लाडनूं में वकीलों व अर्जीनवीसों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देकर किया अनिश्चितकाल के लिए कार्य-बहिष्कार, सब रजिस्ट्रार कार्य प्रणाली को बताया असंतोषजनक, 11 बिंदुओं में की जांच की मांग, अधिकारियों को तत्काल हटाने की मांग

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लाडनूं में वकीलों व अर्जीनवीसों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देकर किया अनिश्चितकाल के लिए कार्य-बहिष्कार,

सब रजिस्ट्रार कार्य प्रणाली को बताया असंतोषजनक, 11 बिंदुओं में की जांच की मांग, अधिकारियों को तत्काल हटाने की मांग

लाडनूं (kalamkala.in)। पंजीयन कार्यों से जुड़े वकीलों व प्रलेख लेखकों ने मुख्यमंत्री के नाम का एक ज्ञापन यहां एसडीएम मिथलेश कुमार को सौंप कर लाडनूं के उप पंजीयक अनिरूद्व देव पाण्डेय, अनन्त गौड़ व सहायक प्रोग्रामर राकेश शर्मा के द्वारा की जा रही अनियमितताओं की जांच व स्थानान्तरण कराने की मांग की है। बार संघ के अध्यक्ष हुलासचन्द बैंदा, सचिव हरिराम मेहरड़ा, प्रलेख लेखक संघ के अध्यक्ष नरपतसिंह गौड़, बार संघ के पूर्व अध्यक्ष भगवती प्रसाद शर्मा, एडवोकेट मनीष शर्मा, एडवोकेट मनीष शर्मा लेड़ी, रामेश्वरलाल पटेल, विकास डारा, हिम्मताराम खीचड़, हुक्मीचंद मेघवाल, विकास प्रजापत, प्रहलाद पटेल, हरदयाल रूलानियां, मोहम्मद फारूक बल्खी, रामचन्द्र बेंदा व प्रलेख लेखक हनुमन्तसिंह परिहार, शिवप्रसाद परिहार, चन्दन डूडी आदि की तरफ से यह ज्ञापन सौंपने के बाद विरोध स्वरूप उन्होंने अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड करते हुए हड़ताल शुरू की।

यह सब बताया गया है ज्ञापन में

उपखंड अधिकारी को सौंपे गए इस 11 सूत्रीय ज्ञापन में मुख्यमंत्री के नाम से लाडनूं के उप पंजीयक (तहसीलदार व नायब तहसीलदार) व पंजीयन शाखा लाडनूं के सहायक प्रोग्रामर का तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरण कर इनके द्वारा की जा रही तानाशाही व अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि लाडनूं तहसील की पंजीयन शाखा में दस्तावेजों के पंजीयन को लेकर उप पंजीयक अनिरूद्व देव पाण्डेय व पंजीयन शाखा में गत करीब आठ सालों से एक ही सीट पर जमे हुए सहायक प्रोग्रामर राकेश शर्मा तथा नायब तहसीलदार अनन्त गौड़ द्वारा आपसी मिलीभगत से मनमर्जी व भारी अनियमिततायें बरती जा रही है। दस्तावेज प्रस्तुत होने पर जिन दस्तावेजों को अपनी मनमानी शर्तों पर पंजीयन करना उचित समझते हैं, केवल उनका पंजीयन करते हैं तथा जो इनकी अनावश्यक शर्तों की पूर्ति नहीं करते हैं, उन दस्तावजों को बिना मार्क किये और विधिक प्रक्रिया अपनाये बिना ही लौटा देते हैं। नोटेरी द्वारा प्रमाणित मुख्तारनामों के आधार पर विक्रय-पत्र आदि दस्तावेजों का पंजीयन करने से मौखिक तौर पर इंकार कर देते हैं, किन्तु जो इनकी नाजायज मांग की पूर्ति कर देता हैं, उनका पंजीयन कर देते हैं। रजिस्टर्ड (पंजीबद्ध) टाईटल के आधार पर प्रस्तुत दस्तावेजों के पंजीयन करने में आनाकानी करते हैं तथा पीछे के समस्त ऑरिजनल दस्तावेजों व जागीरी के वक्त के असल पट्टों की मांग करते हैं। अंतिम दस्तावेज पंजीबद्ध होने के बावजूद भी प्रस्तुत दस्तावेजों के पंजीयन से मौखिक रूप से इन्कार करते हैं। अनरजिस्टर्ड पारिवारिक समझौतों व अनरजिस्टर्ड वसीयतनामों के आधार पर साथ में शपथ-पत्र पेश करने के बावजूद प्रस्तुत विक्रय-पत्रों आदि का पंजीयन करने से मौखिक इन्कार करते हैं। किसी भी दस्तावेज को लिखित में इन्कार नहीं करते हैं, जबकि प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की नियमानुसार स्वीकार या इन्कार लिखित में किया जाना चाहिये। ग्राम पंचायत द्वारा जारी पुराने अनरजिस्टर्ड पट्टों के आधार पर प्रस्तुत दस्तावेजों का पंजीयन करने से मौखिक इंकार करते हैं, जबकि वर्षों पुराने पट्टों के पट्टाधारी का देहान्त हो जाने से उन पुराने पट्टों का अब पंजीयन होना संभव नहीं है एवं पुराने समय में पट्टों का पंजीयन अनिवार्य नहीं था। नाबालिग के संरक्षक माता/पिता की तरफ से निष्पादित किसी भी दस्तावेज का पंजीयन करने से मौखिक इन्कार करते हैं।

डीएलसी दरों को लेकर भी है विवाद

लाडनूं तहसील क्षेत्र की वर्तमान डीएलसी में मनमर्जी करके कृषि भूमि से संबंधित लाडनूं द्वितीय जोन को डिलीट कर दिया और लाडनूं प्रथम जोन की रेट को समस्त लाडनूं पर लागू कर दी गई, जिससे लाडनूं द्वितीय जोन से संबंधित पर भूमियों पर डीएलसी रेट लगभग दुगुनी बढ़ोतरी हो गई। इसी प्रकार जसवंतगढ में भी जोन डिलीट कर देने से उस जोन की भूमियों पर लगभग दुगुनी बढ़ोतरी हो गई। इस बारे पर संज्ञान में लाने पर भी डीएलसी को वापिस सुधार करवाने हेतु कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। डीएलसी बढ़ोतरी करनें से संबंधित आदेश व लाडनूं व जसवंतगढ़ से जोन हटाये जाने के बारे में आदेश/पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने का आवेदन-पत्र दिनांक 12/12/2024 से पंजीयन शाखा में पेंडिंग चल रहा है, बार-बार मांगने पर भी बदनियती से नकल जारी नहीं कर रहे है। पंजीयन से संबंधित समस्त कार्य राज्य सरकार व पंजीयन विभाग द्वारा जारी नियमों, अधिसूचनाओं के अनुसार नहीं करके उप पंजीयक अपनी मनमर्जी से बनाये नियमों के अनुसार ही कार्य करते हैं व नियम व अधिसूचनायें पेश करने पर कहते कि ‘मैं इनको नहीं मानता। यहां पर जैसा मैंं कहूंगा वे ही नियम चलेंगे।’ विभागीय अधिसूचना के अनुसार पचास लाख रूपये या उससे अधिक कीमत के दस्तावेजों का पंजीयन से पूर्व मौका निरीक्षण करना अनिवार्य है तथा दस लाख रूपये से अधिक कीमत के दस्तावेज का मौका निरीक्षण रेण्डम लॉटरी अनुसार किया जाता है तथा इससे कम कीमत के दस्तावेजों का मौका निरीक्षण अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उप पंजीयक द्वारा दस लाख से कम के लगभग समस्त दस्तावेजों का पंजीयन हेतु प्रस्तुत दस्तावेज के समय ही मौके का अंकन चैक लिस्ट पर करके जानबूझकर दस्तावेज पंजीयन में देरी की जाती है तथा जल्दी पंजीयन के लिए अनुचित मांग की जाती है। समस्त प्रलेख लेखक व अधिवक्ताओं ने उक्त तीनों को बार-बार कानूनी नियमों व विभाग द्वारा जारी आदेशों की प्रतियां के साथ बार-बार समझाईश की गई, लेकिन ये तीनों अपनी हठधर्मिता पर अड़े हुये हैं एवं अपने अनुचित तरीके ही दस्तावेज पंजीयन हेतु दबाव बना कर मनमर्जी से दस्तावेजों को पंजीयन/मौखिक इन्कार करते हैं।

अनिश्चितकाल के लिए किया वर्क सस्पेंड

ज्ञापन में तीनों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की जाकर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाने एवं जांच के दौरान तीनों को यहां से तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरण किया जाने की मांग की गई है तथा अंदेशा जताया गया है कि अन्यथा जांच प्रभावित होगी और न्याय से वंचित रह जायेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि तीनों के विरूद्ध कार्यवाही व स्थानांतरण नहीं हो, तब तक प्रलेख लेखक संघ व बार संघ लाडनूं द्वारा 21 फरवरी से पंजीयन संबंधित कार्यो का वर्क सस्पेंड व अनिश्चिकालीन धरना, प्रदर्शन व शांतिपूर्वक आंदोलन किया जायेगा। ज्ञापन की प्रतियां केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, गृह मंत्री राजस्थान, राजस्व मंत्री राजस्थान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री राजस्थान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, विधायक मुकेश भाकर, भाजपा नेता करणी सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह ओड़ींट, राजस्व मंडल अध्यक्ष, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक व उप महानिरीक्षक तथा जिला कलेक्टर को भेजी गई है।

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Author: kalamkala

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