ईश्वर की आराधना के लिए संध्योपासना और यज्ञ ही सर्वोत्तम होते हैं- डॉ. यायावर, लाडनूं के आर्य समाज मंदिर में साप्ताहिक यज्ञ-सत्संग सम्पन्न

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ईश्वर की आराधना के लिए संध्योपासना और यज्ञ ही सर्वोत्तम होते हैं- डॉ. यायावर,

लाडनूं के आर्य समाज मंदिर में साप्ताहिक यज्ञ-सत्संग सम्पन्न

लाडनूं (kalamkala.in)। यहां आर्य समाज मंदिर में साप्ताहिक यज्ञ-सत्संग का आयोजन रविवार को किया गया। आर्य समाज के प्रधान डॉ. जगदीश यायावर सैनी ने यज्ञ के पुरोहित के रूप में मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ सम्पन्न करवाया। यज्ञ में सभी उपस्थित लोगों से विशिष्ट मंत्रों से आहुतियां दिलवाई गई। कार्यक्रम में प्रधान डॉ. यायावर ने ईश्वर के स्वरूप और उपासना में संध्या वंदन और पंच-यज्ञों के बारे में बताया और सबको नियमित संध्योपासना करने और यज्ञ में शामिल होने का आग्रह किया। हिसाब परीक्षक डॉ. राजेन्द्र सिंह आर्य ने आर्य समाज के सुसंचालन के लिए सबकी सामुहिक भागीदारी आवश्यक बताई। सुरेन्द्र प्रताप आर्य ने नियमित यज्ञ आयोजन को जरूरी बताया और कहा कि यज्ञ निरन्तर चलना चाहिए तथा सभी सदस्यों को इसमें शामिल होना चाहिए। पार्षद सुमित्रा आर्य ने हवन को समूची सृष्टि के लिए हितकर बताया। भंवरदास ने भजनों की प्रस्तुतियां दी, जिन्हें सराहा गया। यज्ञ प्रभारी तारा आर्य ने भी एक गीत प्रस्तुत किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने भी सबसे प्रतिदिन आर्य समाज में यज्ञ के दौरान उपस्थित होने का आग्रह किया।

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Author: kalamkala

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