लाडनूं के प्राध्यापकों द्वारा इजाद शिक्षा सम्बंधी दो नए पेटेंट होने से हर्ष, जैन विश्वभारती संस्थान में डिजीटल शिक्षा उपकरण एवं सीखने को मापने की तकनीक इजाद की गई

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लाडनूं के प्राध्यापकों द्वारा इजाद शिक्षा सम्बंधी दो नए पेटेंट होने से हर्ष,

जैन विश्वभारती संस्थान में डिजीटल शिक्षा उपकरण एवं सीखने को मापने की तकनीक इजाद की गई

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान के कुलपति प्रो. बीआर दूगड के मार्गदर्शन में यहां विश्वविद्यालय के स्टाफ में नई इजाद करने एवं उसका पेटेंट करवाने के लिए ललक पैदा हो गई है। योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. प्रद्युम्नसिंह शेखावत के अन्तर्राष्ट्रीय पेटेंट के बाद अब दो और पेटेंट विश्वविद्यालय के नाम हो गए हैं। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन एवं सहायक प्रोफेसर डॉ.अमिता जैन और अहिंसा एवं शान्ति विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. लिपि जैन की कृति ‘स्मार्ट ई-लर्निंग डिस्प्ले डिवाइस’ का पेटेंट हाल ही में फिर हुआ है और इसके अलावा प्रो. बीएल जैन एवं डॉ. अमिता जैन का ‘छात्रों के सीखने के परिणामों पर प्रौद्योगिकी एकीकरण के प्रभाव को मापने के लिए एक प्रणाली और विधि’ पर आधारित एक और पेटेंट हुआ है। इस प्रकार जैन विश्वभारती संस्थान के अन्तर्गत लगतार नवीन आविष्कार एवं उनके पेटेंट हासिल होने को लेकर यहां खासा हर्ष व्याप्त है। कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने सभी को पेटेंट के लिए बधाई दी है और सबको प्रेरणा प्रदान की है।

आधुनिक डिजीटल शिक्षा उपकरण बनाया

प्रो. बीएल जैन ने बताया कि ‘स्मार्ट ई-लर्निंग डिस्प्ले डिवाइस’ का डिजाइन पेटेंट शिक्षा में एक मौलिक छलांग है, जो डिजिटल शिक्षा को स्मार्ट ई-लर्निंग डिस्प्ले डिवाइस द्वारा परिवर्तित करता है, जो आधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक सरल प्लेटफॉर्म में जोड़ता है। उच्च-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले और इंटरैक्टिव टच शैक्षिक सामग्री और सहयोगी टूल तक आसान पहुंच बनाता है। यह एक अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षा उपकरण है, छात्र और शिक्षक के सीखने में सुधार करता है, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और शैक्षिक परिणामों को शामिल करता है, छात्रों की कार्यक्षमता और उपयोगिता को बढ़ाता हैं। छात्र-केंद्रित शिक्षा, लचीलापन, व्यक्तिगत निर्देश, सहयोगी समुदाय और डेटा-संचालित निर्णय लेना आदि शिक्षा पर इसके प्रमुख प्रभाव हैं। यह डिवाइस शिक्षा में बदलाव ला सकता है और छात्रों को रणनीतिक निवेश, समावेशी डिजाइन और सहयोग के माध्यम से दुनिया भर में नए अवसर प्रदान कर सकता है।

सीखने पर तकनीक के प्रभाव को मापना हुआ संभव

इसके अतिरिक्त प्रो. बीएल जैन एवं डॉ. अमिता जैन का संयुक्त पेटेंट ‘छात्रों के सीखने के परिणामों पर प्रौद्योगिकी एकीकरण के प्रभाव को मापने के लिए एक प्रणाली और विधि’ पर आधारित प्रकाशित हुआ है। उन्होंनें बताया कि यह उपयोगिता पेटेंट उद्देश्य व्याख्यान, पाठ्यपुस्तकें और लिखित परीक्षा सहित पारंपरिक शिक्षण तकनीकें को डिजिटल प्रौद्योगिकियों द्वारा मजबूत बनाना है। इस पेटेंट में कंप्यूटर विज्ञान, मनोविज्ञान और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के विचार शामिल हैं। यह विभिन्न शैक्षिक संदर्भों में छात्रों के लिए सीखने के परिणामों में सुधार करना, शैक्षिक प्रथाओं को मजबूत करना और सीखने के अनुभवों पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव का व्यवस्थित रूप से आकलन करके साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की जानकारी देता है। यह डिजिटल युग में छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाने के लिए सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।

kalamkala
Author: kalamkala

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