लाडनूं में हिन्दू नववर्ष को धूमधाम से मनाया, विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन,
आर्य समाज मंदिर पर नया ध्वज लगाया, यज्ञ किया, कहीं रंगोलियां उकेरी, तिलकार्चन किया




लाडनूं (kalamkala.in)। नव संवत्सर के अवसर पर यहां विभिन्न संस्था-संगठनों और हिंदू समुदाय के लोगों ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर हिंदू नववर्ष को एक महापर्व के रूप में धूमधाम से मनाया। यहां आर्य समाज मंदिर में नव संवत्सरेष्टि स्वस्ति यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर के ऊपर नया ओऊम् ध्वज फहराया गया। यज्ञ में विशिष्ट मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रधान डॉ. जगदीश यायावर सैनी ने बताया कि नव संवत्सर या हिन्दू नववर्ष और आर्य समाज स्थापना दिवस का गहरा संबंध है। आर्य समाज की स्थापना 10 अप्रैल 1875 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (विक्रम संवत) के पावन अवसर पर स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा मुंबई में की गई थी। यह वैदिक धर्म के पुनरुत्थान, जातिवाद के विरोध, वेदों की सर्वोच्चता और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का एक प्रमुख आंदोलन है, जिसे हर वर्ष चैत्र प्रतिपदा पर विशेष यज्ञों व आयोजनों के साथ मनाया जाता है। यह नव संवत्सर का प्रथम दिन भारतीय संस्कृति में प्रकृति के पुनरोत्थान का पर्व है। आर्य समाज के संरक्षक मुनिश्री ओमदास ने इस अवसर पर आर्य समाज की स्थापना के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि इस दिन हमें वेदों की ओर फिर से लौटने का आह्वान करना चाहिए। इस अवसर पर मुनिश्री ओमदास, डॉ. जगदीश यायावर सैनी, पार्षद सुमित्रा आर्य, यज्ञ प्रभारी तारा आर्य, निर्मल आर्य, भोलाराम सांखला, सुरेन्द्र आर्य, बाबूलाल टाक आदि उपस्थित रहे।
विभिन्न स्थानों पर सजाई रंगोलियां, तिलक लगाए, प्रसाद बांटा
लाडनूं में विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या लाडनूं व आचार्य तुलसी आदर्श शिशुवाटिका द्वारा ‘भारतीय नवसंत्सर विक्रम संवत् 2083’ का ‘मंगलकामना कार्यकम’ का आयोजन लाडनूं नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न स्थानों भैयाजी-बगीची, कालीजी का चौक, नगरपालिका, होम्योपैथी हॉस्पिटल पहली पट्टी, राहूगेट, शीतला माता चौक, रामदेव मंदिर, शिशुवाटिका छठी पट्टी, खानपुर, गनौड़ा, दुजार, बाकलिया, विश्वनाथपुरा आदि व आस-पास के क्षेत्रों में नगरवासियों, ग्रामवासियों व राहगीरों को हिन्दू नववर्ष की मंगलकामना देकर किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों पर सुंदर-सुंदर रंगोलियों बनायी गयी तथा ईश विग्रह के समक्ष प्रसाद अर्पण करके राहगीरों के तिलक करते हुए प्रसाद वितरण विद्या मंदिर के आचार्य-आचार्याओं व भैया-बहिनों द्वारा किया जाकर ‘भारतीय नववर्ष’ की मंगलकामनाएं दी गई। इस अवसर पर विद्या मंदिर की प्रबंध समिति के संरक्षक पुखराज श्रीमाल, व्यवस्थापक नंदलाल शर्मा, प्रबंध समिति के कार्यकर्ता रघुवीर सिंह राठौड व प्रधानाध्यापक खुमाराम सहित सभी आचार्य व आचार्या व समाज के प्रबुद्धजनों ने ‘भारतीय नवसंवत्सर 2083’ के ‘मंगल कामना कार्यक्रम’ में सहयोग प्रदान किया।
आने-जाने वाले सभी महिला-पुरुषों के भाल पर तिलक लगाए
भारत विकास परिषद शाखा लाडनूं द्वारा भारतीय विक्रम संवत 2083 नव वर्ष को परिषद सदस्यों ने राहुगेट के पास जाजू स्टोर के पास बहुत ही हर्ष उल्लास से मनाया। सभी सदस्यों ने आगंतुक व्यक्तियों और माता-बहिनों को तिलक लगाकर उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दी ओर नववर्ष मंगलमय होने की शुभकामनाएं दीं। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि सनातन परम्परा में हर मांगलिक ओर शुभ कार्यों में तिलक का सर्वाधिक महत्व है। अपनी संस्कृति पर गर्व करते हुए हम अपनी संस्कृति और परम्परा को आने वाली पीढ़ी तक बढ़ाने और इन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। परिषद के संरक्षक सुशील कुमार पीपलवा, महेंद्र बाफना, अध्यक्ष बृजेश माहेश्वरी, सचिव सुरेश जाजू, सीए नितेश माथुर, उपाध्यक्ष वीरेंद्र भाटी, प्रकाश चंद सिंघी, सुशील दाधीच, सह सचिव विजय चौहान, उपाध्यक्ष पदम चंद जैन अग्रवाल, राधेश्याम सांखला, गणेश चौहान आदि इस अवसर पर उपस्थित रहे।







