जसवंतगढ पुलिस पर लगे अपहरण व फिरौती मांगने के संगीन आरोप, विभिन्न गड़बड़ियां आई सामने, क्या कारण रहे थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों के निलम्बन के पीछे, दलित महिला से दुष्कर्म के मामले में रही लापरवाही

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जसवंतगढ पुलिस पर लगे अपहरण व फिरौती मांगने के संगीन आरोप, विभिन्न गड़बड़ियां आई सामने,

क्या कारण रहे थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों के निलम्बन के पीछे, दलित महिला से दुष्कर्म के मामले में रही लापरवाही

लाडनूं (kalamkala.in)। हाल ही में जसवंतगढ पुलिस थाने से थानाधिकारी व एक महिला सिपाही सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया थाने के पीछे की कहानी चौंकाने वाली है। इसमें पुलिस द्वारा खुलेआम कानून का उल्लंघन, पूरी तरह मनमानी और चौथवसूली की कारस्तानियों का खुलासा हुआ है। इस मामले में किसी शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ऋचा तोमर ने जसवंतगढ़ पुलिस थाने से थानाधिकारी जोगेन्द्र सिंह राठौड़, हेड कांस्टेबल महेश, महिला कांस्टेबल सुमिता और कांस्टेबल बबलेश को गत 2 नवम्बर को निलम्बित कर दिया था।

दलित महिला के साथ दुष्कर्म के इस प्रकरण की जांच में हुई गड़बड़ी

इस मामले के पीछे एक दुष्कर्म के प्रकरण की कहानी है, जो जसवंतगढ पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। यह एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म का नामजद मामला था। यह मामला 27 अक्टूबर को दर्ज हुई, जिसमें बताया गया कि 18 फरवरी 2024 की रात करीब 8-9 बजे, जब वरह घर लौट रही थी, हरियाणा निवासी अमन उसे अपनी कार से चर पर छोड़ देने का कह कर लें गया और उसके मोबाइल नम्बर ले लिए तथा उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीली चीज पिलाई। बाद में आरोपी ने उसे टेलिग्राफ से कॉल करके और उसके वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दिल्ली बुला लिया। वह 22 अक्टूबर को उससे मिलने दिल्ली गई, जहां वह अपनी कार में बैठा कर ले गया और कई बार गलत काम किया।

कहां-क्या किया जसवंतगढ़ पुलिस ने, जानें पूरी बात

पुलिस ने मुलजिम अमन निवासी फरकपुर हरियाणा के खिलाफ यह रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन उसे एससी-एसटी एक्ट में नहीं लिया गया, जबकि यह मामला स्पष्टतः अनुसूचित जाति अत्याचार का था। इस मामले में पुलिस ने बिना गिरफ्तारी वारंट के, उच्च अधिकारियों की अनुमति के एवं मामले में जांच किए बिना ही दूसरे राज्य हरियाणा के पानीपत जाकर आरोपी अमन को पकड़ कर लाया गया और मात्र शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। साथ ही इस मामले में आरोपी युवक को छोड़ने के बदले 70 हजार रुपए मांगे जाने की जानकारी भी मिली है। 40 वर्षीय आरोपी अमन इटली रहने वाला एन.आर.आई. है। उसके खिलाफ जसवंतगढ पुलिस थाने में एक दलित महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में आरोपी की शांतिभंग में गिरफ्तारी के बाद उसे एसडीएम कोर्ट पेश किया गया और कोई जमानत लेने वाला नहीं होने से जेल भिजवा दिया गया। बाद में इस मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गई और जांच सीआई से बदल कर सीओ को सौंपी गई।

हरियाणा में दर्ज हुई अमन के अपहरण और फिरौती मांगे जाने की रिपोर्ट

हरियाणा के यमुनानगर जिला के फरकपुर पुलिस थाने में आरोपी के परिजनों ने एक एफआईआर भी दर्ज करवा कर अमन के अपहरण व फिरौती के 70 हजार रुपए मांगे जाने का आरोप लगाये गये हैं। इसमें बताया गया है कि अमन के खिलाफ राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के जसवंतगढ़ पुलिस थाने में रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कर पानीपत से किडनैप कर उठाया गया है। इस पुलिस स्टेशन से फोन कर धमकी दी गई है कि 70 लाख रुपए दोगे तो ही उसको छोड़ेंगे, नहीं तो उसे रेप के झूठे केस में फंसा देंगे। यह मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है तथा जांच जारी है। यह एफआईआर अमन के मामा सुखदेव सिंह दहिया ने दर्ज करवाई है।

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Author: kalamkala

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