हीरावती चोरी प्रकरण: उधड़ रही है चोरी की परत-दर-परत,
पुलिस ने कुख्यात मोग्या गैंग के तीन आरोपियों को पकड़े जाने के साथ ही चोरी का माल बरामद करने में भी पाई सफलता,
चोरी के गहनों को गलवा कर बनाई सोने की बटी, चोरी के पैसे से खरीदी पिकअप गाड़ी और एप्पल का महंगा मोबाइल, चोर ने अपनी पत्नी के खाते में जमा करवाए चोरी के पैसे
लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के ग्राम हीरावती में हुई चोरी की वारदातों को लेकर पुलिस द्वारा किए गए ‘मोग्या गैंग’ के खुलासे के बाद पुलिस निरन्तर सफलता की ओर बढ़ रही है। मोग्या गैंग के सदस्य और चोरी के माल को खुर्द-बुर्द करने वाले की भूमिका निभाने वाले गिरफ्तार मुलजिम सीताराम की निशानदेही से पुलिस ने हीरावती चोरी प्रकरण में चुराए गए गहनों को गलाकर बनाई गई 64 ग्राम 120 मिलीग्राम सोने की बटी जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी सीताराम ने चोरी के रूपयों से एक पिकअप वाहन व एक एप्पल कपनी का आईफोन खरीदा था, उन्हें भी पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया है। साथ ही इस मोग्या गैंग के गिरफ्तार इस सदस्य सीताराम ने चोरी के रूपयों को अपनी पत्नी के खाते में जमा करवाया था। खाते में उस जमा 1 लाख 11 हजार 282 रूपयों को भी पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है। गौरतलब है कि गत 31 दिसम्बर की रात्रि को ग्राम हिरावती में नकबजनी की वारदातें हुई थी, जिनमें पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए मोग्या गैंग का पता लगाकर विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिशें दी और कुल तीन जनों को दबोचा। इनमें से एक बालक आरोपी को निरुद्ध किया जा चुका तथा दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार मुलजिम सीताराम (43) पुत्र गेखाराम, जाति मोग्या निवासी वार्ड न 22, पीलती तलाई टोंक, थाना सदर टोंक के द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अन्य विभिन्न पुलिस थानों में भी मामले दर्ज हैं।
पुलिस की अब तक की रही सफलता का विवरण
लाडनूं पुलिस ने इस चोरी के प्रकरणों के बाद बहुत ही त्वरित होकर अनुसंधान कार्य को किया। वारदात करने के तरीके से पता चला कि यह चोरियां मोग्या गैंग के सदस्यों द्वारा ही की गई हैं। मोग्या गैंग के लोग रात्रि के समय में मकान के पीछे से खिड़की व जंगला तोड़कर अन्दर घुसकर चोरी करते हैं और चोरी में केवल सोने-चांदी के आभूषणों और नकद राशि पर ही हाथ साफ करते हैं। पुलिस ने अब तक पकड़े गए निरुद्ध बाल अपचारी से कुछ स्वर्ण आभूषण बरामद किए। फिर प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार आरोपी शौभाग उर्फ प्लीत मोग्या की निशानदेही से 2.80 लाख रुपए नकद एवं चोरी में प्रयुक्त एक पॉवर बाईक जब्त किए थे और फिर तीसरे मुलजिम सीताराम की निशानदेही पर गहनों को गलाकर बनाई गई एक सोने की 64.120 ग्राम की बटी, एक महिन्द्रा कंपनी का पिकअप वाहन और
एक एप्पल कपनी का आईफोन जब्त किया गया है। साथ ही चोरी की गई रकम 1 लाख 11 हजार 282 रुपयों को एक महिला के बैंक खाते में जमा करवाया गया था, उस खाते को फ्रीज करवा दिया गया है। इस प्रकरण में संलिप्त रहे अन्य मुलजिमानों को दबोचने के लिए पुलिस की विशेष टीम अभी भी लगातार सभी संभावित ठिकानों पर दबिशें दी जा रही हैं और मामले का गहन अनुसंधान जारी है।
प्रकरण और अनुसंधान में जुटी पुलिस टीम
इस चोरी के प्रकरण के सम्बन्ध में लाडनूं पुलिस थाने में 1 सितम्बर को किशनलाल डूडी पुत्र उमाराम जाट निवासी हिरावती ने रिपोर्ट दी थी कि पिछली रात्रि करीब 1 बजे उसके भतीजे नन्दलाल के हिरावती स्थित रहवासी मकान में परिवार सदैव की भांति सो रहे थे। सुबह करीब 5.30 बजे नन्दलाल की पत्नि गंगा देवी जागी तो पता चला कि उनके अन्दर के कमरे में से सोने-चा़दी के जेवरात और नगदी कुल लगभग 9 राख 63 हजार रूपये व करीब 63 भरी सोने व 80 भरी चांदी के जेवरात अज्ञात चोर चुरा कर ले गये। इस रिपोर्ट पर मुकदमा नं. 149/2025 दिनांक- 01.09.2025 अन्तर्गत धारा-331 (4) 305 (A) बीएनएस के तहत दर्ज किया जाकर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने दिन-रात लगातार मेहनत करते हुए, फील्ड इन्टेलीजेन्स एवं आसूचना संकलन कर संदिग्ध स्थानों के सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये, तकनीकी सहायता से उक्त वारदातें मोग्या गैंग के द्वारा करना पाया गया। टीम द्वारा मोग्या गैंग के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जाकर पूर्व में विधि से संघर्षरत बालक को निरूद्ध किया और बाद में दो और आरोपियों को पकड़ा गया। इन सबके निशानदेही से अब तक सोने के गहने, गहनों को गला कर बनाई गई सोने की बटी, नकद राशि, खाते में जमा राशि, बाईक, पिकअप वाहन और एपल फोन जब्त किए जा चुके हैं। इस मामले में एसपी ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) के निर्देशन में एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा डीडवाना तथा वृताधिकारी विक्की नागपाल लाडनूं के निकटतम सुपरविजन में लाडनूं पुलिस थानाधिकारी महीराम बिश्नोई (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम के सदस्यों कांस्टेबल नवीन, सुखाराम, धर्मेन्द्र व विक्रम का सहयोग रहा।






