निम्बी जोधां के मनोज द्वारा बंधक बनाए प्रेमिका के पुत्र-पुत्री को सौंपने के लिए दादी ने लगाई गुहार, लिव इन पार्टनर के रूप में रह रही चूरू की सरोज की मौत के बाद मनोज ने बंधक बनाया

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निम्बी जोधां के मनोज द्वारा बंधक बनाए प्रेमिका के पुत्र-पुत्री को सौंपने के लिए दादी ने लगाई गुहार,

लिव इन पार्टनर के रूप में रह रही चूरू की सरोज की मौत के बाद मनोज ने बंधक बनाया

चूरू। निम्बी जोधां के मनोज कुमार नामक एक व्यक्ति द्वारा अपनी लिव इन रिलेशन में रहने वाली प्रेमिका के पूर्व पति से हुई संतानों को बंधक बना लेने का आरोप लगाते हुए चूरू की एक वृद्धा ने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के समक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए अपने पौत्र व पौत्री को अपनी कस्टडी में सोंपे जाने की गुहार लगाई की है। ओम कॉलोनी निवासी इस बुजुर्ग महिला का कहना है कि उसकी बहू के लिव-इन पार्टनर निम्बी जोधां निवासी प्रेमी ने उसके पोता-पोती को बंधक बना रखा है। उनकी कस्टडी उसे दिलाई जानी चाहिए। यह बुजुर्ग महिला अपने पोता-पोती की कस्टडी की मांग को लेकर अधिकारियों की ठोकर खाने पर मजबूर है। उसने एसडीएम, महिला सखी केन्द्र और सदर थाना तक गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

बेटे की मौत के बाद लाडनूं के निम्बी निवासी के साथ रहने लगी बहू

शहर के वार्ड 14 निवासी बुजुर्ग सूर्य देवी (60) ने बताया कि उसके बेटे मुकेश की शादी करीब 17 साल पहले शोभासर की सरोज के साथ हुई थी। उसके बेटा वरूण (12) और बेटी रेणु (10) है। वर्ष 2018 में मेरे बेटे मुकेश की हार्ट-अटैक से मौत हो गई। इसके बाद बहू और पोता पोती मेरे साथ रहते थे। इसी दौरान सरोज निंबीजोधा लाडनूं निवासी मनोज कुमार के संपर्क में आ गई, जिसने वर्ष 2020 में मेरा घर छोड़कर अपने बच्चों को लेकर मनोज कुमार के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने लगी। रिश्तेदारों से मुझे पता चला कि 26 अक्टूबर 2022 को प्रसव के दौरान सरोज की मौत हो गई। अब मेरे पोता-पोती बिना मां बाप के बेसहारा हो गए हैं।

सरोज की मौत के बाद मनोज ने पोते-पोती को बनाया बंधक

मनोज कुमार शराबी प्रवृति का है, जो आए दिन मेरे पोता-पोती के साथ लड़ाई और मारपीट करता है। मैं जब अपने पोता-पोती को लाने के लिए मनोज के पास गई, तो उसने मुझे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। मनोज ने मेरे पोता-पोती को बंधक बना रखा है। बुजुर्ग ने थाने में गुहार लगाकर पोता-पोती का पालन-पोषण करने का अधिकार दिलाने की मांग की। इस मामले की जांच सदर थाना के हेड कॉन्स्टेबल मनीराम और संजय कुमार चैधरी के पास थी। उन्होंने वृद्धा के बयान लेकर डॉक्यूमेंट वापस एसपी ऑफिस और एसडीएम ऑफिस भेज दिए हैं।

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Author: kalamkala

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