पुलिस महकमे में मचा हड़कंप-
एएसआई रामस्वरूप बिश्नोई गिरफ्तार, एसीबी की बड़ी कार्रवाई, चाय के ढाबे पर 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रेप कर दबोचा,
एएसआई ने की थी 50 हजार रुपए रिश्वत की डील और 30 हजार पहले ले चुका, शेष 20 हजार लेते हुए चढ़ा एसीबी के हत्थे, लाडनूं थाने में भी रह चुका था रामस्वरूप


नागौर/ जयपुर (kalamkala.in)। नागौर जिले के मेड़ता सिटी थाने में कार्यरत सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रामस्वरूप बिश्नोई द्वारा मेड़ता सिटी थाने में दर्ज मारपीट के क्रॉस केस में परिवादी के भाई को गिरफ्तार करने की बात कह कर पैसों की डिमांड की गई थी। इस मारपीट के मुकदमे में मदद करने की ऐवज में 50,000 रुपयों की रिश्वत की मांग करके डील फाइनल करने और परिवादी के भाई से 30 हजार रुपए डरा-धमका कर पहले ले लेने तथा 20 हजार रुपए थाने के पास एक चाय के ढाबे में बुला कर लेते हुए एएसआई रामस्वरूप बिश्नोई को मंगलवार को रंगे हाथों एसीबी की नागौर की ट्रेप टीम ने दबोच लिया। इस मामले में एसीबी की नागौर चौकी को मिली शिकायत पर उसका सत्यापन 30 अक्टूबर को करवाया जाकर फिर जाल बिछाया गया, जिसमें रिश्वतखोर एएसआई फंस गया और एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई है। एएसआई रामस्वरूप विश्नोई पहले लाडनूं पुलिस थाने में हेड कांस्टेबल के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
एसीबी के शिकंजे में फंसे रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचारी
राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से लगातार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई की जा रही है। बीते सोमवार को एसीबी की टीम ने राजीविका के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते झुंझुनूं में ट्रैप किया था। अब जयपुर एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर नागौर एसीबी चौकी इकाई द्वारा मंगलवार (11 नवम्बर) को मेड़ता पुलिस थाने में बड़ी कार्यवाही करते हुए एएसआई रामस्वरूप बिश्नोई को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मारपीट के क्रोस केस में गिरफ्तारी नहीं करने के बदले की रिश्वत की डील
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि नागौर एसीबी चौकी को एक शिकायत इस आशय की मिली कि परिवादी के विरूद्ध पुलिस थाना मेड़ता सिटी में दर्ज मारपीट के क्रोस प्रकरण में परिवादी की मदद करने व उसके भाई सहित अन्य परिजन को गिरफ्तार नहीं करने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। टीम ने 30 अक्टूबर को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया, जिसमें आरोपी द्वारा 50 हजार रूपये रिश्वत राशि की मांग कर जल्द से जल्द रिश्वत राशि देने हेतु दबाव बनाना पाया गया। इसके बाद 1 नवंबर को एएसआई रामस्वरूप बिश्नोई ने परिवादी के भाई को मेड़ता थाने बुलाकर डरा-धमकाकर 30 हजार रूपये रिश्वत राशि प्राप्त की और 20 हजार रूपये की रिश्वत पूर्व में तयशुदा अनुसार देने बाबत परिवादी के परिचितों के साथ बार-बार सूचना भिजवाकर रिश्वत राशि देने के लिए दबाव बनाया गया।
इस तरह जाल बिछा कर पकड़ा रिश्वतखोर एएसआई को
इसके बाद एसीबी टीम ने शिकायत पर कार्रवाई के लिए एसीबी रेंज अजमेर के पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह राणावत के सुपरवीजन में नागौर एसीबी चौकी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्पना सोलंकी के नेतृत्व में ट्रेप दल के साथ पहुंचकर कार्यवाही करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछा कर ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें रिश्वतखोर आरोपी एएसआई फंस गया और मंगलवार को 20,000 रुपए की घूस परिवादी से लेते हुए रंगे-हाथों आरोपी एएसआई रामस्वरूप को गिरफ्तार किया गया है। नागौर एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्पना सोलंकी ने बताया कि परिवादी द्वारा शिकायत मिलने पर मेड़ता सिटी थाने में कार्यरत एएसआई रामस्वरूप बिश्नोई, जो 50,000 रुपये की डिमांड कर रहा था। पूरी घटना का सत्यापन 30 तारीख को करवाया गया, जिसमें रिश्वत सम्बंधी पूरी शिकायत सही साबित हुई। इस पर एसीबी नागौर चौकी टीम ने ट्रेप की कार्रवाई कर आरोपी एएसआई रामस्वरूप को चाय की होटल पर 20 हजार रुपए रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार कर लिया।
क्वार्टर की तलाशी ली, अन्य ठिकानों पर भी मारेंगे छापे
इस मामले में एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में आरोपी से पूछताछ और अग्रिम कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। एसीबी की टीम एएसआई रामस्वरूप बिश्नोई को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है व अग्रिम कार्रवाई जारी है। टीम ने एएसआई के सरकारी क्वार्टर की तलाशी ली है। वहीं माना जा रहा है कि एएसआई के अन्य ठिकानों पर भी एसीबी छापेमारी करेगी।






