हीरावती चोरी प्रकरण में तीन आरोपियों के पकड़े जाने, बरामदगी और सुनारों की पहचान के बावजूद भी संतुष्ट नहीं हैं धरनार्थी,
लगातार 23वें दिन भी जारी रहा धरना-प्रदर्शन, पूरे पुलिस स्टाफ को बदले जाने की मांग पर अड़े हैं ग्रामीण, ज्ञापन सौंपा और मांगें रखीं
लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र के ग्राम हीरावती में हुई चोरियों को लेकर ‘मोग्या गैंग’ के एक बाल अपचारी सहित तीन आरोपियों की धर-पकड़ की है और नकद राशि व कुछ स्वर्ण आभूषणों की बरामदगी भी की है, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की है, दो सुनारों की पहचान भी की है, लेकिन ग्रामीणों को इससे संतुष्टि नहीं हुई है। यहां उपखंड कार्यालय के सामने पिछले 22 दिनों से चला आ रहा धरना-प्रदर्शन बुधवार को 23वें दिन भी लगातार जारी रहा। उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन यहां दिया। इस ज्ञापन में मांग की गई कि गत 31 अगस्त को ग्राम हिरावती में हुई चोरी की तीन वारदातों को 1 महिना हो चुका, फिर भी चोरियों का खुलासा नहीं हुआ और सोना-चांदी व नकदी की बरामदगी भी नहीं की गई है।धरनास्थल पर पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की गई। धरनार्थियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं और लगातार चोरियां हो रही हैं, लेकिन ना तो चोर पकड़े जा रहे हैं और ना ही माल की बरामद की हो रही है। उपखण्ड लाडनूं के गांवो में हुई सैकड़ों चोरियों का खुलासा आज दिन तक स्थानीय पुलिस द्वारा नहीं किया गया है। इसके चलते स्थानीय पुलिस के प्रति आम जनता में बहुत भारी रोष व आक्रोश है। ग्राम हिरावती व आस पास के क्षेत्र में हुई चोरियों के प्रकरण में स्थानीय पुलिस की नाकामी के चलते चोरी के प्रकरणों की जांच एस.ओ.जी के उच्च अधिकारियो से करवाई जावे। स्थानीय पुलिस थाने में लम्बे समय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला थानाधिकारी कार्यरत है, जिनकी आपसी मिलीभगत से क्षेत्र में लगातार चोरियों की घटनाएं बढ रही है। इसलिए थानाधिकारी को तुरंत प्रभाव से हटाया जावे और सम्पूर्ण पुलिस थाना के स्टाफ को तुरन्त प्रभाव से स्थानान्तरण किया जाये एवं लाडनूं थाना अधिकारी द्वारा चोरियों के मामलों में लापरवाही बरती गई है, इसलिए थानाधिकारी पर विभाग के कार्यवाही की जावे एवं इनके स्थान पर किसी काबिल एवं जिम्मेदार ईमानदार अधिकारी सहित अन्य स्टाफकर्मी लगाये जावे, जिससे जनता को न्याय और सुरक्षा मिले। लगातार चोरी की घटनाओं के बढने से क्षेत्रवासियों में भय व आक्रोश है। चोरियों पर अंकुश लगाने हेतु क्षेत्र में व्यापक गश्त बढाई जाये एवं बीट प्रभारियों को सुरक्षा के प्रति सजग किया जावे। लाडनूं उपखण्ड मुख्यालय के सामने क्षेत्रवासियों द्वारा लगातार दिये जा रहे धरने को विभिन्न संगठनों द्वारा सहयोग व समर्थन दिया गया है। फिर भी जनता की किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होने से जनता में पुलिस और प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। बुधवार को धरने पर बैठने वालों में परिवादी किशनलाल डूडी, गणेश चबराल, देवाराम पटेल, हरिश मेहरड़ा लोडसर, गोपीराम चौधरी, गोरधनसिंह डाबड़ी, महिराम जाट, कैलाश निठारवाल, रामनिवास पटेल, रामरखाराम लुकास, मदनलाल बेरा, सुखाराम गोदारा, देवाराम भादू निंबीजोधा, चुनाराम डूडी, रेवतसिंह नरूका, छगनाराम रेगर, भंवराराम भारी, नाथूराम प्रजापत, विकास बुरड़क, ईश्वरसिंह हीरावती, प्रेमसिंह हीरावती, नाथूराम कालेरा, हनुमान प्रसाद शर्मा, जयराम बुरड़क, गिरधारीराम सुनारी, चंदन डूडी, राजेन्द्र स्वामी, अयूब खान, सलीम खान, मोहनलाल ज्याणी, मौजीराम शर्मा, भंवरलाल रैगर, हिम्मताराम खीचड़ आदि उपस्थित रहे।



