सेवा का भाव हो तो न दूरियां आड़े आती हैं, और न बाधाएं मार्ग रोक पाती हैं, सिलनवाद गांव के लिए एक मिसाल बने समाजसेवी बजरंग लाल सोनी, श्रीकृष्ण मंदिर व श्रीकृष्ण गौशाला ही नहीं, अनेक विकास कार्य साक्षी बन उभरे उनकी समाजसेवा के

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सेवा का भाव हो तो न दूरियां आड़े आती हैं, और न बाधाएं मार्ग रोक पाती हैं,

सिलनवाद गांव के लिए एक मिसाल बने समाजसेवी बजरंग लाल सोनी,

श्रीकृष्ण मंदिर व श्रीकृष्ण गौशाला ही नहीं, अनेक विकास कार्य साक्षी बन उभरे उनकी समाजसेवा के

   लाडनूं (भागीरथसिंह शेखावत)। तहसील के ग्राम सिलनवाद में भव्य श्रीकृष्ण मंदिर का निर्माण, विद्यालय में कक्षा-कक्ष का निर्माण, श्री कृष्ण गौशाला का संचालन, ग्वालों के लिए आवास का निर्माण, पक्का बांध बनाने का कार्य, पानी के लिए ट्यूबवेल खुदवाने का कार्य, प्रतिवर्ष भव्य विशाल जागरण करवाने आदि विभिन्न समाजसेवा के कामों में अपनी पूरी शक्ति लगाने वाले व्यक्ति सिलनवाद के ही जाए-जन्मे बजरंगलाल सोनी तेलंगाना के हैदराबाद में रह कर भी गांव की चिंता करते हैं और समय-समय पर पूर्ण सहयोग प्रदान करके गांव में विकास और सेवा के लिए किसी काम से पीछे नहीं हटते। बजरंग लाल सोनी अपने परिवार सहित पिछले चार दशक से हैदराबाद में रहते हैं और तेलंगाना के प्रख्यात बिजनेसमैन के रूप में उनकी ख्याति है।

श्रीकृष्ण मंदिर और गौशाला के विकास के कार्य

समाजसेवी बजरंगलाल सोनी और उनके परिवार का लगाव अपने गांव सिलनवाद से बहुत गहरा है। इस सोनी परिवार ने अपने गांव में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर का निर्माण करवाया, जो अपने आप में अद्वितीय है। गांव में स्कूल निर्माण में कमरे बनाना हो या करोनाकाल में जरूरतमंदों की मदद करनी हो, इनकी समाज सेवा की भावना निरन्तर प्रवाहमान है। वर्ष 2017 में गांव के प्रवासी युवाओं के साथ मिलकर इन्होंने सिलनवाद में श्री कृष्ण गौशाला की नींव रखी थी। ग्रामवासियांे के साथ मिलकर पांच वर्षों के दौरान इन्होंने व्यवस्थाओं में अपना योगदान करते हुए पूरी गौशाला भूमि की चारदीवारी, दो बड़े टीन शेड, चारा डालने के लिए एक बड़ा चारागृह और पानी की खेलियां व ग्वालों के रहने के लिए घर का निर्माण तक करवाया है। श्रीकृष्ण गौशाला का सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन भी हो चुका है। उसकी गौशाला पंजीयन संख्या- 01/नागौर/2009-10 है। इस गौशाला के अध्यक्ष बजरंग लाल सोनी हैं और सचिव तोलाराम हैं। कोषाध्यक्ष नथूराम और सहसचिव रतिराम बेरा हैं। यह संस्था व टीम गौशाला और गायों के हितार्थ लगातार सेवा के कार्यों में जुटी हुई है।

गायों के लिए बन रहा है पक्का बांध, बनेगा पक्का फर्श भी

श्रीकृष्ण गौशाला में सोनी परिवार द्वारा ट्यूबेल खुदवा कर गायों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है तथा गौशाला के ही काम को ही आगे बढाते हुए अब पक्का बांध बनाने का काम किया जा रहा है। पूर्व से पश्चिम 16 गुणा 210 फुट और उत्तर से दक्षिण तरफ 26 गुणा 150 फुटका निर्माणाधीन कार्य आगामी महीनों में पूर्ण कर लिया जायेगा। गौशाला में फर्श पर भी गायों के लिए ब्लॉक लगाना और अन्य कई तरह की सुविधाएं गायों के लिए उपलबध करवाना उनकी आगे की प्रस्तावित योजनाएं हैं। सोनी के अनुसार इस गौशाला में वर्तमान में 350 गायें हैं, जिनमें छोटे बछड़ों की संख्या 100 है। चैमासे के मौसम में गांव के किसानों की फसलों को किसी भी प्रकार का नुकसान ना हो पाए, इसक लिए गौशाला की टीम द्वारा गांव में समस्त आवारा विचरण करने वाले पशुओं की व्यवस्था भी की जाती है। पहले गांवमें आवारा पशुओं के लिए बाड़ाबंदी करने के लिए पूरे गांव से चंदा राशि उगाही जाती रही है। ऐसी प्रथा को सोनी के प्रयासों से पूरी तरह से बंद करवा दिया गया है।

बुजुर्ग हैं मार्गदर्शक, तो युवा हैं प्रेरणास्रोत

समाजसेवी सोनी का कहना है कि गांव के बुजुर्ग व युवा साथी उनके लिए आदर्श व प्रेरणा स्रोत हैं। उन्हें अपने गांव के बुजुर्गों का पूरा आशीर्वाद प्राप्त है। वे अपने सहयोगी युवा साथियों से प्रेरणा व सहयोग लेकर सदैव प्रयासरत रहते हैं। गौशाला में देखभाल की सुनिश्चितता के लिए उनके सभी बचपन के साथी व नई युवा पीढ़ी सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। सभी युवा साथियों की मदद से इस गौशाला में काफी सालों से वे प्रतिवर्ष सुप्रसिद्ध भजन-गायक कलाकारों से जागरण का प्रोग्राम करवाते आ रहे हैं। इस जागरण के दौरान आने वाली समस्त चढावा, दान-दक्षिणा की राशि को गायों के लिए ही खर्च किया जाता है। सोनी की गैरमौजूदगी में भी गांव की युवा टीम गौशाला की बेखूबी देखभाल सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं रखती। सभी गौभक्त निःस्वार्थ भाव से अपने काम को अंजाम देते हैं। सोनी के अनुसार इस विशेष देखभाल के कार्य में भागीरथ कुमानी, रामनिवास शर्मा, रतिराम बेरा, दिनेश कुमानी, तिलोक कुमानी, भंवरलाल फगोड़िया, रामचंद्र कुमानी, हरदेव डुकिया, चेनाराम कुमानी, गोरधन कुमानी, पवन शर्मा, दिनेश टूसिया आदि सभी प्रमुखतः हैं। अन्य सभी का सहयोग भी निरन्तर मिल रहा हैं।

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Author: kalamkala

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