भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ने दी मुख्यमंत्री को चेतावनी- जांच करवाओ या निकाय चुनाव में खामियाजा भुगतो, लाडनूं नगर पालिका में पांच सालों में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहने के लगे गंभीर आरोप- जांच की मांग, सफाईकर्मी भर्ती घोटाला, ड्यूटी घोटाला, एवजी घोटाला, टेंडर कार्यों पर भी उठी अंगुलियां

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भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ने दी मुख्यमंत्री को चेतावनी- जांच करवाओ या निकाय चुनाव में खामियाजा भुगतो,

लाडनूं नगर पालिका में पांच सालों में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहने के लगे गंभीर आरोप- जांच की मांग,

सफाईकर्मी भर्ती घोटाला, ड्यूटी घोटाला, एवजी घोटाला, टेंडर कार्यों पर भी उठी अंगुलियां

लाडनूं (kalamkala.in)। शहर की सफाई व्यवस्था और नगर पालिका में चल रही धांधली और घोटाले को लेकर सरकार की नाकामी पर भाजपाई पदाधिकारी ही अब सवाल उठाने पर मजबूर हैं। मुख्यमंत्री को इस बाबत सौंपे गए पत्र में काफी गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। इससे ऐसा प्रतीत होने लगा है कि कांग्रेस राज में यहां सिर्फ भ्रष्टाचार ही हुआ। यहां सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर तो एक पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी। सफाई कर्मचारियों की भर्ती की पूरी फाइल ही नगर पालिका रिकॉर्ड से गायब कर दी गई थी। सफाईकर्मियों को अधिकारियों, नेताओं के घरों में काम के लिए भेजना, उनसे सफाई कार्य के अलावा अन्य काम लेना, घर बैठे हाजिरी लगाना, एवजी रख कर हाजिरी भरना आदि ज्वलंत बिंदु हैं और टेंडरों को लेकर भी बहुत शोर-शराबा होता आया है। इन सबकी अब व्यापक जांच करवाए जाने की उम्मीद मुख्यमंत्री की तरफ से बंधी है।

जांच नहीं हुई तो उठाना पड़ेगा चुनाव में भाजपा को नुक़सान

भारतीय जनता पार्टी नागौर देहांत जिला के जिला उपाध्यक्ष जगदीश पारीक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन देकर इसकी जांच की मांग की है। पारीक ने नगरपालिका लाडनूं में व्याप्त भ्रष्टाचार के विभिन्न बिंदुओं को उठाते हुए उनकी जांच कराने का लिखा है और चेतावनी दी है कि अन्यथा आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने लिखा हे कि नगरपालिका लाडनूं में वर्ष 2021 में, जबसे कांग्रेस का बोर्ड बना है, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। वर्ष 2023 नवम्बर तक कांग्रेस की राज्य में सरकार थी, तब तक तो अलग बात थी। हम जनता को कहते रहे कि भाजपा का राज आयेगा, तब सुशासन लायेंगे एवं इस भ्रष्टाचार की संपूर्ण जांच करवाकर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ जांच करवारकर कार्रवाई करवायेंगे। दिसंबर 2023 को भाजपा की सरकार भी आ गई, लेकिन आज दो वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि भ्रष्टाचार वैसे ही व्याप्त है। इस संबंध में भाजपा पार्षदों द्वारा समय-समय पर कई शिकायतें मय सबूत उच्चाधिकारियों, डी.एल.बी. एवं नगर निकाय मंत्री को भी भेजी गई। लेकिन स्थिति जस की तस है। पारीक ने अपने पत्र में वर्णित बिन्दुओं पर सकारात्मक संज्ञान लेने की आवश्यकता बताई है और लिखा है कि अन्यथा आसन्न भविष्य में हो रहे निकाय चुनावों में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि नागरिकों की नाराजगी चरम पर है।

2021 से अब तक की निविदाओं के भ्रष्टाचार की व्यापक जांच हो

पारीक ने पूरी स्थिति बयान करते हुए मुख्यमंत्री को लिखा है कि वर्ष 2021 से अब तक लगी सभी निविदाओं और उन पर किये गए कार्यों की (कार्यों का भौतिक सत्यापन) व उनके भुगतान की उच्च स्तरीय गहन जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करवायें। यहां गौरतलब है कि नगर पालिका लाडनूं में होने वाली प्रायः सभी निविदाओं को लेकर शुरू से ही अधिकांश पार्षद असंतुष्ट रहते आए हैं, लेकिन कभी उनकी व्यापक जांच नहीं हुई।

32 सफाईकर्मियों की भर्ती की जांच हो, यत्र-तत्र लगे कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति रद्द हो

भाजपा जिला उपाध्यक्ष पारीक ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि लाडनूं नगरपालिका में गत वर्ष नियम-विरूद्ध 32 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति भ्रष्ट तरीके से की गई। उसकी भी जांच करावें। नगरपालिका लाडनूं में 200 से अधिक सफाई कार्मिक हैं। लेकिन भौतिक रूप से शत प्रतिशत कार्मिक कभी भी उपस्थित नहीं मिलते है। समस्त सफाई कर्मचारियों का वक्त हाजरी, भौतिक सत्यापन किया जावे। जमादार व अधिकारी मिलकर कई सफाई कर्मचारियों की फर्जी हाजरी लगवाते है एवं इसके बदले में संबंधित कार्मिकों से पैसे भी लेते हैं। जबकि, कई कार्मिक तो कई महिनों से लगातार भौतिक रूप से अनुपस्थित रहते हैं।

लम्बे समय से चल रहा है एवजियों का गोरखधंधा 

उन्होंने लिखा है कि जानकारी में यह भी आया है कि कई कार्मिकों की जगह तो कई वार्डों में इनकी मिली भगत से कर्मचारी के बदले में ‘एवजी’ काम कर रहे हैं, जिन्हें 6000 से 7000 रूपये प्रतिमाह देते हैं। बाकी वेतन राशि को कर्मचारी, जमादार व अधिकारी मिल बांट लेते हैं। यह गोरखधंधा लम्बे समय से चल रहा है। इसकी गहन जांच होनी चाहिए। कई सफाई कर्मचारी, जो वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य समाजों के हैं, वे सफाई कार्य नहीं करके सरकारी कार्यालयों यथा उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं नगर पालिका के कार्यालयों में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर है। उन्हें भी तत्काल कार्यमुक्त करवा कर उनके मूल सफाई कार्य में लगाये जाने के आदेश प्रदान करावें, ताकि लाडनूं शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त हो सके।‌

kalamkala
Author: kalamkala

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