लाडनूं के डॉ. आर्य को उनकी शोध के लिए मिला ‘बेस्ट रिसर्चर ऑफ इलेक्ट्रोहोम्योपैथी अवार्ड – 2026’

लाडनूं (kalamkala.in)। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नेशनल बोर्ड ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी द्वारा लाडनूं के डॉ. जगदीश प्रसाद आर्य को ‘बेस्ट रिसर्चर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी अवार्ड – 2026’ प्रदान किया गया है। डॉ. आर्य ने ‘इलेक्ट्रोहोमियोपैथी मेडिसिन रिसर्च’ विषय पर शोध किया है। डॉ. आर्य ने बताया कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी इटली के डॉ. काउंट सीजर मैटी ने आविष्कृत की। उन्होंने केवल वनस्पतियों से इसकी दवाओं का निर्माण किया था। यह चिकित्सा पद्धति शुद्ध अहिंसक चिकित्सा प्रणाली है। इलेक्ट्रो होम्योपैथी में कुल 114 पेड़-पौधों से 38 तरह की दवाओं का निर्माण किया जाता है, जो मानव शरीर के प्रत्येक अंग-प्रत्यंग को नया जीवन प्रदान करती है तथा रोगों को समूल नष्ट करती है। किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स के बिना इस पद्धति की दवाएं अपना काम करती हैं। यह नवीन चिकित्सा पद्धति है और राजस्थान सरकार ने इसे मान्यता दे रखी है। अब तक की सभी चिकित्सा पद्धतियों, जिनमें एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक, यूनानी आदि सभी शामिल हैं, इन सबसे अधिक प्रभावी और किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव से रहित अहानिकारक सिस्टम है।







