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घरेलू एवं कार्यस्थलों पर होने वाली हिंसा सम्बंधी कानूनी प्रावधानों के साथ छात्राओं को दी महिला अधिकारों की विधिक जानकारी

घरेलू एवं कार्यस्थलों पर होने वाली हिंसा सम्बंधी कानूनी प्रावधानों के साथ छात्राओं को दी महिला अधिकारों की विधिक जानकारी

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय जयपुर के आदेशानुसार स्थानीय राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं के लिए तीन दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को किया गया। कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञ डॉ. सारिका चूंडावत ने घरेलू हिंसा कानून, मानव तस्करी विरोधी कानून, पोक्सो कानून, दहेज निषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन शोषण प्रतिषेध अधिनियम, महिला प्रताड़ना रोकने संबंधी अधिनियम आदि की संक्षिप्त जानकारी देते हुए महिला सशक्तीकरण में इन कानूनों की उपादेयता पर प्रकाश डाला। डॉ. चूंडावत ने कार्यस्थल पर होने वाले संभावित यौन उत्पीड़न पर चर्चा करते हुए छात्राओं को बताया कि इस श्रेणी में आने वाली गतिविधियों में बिना अनुमति के छूना या छूने का प्रयास करना, बोलकर या बिना बोले भद्दे इशारे करना, लगातार व बार-बार घूरना, बार-बार पीड़ाकरण, अश्लील एवं फूहड़ मजाक करना, पोर्नोग्राफी दिखाना, मेज दीवार पर अश्लील चित्र या बातें लिखना, व्यक्तिगत जीवन के बारे में अफवाहें फैलाना, अश्लील फोटो एवं साहित्य दिखाना, तरक्की का लालच दिखाकर यौन उत्पीड़न को मजबूर करना, कार्यालय समय के बाद घर या दफ्तर बुलाकर अश्लील हरकत करना, फोन मैसेज में अश्लील टिप्पणी करना आदि के साथ ऐसा कोई भी आचरण जिस पर महिला को आपत्ति हो, वह यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।

महिला सशक्तिकरण के लिए जागरूकता जरूरी 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गजादान चारण ने महिलाओं के विधिक अधिकार पर भारतीय संविधान में वर्णित प्रमुख अनुच्छेदों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान की, जिनका निर्माण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किया गया है। साथ ही महिला सशक्तीकरण के उपायों की जानकारी दी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत प्रयासों की आवश्यकता बताई। संवैधानिक प्रावधानों एवं महिलाओं के हित में पारित विभिन्न अधिनियमों को कारगर बनाने के लिए महिलाओं के स्वयं जागरूक होने की आवश्यकता बताई। विजयकुमार ने महिला सशक्तीकरण के मार्ग में आने वाली बाधाओ पर चर्चा करते हुए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्राएं भारत के संविधान में महिला सुरक्षा एवं अधिकार संबंधी मुद्दे, भारतीय न्याय संहिता में महिला अधिकारिता संबंधी प्रावधान के नवीन संशोधन एवं प्रमुख कानून की सामान्य जानकारी अवश्य रखे। कार्यक्रम में छात्राओं के अलावा महाविद्यालय स्टाफ एवं दिव्यांग संदर्भ केंद्र प्रभारी भंवरलाल एवं जगदीश प्रसाद उपस्थित रहे।

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Author: kalamkala

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