जिला कलक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत आधी रात को पहुंचे टोलनाका और ओवरलोड वाहनों पर की सख्त कारवाई,
कुल 37 ओवरलोड वाहनों पर लगाया 9.23 लाख का जुर्माना, 6 वाहन किये सीज,
लाडनूं में भी हुई कार्रवाई, 2.70 लाख वसूले, 2 ओवरलोडिंग वाहन किए जब्त

डीडवाना/ लाडनूं (kalamkala.in)। सड़क सुरक्षा माह के तहत डीडवाना-कुचामन जिले में अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत के नेतृत्व में चली इस विशेष मुहिम में प्रशासन ने 37 वाहनों के चालान काटकर 9 लाख 23 हजार रुपये का जुर्माना वसूला, वहीं 6 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
मैदान में उतरे खुद ‘कलक्टर: रात 2 बजे तक टोल पर डटे रहे
अमूमन सरकारी कार्रवाई के निर्देश वातानुकूलित कमरों से जारी होते हैं, लेकिन इस बार नजारा बदला हुआ था। जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र सिंह खड़गावत और अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहन लाल खटनावलिया खुद छापरी टोल प्लाजा पर मोर्चा संभाले नजर आए। कलक्टर को अचानक सड़क पर देखकर ओवरलोड वाहन चालकों और माफियाओं के पसीने छूट गए। कलक्टर की मौजूदगी में टीम ने एक-एक वाहन के भार और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। यह कार्रवाई देर रात करीब 2 बजे तक चलती रही।
इन क्षेत्रों में रही कड़ी घेराबंदी
जिला कलक्टर डॉ खड़गावत के निर्देशन में प्रशासन ने रणनीतिक तरीके से जिले के उन सभी रास्तों पर चेक प्वाइंट्स बनाए थे, जहां से ओवरलोड वाहनों के गुजरने की संभावना रहती है। संयुक्त टीमों ने निम्नलिखित क्षेत्रों में सघन जांच की, जिसमें छापरी टोल प्लाजा मुख्य केंद्र, छोटी खाटू और निंबी जोधा, कोलिया और तंवरा, लाडनूं रोड और रहमान गेट रहे।
लाडनूं में 2.70 लाख की वसूली
लाडनूं में सरदार शहर- किशनगढ़ हाईवे पर पुलिस ने नाकाबंदी की और कुल 15 वाहनों के चालान काटे तथा कुल 2.70 लाख की वसूली की गई। साथ ही 2 बड़े वाहनों को ओवरलोडिंग कंक्रीट भरी हुई पाए जाने पर जब्त किया गया। यह कार्रवाई यहां जाला परिवहन अधिकारी सुप्रिया बिश्नोई और लाडनूं पुलिस वृताधिकारी जितेन्द्र सिंह चारण ने सभी वाहनों की चैकिंग की।
लाखों के चालान: 5 हजार से 1 लाख तक का दंड
जांच के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहनों पर प्रशासन ने कड़ी सख्ती दिखाई। ओवरलोडिंग की गंभीरता के आधार पर न्यूनतम 5,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक के भारी-भरकम चालान काटे गए। जिला कलक्टर के निर्देश पर प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य आर्थिक दंड के जरिए जिले में अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग वाहनों की रोकथाम करना है।जिला कलक्टर डॉ. खड़गावत ने बताया कि हमारा मकसद केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना है। ओवरलोड वाहन न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ये जानलेवा दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण हैं। यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
चेतावनी का वक्त हुआ खत्म, अब सीधी कार्रवाई का दौर
इस पूरी कार्रवाई में उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और जिला परिवहन अधिकारी सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व की हानि और सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। 6 वाहनों को सीज करना इस बात का प्रमाण है कि अब चेतावनी का वक्त खत्म हो चुका है और सीधी कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है।






