लाडनूं-सुजानगढ रेलमार्ग पर रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए मांग, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात वर्मा ने नई ट्रेनों, ट्रेनों के विस्तार और सुविधाओं के लिए उठाई आवाज

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लाडनूं-सुजानगढ रेलमार्ग पर रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए मांग,

सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात वर्मा ने नई ट्रेनों, ट्रेनों के विस्तार और सुविधाओं के लिए उठाई आवाज

लाडनूं (kalamkala.in)। लम्बे समय से क्षेत्र की रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात वर्मा ने श्री रामनवमी, महावीर जयंती व हनुमान जन्म महोत्सव के महत्वपूर्ण अवसरों पर स्पेशल ट्रेन और लोकल ट्रेन संचालित किए जाने की मांग की है, ताकि प्रतिवर्ष सालासर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सफर सुविधाजनक हो सके। उन्होंने इस वर्ष भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है। प्रभात वर्मा ने इसके साथ ही लाड़नूं के कोयल गाँव स्थित श्री सत्यनारायण जी व बाल हनुमानजी मंदिर में दूरदराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करवाया है। उन्होंने लिखा है कि डेगाना- रतनगढ़ खंड में नई ट्रेनों की आवश्यकता काफ़ी समय से बनी हुई है और यह मार्ग ट्रेन सुविधा से वंचित ही चल रहा है। उन्होंने वंचित क्षेत्र सुजानगढ़, लाडनूं, डेगाना रूट पर नई ट्रेनें चलाने और रेल विस्तार के संबंध में उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है।

लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को किया जा रहा है नजर-अंदाज

प्रभात वर्मा के पत्र के अनुसार देश के लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए सुजानगढ़-लाडनूं-डीडवाना-डेगाना मार्ग की लंबित रेल मांगों को पूरा कराने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने लिखा है कि इस डेगाना-रतनगढ़ रेलमार्ग पर साल भर श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, क्योंकि विश्वप्रसिद्ध श्री सालासर धाम आने वाले यात्री सुजानगढ़ आते हैं। यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु नववर्ष, नवरात्र, हनुमान जन्मोत्सव, लखी मेले व दशहरे सहित प्रतिदिन आते रहते हैं। भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर व श्री डूंगर बालाजी बालाजी मंदिर भी सुजानगढ़ में ही आते हैं। इसी प्रकार लाडनूं क्षेत्र के कोयल गांव में स्थित श्री सत्यनारायण जी मंदिर में प्रति वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्री सालासर बालाजी के प्राकट्य स्थान आसोटा गांव और पाबोलाव धाम सिद्ध हनुमतपीठ आने वाले यात्री लाडनूं रेलवे स्टेशन से आवागमन करते हैं। लाडनूं में हज़ारों साल पुराना दिगम्बर जैन मंदिर भी है, करंट बालाजी मंदिर लाडनूं में अपने आप में अनोखा व अकेला मंदिर है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन बना ही रहता है। उप काशी के नाम से विख्यात डीडवाना इसी रूट स्थित है और मेड़ता का प्रसिद्ध मीरा बाई मंदिर इसी रूट पर है, जहां हज़ारों भक्त दर्शन करने आते हैं। इस क्षेत्र के लिए नई ट्रेनें चलाई जाने के साथ ही अन्य ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाने चाहिए।

सुजानगढ़-लाडनूं-डीडवाना के लिए विभिन्न मार्गों पर नई ट्रेनें चलाई जाएं

प्रभात वर्मा ने अपने पत्र में अपनी मांगों का उल्लेख करते हुए लिखा है कि सुजानगढ़, लाडनूं, डीडवाना, खाटू से मुंबई, सूरत के लिए प्रतिदिन ट्रेन चलाई जाए। पिछले 13 वर्षों से चल रही साप्ताहिक ट्रेन जम्मू तवी बांद्रा 19027/28 और साप्ताहिक ट्रेन हिसार बांद्रा 22915/16 जिनको अत्यधिक यात्रीभार मिल रहा है। इनमें रिजर्वेशन भी नहीं मिल पा रहा है। इनके फेरे बढ़ाए जाकर प्रतिदिन चलाई जाए। साथ ही एक स्पेशल ट्रेन बीकानेर से मुंबई वाया रतनगढ़, सुजानगढ़, डीडवाना, डेगाना के रास्ते चलाई जाए। उन्होंने जोधपुर-गोरखपुर वाया डेगाना, लाडनूं, सुजानगढ़ नियमित ट्रेन चलाई जाने, हनुमानगढ़-बांद्रा टर्मिनस द्वि साप्ताहिक वाया रतनगढ़, सुजानगढ़, लाडनूं, डेगाना, जोधपुर ट्रेन चलाई जाने, बीकानेर से जयपुर मेल एक्सप्रेस वाया रतनगढ़, सुजानगढ़, लाडनूं, डेगाना के रास्ते प्रतिदिन ट्रेन चलाई जाने, हिसार या हनुमानगढ़ से बैंगलोर साप्ताहिक ट्रेन वाया रतनगढ़, सुजानगढ़, लाडनूं, डीडवाना, डेगाना चलाया जाने, हिसार या हनुमानगढ़ से चेन्नई द्वि साप्ताहिक वाया सुजानगढ़, लाडनूं, डेगाना के रास्ते नई ट्रेन चलाई जाने और हनुमानगढ़ जोधपुर मेल एक्सप्रेस वाया रतनगढ़, सुजानगढ़, लाडनूं, डीडवाना ट्रेन चलाई जने की मांग रखी है।

ट्रेनों के विस्तार की मांग

प्रभात वर्मा ने इनके अलावा ट्रेन नं. 22737/38 हिसार-सिकंदराबाद, जो सप्ताह में दो दिन वाया रतनगढ़ से बीकानेर, नागौर जोधपुर चल रही है। इसे सप्ताह में दो दिन वाया रतनगढ़ से सुजानगढ़, लाडनूं, डेगाना, जोधपुर के रास्ते चलाया जाने की मांग की है। लुधियाना-चूरू- लुधियाना 54604/5 का विस्तार डेगाना तक किया जाने, जोधपुर-दिल्ली -जोधपुर 22421/22422 ट्रेन का विस्तार साबरमती तक वाया मारवाड़ जंक्शन, आबूरोड किया जाने, सरदारशहर-रतनगढ़ ट्रेन संख्या 74850/51 का विस्तार जोधपुर तक किया जाने की मांग की है।

हरिद्वार की सुविधा के लिए ट्रेन सम्बंधी मांग

साथ ही उन्होंने भावनगर-हरिद्वार ट्रेन का हरिद्वार से रवाना होने का समय ठीक किया जाने की मांग रखी है, ताकि हिंदू रीति-रिवाज से पूजा करने के लिए 6-7 घंटे का समय मिल सके। उन्होंने इस इस ट्रेन को नियमित किया जाने की मांग भी की है। वर्मा ने सरदारशहर से जोधपुर ट्रेन वाया रतनगढ़, सुजानगढ़, लाडनूं डीडवाना होकर चलाया जाने तथा ट्रेन नंबर 22481/22482 को हरिद्वार तक किया जाने की मांग की है।

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Author: kalamkala

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