूद्ध धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हुए हैं। इस पर पुलिस महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज द्वारा सभी प्रकरणों का अनुसंधान थानाधिकारी लाडनूं के जिम्मे किया गया। प्रकरणों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने आरोपी नावेत कोली की मुम्बई में विभिन्न ठिकानों पर तलाश की, परंतु आरोपी इतना शातिर था, कि हर बार वेश बदलकर व अपना ठिकाना चैंज कर रहा था। इस स्थिति पर लाडनूं थाने के हैड कांस्टेबल प्रेमाराम ने आरोपी की तलाश के लिए मुम्बई में संतरे का ठेला भी कई दिनों तक लगाया। इस मामले में पुलिस को मुम्बई में व्यापार करने वाले एक व्यक्ति पोकरराम सुथार का सहयोग मिला और उसके सहयोग से आरोपी नावेत फ्रांसिस कोली का पता लगाकर उसे मुम्बई से पकड़ा जा सका।
इस पुलिस टीम ने किया अनुसंधान और कार्रवाई
इन सभी प्रकरणों व कार्रवाई में जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) के निर्देशन में डीडवाना एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा तथा लाडनूं के पुलिस उप अधीक्षक जितेन्द्र सिंह के निकटतम सुपरविजन में पुलिस थाना लाडनूं के थानाधिकारी शिम्भुदयाल मीणा ने मय टीम द्वारा नवयुवकों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी के प्रकरण में वांछित आरोपी नावेत कोली, मुम्बई को गिरफ्तार किया गया है। थानाधिकारी शिम्भुदयाल के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल प्रेमाराम, कांस्टेबल सुखाराम, सुनील (निम्बीजोधा) तथा पुलिस सहयोगी पोकरराम सुथार निवासी श्रीबालाजी नागौर हाल मुम्बई की टीम का प्रमुख कार्य रहा इनमें भी इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल प्रेमाराम (पुलिरा थाना लाडनूं) व पुलिस सहयोगी के रूप में पोकरराम सुथार निवासी श्रीबालाजी (जिला नागौर) हाल मुम्बई का विशेष योगदान रहा है।







