लाडनूं में रुडीप, एल.एंड टी. और छोटे ठेकेदारों की तिकड़ी में पिस रही है जनता, कौन सुध लेगा इनकी,
कहीं टूटी सड़कें, कहीं खड्डे, कहीं खुले चैम्बर, कहीं टूटे और ऊबड़-खाबड़ ढक्कन, शहर भोग रहा है सीवरेज का दंश

लाडनूं (kalamkala.in)। पूरे लाडनूं शहर में चल रहा सिवरेज का कार्य अभी पूर्णता से बहुत दूर है और पूरा होने से पहले ही उसके हालात बदतर हो चुके हैं। मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं किए जाने, काम में पूरी गुणहीनता और घटिया सामग्री के प्रयोग के साथ लापरवाही, लेट लतीफी और मनमर्जी के कारण शहर के लोग दु:खी, परेशान और हैरान हैं। कहीं तोड़ी गई सड़कों को बिना बनाए छोड़ दिया गया, कहीं मरम्मत के नाम पर ऐसा काम किया गया है कि लोगों को आवागमन में भी भारी दुविधाएं होने लगी हैं, कहीं पहली ही बरसात में सड़कें जमीन में धंस चुकी है। सड़कों के बीच में बनाए गए सीवर लाईन के सभी चैम्बर दुर्दशा के शिकार हैं, जो कभी भीषण दुर्घटना के कारण बन सकते हैं। कहीं चैम्बर के ढक्कन जमीन में धंस चुके, कहीं ये कवर जमीन से काफी ऊपर उभरे हुए हैं, कहीं चैम्बर खुले पड़े हैं और कहीं चैम्बरों के ढक्कन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इन सबसे कभी भी कोई बड़ा हादसा संभव है। हालांकि आएदिन दुपहिया वाहन चालकों के गिरने की घटनाएं होती ही रहती हैं। सीवरेज का लाभ तो पता नहीं कब मिलेगा, लेकिन फिलहाल सीवरेज का दंश जरूर शहरवासी भुगत रहे हैं।
आखिर कौन सुध लेगा इन बदतर हालातों की
इन सबकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है। नगर पालिका इसे अपना काम नहीं समझने से इन्हें देखती तक नहीं है। रुडीप के अधिकारी अधिकांशतः एसी के अपने चैम्बर संभालते हैं और सारा काम एल.एंड टी. पर छोड़ रखा गया। इधर एल एंड टी ने विभिन्न सब ठेकेदार बना कर पेटी कांट्रेक्ट पर काम ऐसे लोकल लोगों को दे रखा है, जो नगर पालिका का मनमाने ढंग से काम करने के आदी रहे हैं। अब गुणवत्ता कहां से और कैसे आएगी? शहर की हालत जगह-जगह खराब करके छोड़ दी है। अब यहां के राजनेताओं और जन नेताओं की जिम्मेदारी है कि इनके लिए आवाज उठाएं और शहरवासियों को राहत दिलाएं।






