लाडनूं शहर की सूरत बदलने की कवायद शुरू, सभी मुख्य सड़कों के नवीनीकरण व पेचवर्क के कार्य होंगे,
पीडब्ल्यूडी जुटी तैयारियों में, आचार्य श्री महाश्रमण के आगमन से पूर्व बदलेगी पूरे लाडनूं की तस्वीर
लाडनूं (kalamkala.in)। तेरापंथ धर्मसंघ के एक वर्षीय विशाल आयोजन के अवसर पर लाडनूं में आचार्यश्री महाश्रमण के मंगल प्रवेश तथा जैन विश्व भारती में पदार्पण से पूर्व लाडनूं शहर का कायाकल्प करने में राज्य सरकार भी जुटी हुई है। जैन समाज के लोग जहां जैन विश्व भारती को दुल्हन की तरह सजाने में लगे हुए हैं, वहीं पट्टियों के पूरे क्षेत्र में सभी तेरापंथ समुदाय के लोगों के मकानों का भी नवीनीकरण करके उनका सौंदर्यकरण किया जाने का काम भी पूर्णता की ओर है। सरकार ने लाडनूं शहर की सभी सड़कों का होगा पेचवर्क और नवीनीकरण किए जाने के लिए कमर कस ली है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार जांगिड़ ने बताया कि आचार्य श्री महाश्रमण के पदार्पण से पूर्व नगर की सार्वजनिक निर्माण विभाग की समस्त प्रमुख सड़कों का पेचवर्क एवं नवीनीकरण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा चरणबद्ध रूप से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।
होगा इन सभी सड़कों का नवनिर्माण व मरम्मत कार्य
एक्सईएन ने बताया कि लाडनूं शहर में डीडवाना पुलिया से जलदाय विभाग होते हुए गैस एजेंसी तक क्षतिग्रस्त सड़क पर पेचवर्क कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन से जौहरी स्कूल, नीलकंठ महादेव मंदिर, ऋषभ द्वार एवं प्रथम पट्टी जैन विश्व भारती गेट तक सीसी सड़क के पेचवर्क कार्य किया जाएगा। स्टेडियम व रेलवे फाटक के पास सीसी सड़क का नवीन निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त छिपोलाई से आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय होते हुए कालीजी का चौक तक सड़क का पेचवर्क कर नवीनीकरण किया जाएगा। वहीं बस स्टैंड से हॉस्पिटल रोड, गौशाला मार्ग होते हुए सुनारी रोड धर्म कांटा तक की सड़क का भी पेचवर्क पूर्ण कराया जाएगा।
कुछ काम हुए शुरू, कुछ में टेंडर प्रक्रिया जारी
अधिशासी अभियंता जांगिड़ ने बताया कि पेचवर्क कार्य प्रारंभ किया जा चुका है और अन्य सभी निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा तथा आचार्य श्री महाश्रमण के नगर आगमन से पूर्व सभी सड़क निर्माण व मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। गौरतलब है कि आगामी 5 फरवरी को आचार्य श्री महाश्रमण का लाडनूं में मंगल प्रवेश होगा और 6 फरवरी को जैन विश्व भारती में वे अपनी साधु-संतों की धवल सेना के साथ पदार्पण करेंगे। एक साल से अधिक समय लाडनूं में प्रवास करेंगे। यहां योगक्षेम वर्ष के अवसर पर साल भर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन श्रावक-श्राविकाओं का आगमन होगा। एक साल तक प्रतिदिन लाडनूं शहर में मेला सा लगा रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।








One Response
ज़बरदस्त काम. में चाहता हूँ हर 2साल से कोई बड़े महाराज आते रहे और लाडनूं का भी सुधार होता रहे 😄