सरकारी बाबुओं के कब्जे से फाइलें निकली, लेकिन ई-मित्र तो उनसे भी दो कदम तेज मिले, सुविधा-शुल्क वसूली के साथ अनियमितताओं का अम्बार, जिला कलक्टर के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग ने किया जिले के 285 ई- मित्र केंद्रो का निरीक्षण, मिली अनियमितताएं, होगी कार्रवाई

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सरकारी बाबुओं के कब्जे से फाइलें निकली, लेकिन ई-मित्र तो उनसे भी दो कदम तेज मिले, सुविधा-शुल्क वसूली के साथ अनियमितताओं का अम्बार,

जिला कलक्टर के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग ने किया जिले के 285 ई- मित्र केंद्रो का निरीक्षण, मिली अनियमितताएं, होगी कार्रवाई

रामस्वरूप सैनी पंवार, पत्रकार। डीडवाना (kalamkala.in)। सरकारी सेवाओं को बाबुओं के भरोसे नहीं छोड़ कर उनका विकेंद्रीकरण करते हुए आम जनता के बीच सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने ‘ई-मित्र’ कियोस्क स्थापित किए, लेकिन इस कियोस्क की हालत भी कमोबेश सरकारी बाबुओं की तरह ही होती जा रही है। लगभग सभी ई-मित्र संचालक लोगों से सही सलूक नहीं करते, निर्धारित दर से अधिक वसूली करते हैं, जैसे सरकारी बाबू सुविधा शुल्क लिया करते थे। और तो और इस ई-मित्र कियोस्कों द्वारा पटवारी, सरपंच, पार्षद, अध्यापक, अधिकारी आदि की डुप्लीकेट मोहरें बनवा ली जाती है और अपने कब्जे में रख कर बेधड़क उनका उपयोग करते हैं और सरकार और उपभोक्ता सबको धोखे में रखते हैं। इस कूट रचना की ऐवज में अपने कस्टमर से सेवा-शुल्क वसूलते हैं और उन्हें आभास भी नहीं होने देते कि इस प्रकार की धोखाधड़ी खुलेआम उनके साथ की जाकर ठगी की जा रही है। सरकार द्वारा ई-मित्र सेवा में धांधली बरते जाने और जनता के साथ मनमर्जी और धोखाधड़ी, लूट करनै को लेकर बहुत बार कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन बाद में उनका बिगड़ता कुछ नहीं तथा उनका पुराना ढर्रा फिर से बदस्तूर शुरू हो जाता है।

प्रिंटेड रसीद लें और अनियमितता पर टोल फ्री नम्बर पर करें शिकायत

हाल ही में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा ई मित्र कियोस्कों के सघन निरीक्षण का अभियान चलाया गया और चेतावनी दी गई है कि जिले भर में यह अभियान निरन्तर जारी रहेगा। साथ ही विभाग ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि ई-मित्र सेवाएं पूरी तरह नियत शुल्क पर उपलब्ध है और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लेना नियम के विरुद्ध है। यदि किसी ई-मित्र संचालक द्वारा अनियमितता की जाती है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, विभाग ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सेवा के बदले में प्रिन्टेड रसीद अवश्य प्राप्त करें एवं निर्धारित दर से अतिरिक्त धनराशि वसूलने पर तुरंत साक्ष्य सहित राजस्थान सम्पर्क टोल फ्री हेल्पलाईन नम्बर 181 पर शिकायत दर्ज करवाएं।

285 ई-मित्र केन्द्रों पर पाई गई अनियमितताएं

जिला कलक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग द्वारा गठित टीमों द्वारा शुक्रवार को सम्पूर्ण जिले में 285 ई-मित्र केन्द्रों का औचक सघन निरीक्षण किया गया। इनमें अधिक वसूली, रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं होने, को-ब्रांडेड बैनर नहीं होने, आईडी कार्ड नहीं पहनने और स्थान बदल कर संचालित करने की अनियमितताएं पाई गई। इन सबके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के उपनिदेशक शिवराज सोनी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 285 ई-मित्र केन्द्रों में से 6 ई-मित्र पर ओवरचार्जिंग (अधिक वसूली) पायी गयी, 72 ई-मित्र केन्द्रों पर विभाग द्वारा निर्धारित रेट-लिस्ट नहीं पायी गयी एवं 75 ई-मित्र केन्द्रों पर को-ब्रान्डेड़ बैनर नहीं पाया गया, साथ ही ई-मित्र कार्य करते समय 144 ई-मित्र धारकों द्वारा आईडी कार्ड नहीं पहना हुआ पाया गया, वहीं 39 ई-मित्र अपने निर्धारित स्थान पर संचालन नहीं पाया गया, जिन पर विभागीय नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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Author: kalamkala

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