सांवराद में आनन्दपाल की स्मृति में हुआ विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

स्मृति सभा में उठी सांवराद हंगामे के मुकदमे वापिस लेने की मांग

लाडनूं। तहसील के ग्राम सांवराद में आनंदपाल सिंह सांवराद की स्मृति में विशाल रक्तदान शिविर एवं शोकसभा का आयोजन किया गया। शिविर में भाग लगने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। शिविर में रक्त का संग्रहण करने के लिए विभिन्न स्थानों से कुल 14 ब्लड बैंकों की टीमें देर शाम तक लगी रही। रक्तदान शिविर को लेकर पिछले काफी दिनों से गांव-गांव में जन चेतना यात्राएं निकाली गई और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया। इस रक्तदान शिविर द्वारा एक कीर्तिमान कायम करने की धारणा लेकर चला जा रहा था। रक्तदान की ब्लड यूनिट संख्या को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी रही। हालांकि भारी संख्या में लोगों ने ब्लड डोनेट किया, लेकिन यह संख्या 1800 से लेकर 7000 से भी अधिक तक बताई जा रही है। अधिकृत आंकड़े जारी नहीं किए जा सके।

सांवराद में हुए मुकदमे वापस लिए जाएं

सांवराद में आयोजित आनन्दपाल सिंह सांवराद की स्मृति सभा में आनन्दपाल के भाई मंजीतपाल सिंह ने बताया कि यह रक्तदान शिविर की श्रृंखला है, जो लगातार एक महीने तक जारी रहेगी। यह श्रृंखला  बलवीर सिंह बानूड़ा की पुण्यतिथि पर 24 जुलाई को सीकर जिले के गांव बानूड़ा में सम्पन्न की जाएगी। मंजीतपाल ने 2017 के सांवराद आन्दोलन के दौरान सरकार द्वारा जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज किये गए थे, उनको वापिस लेना चाहिए। उन्होंने सरकार द्वारा एनकाउंटर की बताई कहानी को अविश्वसनीय बताया। सरकार को राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं की तरह ही इन मुकदमों को वापिस लेकर राहत प्रदान करनी चाहिए।

इस सम्बंध में शीघ्र ही प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री से मिलेगा। इस अवसर पर सांवराद पहुंचे प्रमुख लोगों में पाबोलाव धाम के साध्वी देवा ठाकुर, आनन्दपाल की पुत्री योगिता सिंह, भाई मंजीतपाल सिंह, महंत स्वामी कमलेश भारती, रावणा राजपूत सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रमसिंह भाटी, प्रदेशाध्यक्ष रणजीत सिंह सोढाला, जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह बिरलोका, बाड़मेर जिलाध्यक्ष ईश्वरसिंह जसोल, पाली जिलाध्यक्ष मूलसिंह, अजमेर जिलाध्यक्ष शंकरसिंह, सीकर जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह, पहाड़सिंह, गोपाल सिंह जोधा, ओबीसी मोर्चा के नंदकिशोर स्वामी, दौलतराम पैंसिया, सह संयोजक अमरसिंह हाथोज, देवेंद्र सिंह नून, योगेन्द्र सिंह करेरी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह ओड़ींट, जगदीश पारीक, कालूराम गेनाणा, भवानी सिंह आसोटा आदि शामिल रहे।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

नौ करोड़ राजस्थानियों की अस्मिता की प्रतीक राजस्थानी भाषा को अविलंब मिले संवैधानिक मान्यता- राजेश विद्रोही, उर्दू के ख्यातनाम शायर का खुला विद्रोह, अब केवल और केवल लिखेंगे राजस्थानी में, अद्भुत संकल्प-शीघ्र मिले मान्यता

शहर चुनें

Follow Us Now