लाडनूं ब्लॉक के सांवराद, बाकलिया व दुजार में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित,
विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को करवाया वैज्ञानिक विधियों से अवगत

लाडनूं (kalamkala.in)। ‘विकसित कृषि संकल्प’ अभियान के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केन्द्र मौलासर एवं कृषि विभाग डीडवाना कुचामन के संयुक्त तत्वावधान में कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन लाडनूं ब्लॉक के ग्राम पंचायत सांवराद, बाकलिया एवं दुजार में किया गया। इस अवसर पर बागवानी विशेषज्ञ डॉ. अनोप कुमारी ने केंद्र द्वारा संचालित की जाने वाली गतिविधियों से किसानों को अवगत करवाया। उन्होंने बागवानी फसलों की महत्ता बताते हुए नींबू, बेर, आंवला, जामुन, करौंदा एवं लसोड़ा आदि फलदार पौधों के बगीचे लगाने, इनकी गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री उपयोग करने व जल बचाव विधि से सिंचाई करने की विधियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को वैज्ञानिक तरीके जैसे पॉलीहाउस लो टनल, पलवार, बूंद-बूंद सिंचाई आदि तकनीक विधियों से सब्जियों का उत्पादन अपनाने की सलाह दी। डॉ. कुमारी ने किसानों को खरीफ फसलों की बुआई से पहले मिट्टी की जांच करवाकर फिर बुआई करने तथा फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता चौधरी ने प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती पर ज़ोर देते हुए खरीफ फसलों में लगने वाले कीट एवं बीमारियों के प्रबंधन के बारे में बताया। डॉ. चौधरी ने खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए समय पर बुआई, उन्नतशील किस्मों का उपयोग तथा मिट्टी एवं बीज उपचार की उपयोगिता के बारे में बताया। डॉ. चौधरी ने खरीफ फसलों के मुख्य कीट एवं बीमारियां जैसे सफेद लट, काली जड़, सफेद मक्खी, पीला मोजैक आदि के नियंत्रण की जानकारी दी। कृषि विभाग से सहायक कृषि अधिकारी सुरेश कुमार रणवा ने विभागीय योजनाओं जैसे तारबंदी, फार्म पौंड, पाली हाउस तथा कृषि यंत्रों पर जानकारी दी। इस कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षक अशोक घोटिया, चुकी चौधरी ने किसानों को कीटनाशक एवं फफूंदीनाशक दवाओं के सीमित प्रयोग के लिए किसानों से आग्रह किया।कार्यक्रम के अंत में किसानों की समस्याएं सुनी गई तथा उनका समाधान वैज्ञानिकों के द्वारा किया गया।




