सरकारी कानून-कायदे और निर्देश-आदेश रखे सब ऊंचे ताक पर, खुलेआम चल रहा उल्लंघन,
लाडनूं में मनमर्जी से संचालित किए जा रहे हैं प्राइवेट स्कूल, निरीक्षण में पाया आदेशों का खुला उल्लंघन, कारण बताओ नोटिस जारी कर मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी





लाडनूं (kalamkala.in)। क्षेत्र के निजी विद्यालयों द्वारा राजकीय आदेशों का उल्लंघन करने की लगभग आदत ही बन चुकी है। भीषण सर्दी के बावजूद ये विद्यालय बच्चों को बुलाते हैं और उनके स्वास्थ्य व जीवन से खिलवाड़ करते हैं। जिला कलेक्टर ने 6 से 8 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश की अवधि बढ़ा दी है, लेकिन इन आदेशों की परवाह ये प्राइवेट स्कूल कत्तई नहीं करते और शिक्षा को पूरी तरह अपनी मनमर्जी का खेल बना रखा है। मंगलवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लाडनूं की टीम ने ऐसे स्कूलों का औचक निरीक्षण किया तो पाया कि ग्राम ध्यावा के शहीद कान सिंह मेमोरियल स्कूल और लाडनूं के शहरिया बास स्थित के.के. गर्ल्स स्कूल में कक्षाएं चालू थीं और बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। सीबीईओ ने विद्यालयों के संस्था प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें मान्यता वापस लेने और कार्रवाई की जाने की चेतावनी दी है।
यह सब लिखा है नोटिस में
इस नोटिस में बताया गया है कि दिनांक 6 जनवरी से 8 जनवरी तक कार्यालय जिला कलेक्टर डीडवाना-कुचामन के द्वारा अत्यधिक शीतलहर होने के कारण कक्षा 1 से 8 तक डीडवाना-कुचामन जिले में निजी/ राजकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था। इस संबंध में विभाग के निर्देशानुसार सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों को राजकीय अवकाश के दिन विद्यालय नहीं खोलने हेतु पाबन्द भी किया गया था। इसके बावजूद मंगलवार 6 जनवरी को अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (प्रथम) कल्याण सिंह राठौड़ मणूं द्वारा निरीक्षण करने पर विद्यालय संचालित किया जाकर शैक्षणिक गतिविधियां करवाया जाना पाया गया है। इससे स्पष्ट है कि उनके द्वारा विभागीय आदेशों की स्पष्ट अवहेलना की गई है। क्यों नहीं, उनकी संस्था के विरूद्ध गैर सरकारी शैक्षणिक संस्था अधिनियम 1989, नियम 1993, संशोधित नियम 2011 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए विद्यालय की मान्यता प्रत्याहारित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाकर विभाग को प्रेषित कर दिये जावें? इस संबंध में आप स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए बुधवार 7 जनवरी का समय दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियत समय में उनका प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में उनके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाकर विभाग को प्रेषित कर दिये जायेगें। नोटिस की प्रति मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, डीडवाना-कुचामन को भी भेजी गई है।





