रतननगर के जगदीश प्रसाद कटारिया बने समाजसेवा की अनूठी मिसाल, शेखावाटी अंचल में शिक्षा सेवा के क्षेत्र में लगातार अपूर्व सहयोग
एक करोड़ रुपए के करीब सरकारी व निजी स्कूलों, छात्रावास आदि में विकास कार्य करवाने के उत्कृष्ट उदाहरण सामने
बाबूलाल सैनी, पत्रकार। लक्ष्मणगढ़ (kalamkala.in)। शिक्षा सेवा व समाजोत्थान के क्षेत्र में कभी-कभी ऐसी कहानी लिखी जाती है, जो इतिहास बन जाते है। कुछ इसी तरह की प्रेरणादायक कहानी है शेखावाटी अंचल के छोटे से गांव रतननगर के रहने वाले जगदीश प्रसाद कटारिया की, जो स्वयं मात्र भले ही उस जमाने में छठी कक्षा तक पढ़े हों, पर वर्तमान में इनकी दिली-तमन्ना है कि आज का युवा शिक्षित व संस्कारित बनकर देश की सेवा करे। कटारिया शिक्षा, चिकित्सा व समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्र में अनगिनत लोगों ने अपने सेवा कार्यों की अनूठी मिसाल कायम करते हुए सेवा कार्य करने में जुटे हैं।
कंस्ट्रक्शन के काम में देश-विदेश में मिली विशेष प्रतिष्ठा
प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी 80 वर्षीय जगदीश प्रसाद कटारिया ने शिक्षा व समाजसेवा के क्षेत्र एक अनूठी मिसाल कायम की है। 27 जनवरी 1946 को मोतीराम कटारिया व श्रीमती नानूदेवी कटारिया के घर जन्मे जगदीश प्रसाद कटारिया ने मात्र छठी तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद कामकाज की तलाश में 1962 में मुम्बई की ओर रुख किया, जहां भवन निर्माण के कार्य से जुड़े तथा वहां से बाद में दुबई पहुंचे। दोनों ही स्थानों पर कठिन परिश्रम व लगन से काम करते हुए भवन निर्माण के क्षेत्र में कदम रखते हुए 1977 में कंस्ट्रक्शन के कार्य को बढ़ावा देते हुए नामचीन कान्ट्रेक्टर बन गये तथा महाराष्ट्र, गुजरात व राजस्थान में लंबा चौड़ा कंस्ट्रक्शन का काम करते हुए प्रतिष्ठित कांट्रेक्टर के रूप में स्थापित हुए।
एक करोड़ के कार्य शिक्षा व परोपकार में करवाए
इसी दौरान धार्मिक, सामाजिक व शिक्षा के क्षेत्र में अपने पिता से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाने में जुटे। सहजता, सरलता, धार्मिकता, शिक्षा प्रेम और समाज सेवा की मिसाल बने कटारिया ने करीब एक करोड़ रुपए के लगभग के शिक्षा व परोपकार के कार्यों के लिए समर्पित कर शेखावाटी अंचल में सेवा की मिसाल कायम कर चुके हैं। कटारिया ने फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के नेठवा गांव की सरकारी स्कूल को एक तरह से गोद लेकर स्कूल के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए हर संभव आवश्यक सहयोग मे जुटे रहते हैं। कटारिया ने इस विद्यालय में विकास का दौर उस समय शुरू किया, जब विद्यालय सिर्फ छठी कक्षा तक था, जिसे बाद में 8वीं व 10वीं तक क्रमोन्नत करवाने के लिए विशेष प्रयास किया तथा वर्तमान में उक्त विद्यालय सीनियर सेकेंडरी तक है। कटारिया ने नेठवा के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में अपने माता-पिता की स्मृति में सभा कक्ष, कक्षा कक्ष, बरामदे, टीन शेड, सड़क, फर्श का निर्माण कार्य करवाया है। वहीं फर्नीचर, कम्प्यूटर लैब, मानदेय पर रखे गए विषय अध्यापक का मासिक मानदेय, बच्चों के बैठने व पढ़ने के स्टूल टेबल, टाई, बैल्ट, स्कूल बैग, विद्यार्थियों का शाला-शुल्क, इनवर्टर, बैटरी, ट्यूबवेल, सबमर्सिबल पंप, पेयजल के लिए संपूर्ण विद्यालय में पाइप लाइन, टूंटी, विद्यालय भवन का रंग-रोगन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं व संसाधनों की व्यवस्था कर शिक्षा सेवा की एक बड़ी मिसाल कायम की है।
विभिन्न जगहों पर करवाए सामाजिक सेवा के विशेष कार्य
सामाजिक व धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने व सहयोग करने वाले जगदीश प्रसाद कटारिया ने चूरू जिला मुख्यालय पर संचालित श्री देवीदास हनुमान बगीची में संचालित छात्रावास में 2 कमरों का निर्माण करवाया है। जबकि रतननगर की गांधी बाल विद्या मंदिर में कक्षा-कक्ष का निर्माण व बोरिंग के साथ-साथ रतननगर के सैनी गेस्ट हाउस में कमरा व मंदिर निर्माण सहित गैस्ट हाउस के सर्वांगीण विकास में अहम् भूमिका निभाई है। इसी तरह महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षण संस्थान सीकर व सैनी समाज रामगढ़ शेखावाटी में भवन निर्माण में आर्थिक सहयोग प्रदान किया है।बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाने में जगदीश प्रसाद कटारिया शेखावाटी अंचल में एक नामी-गिरामी शख्सियत हैं, जो हर समय दिलों दिमाग में सेवा कार्य की ही सोच रखते हुए सामाजिक कार्यों में जूटे हुए हैं।






