धर्म, संस्कृति व राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहे महाराणा प्रताप- यायावर, पूर्व विधायक ठा. मनोहर सिंह के सान्निध्य में मनाई महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

धर्म, संस्कृति व राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहे महाराणा प्रताप- यायावर,

पूर्व विधायक ठा. मनोहर सिंह के सान्निध्य में मनाई महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि

लाडनूं। यहां कमल सैनी चौक स्थित महाराणा प्रताप सर्किल पर गुरुवार देर शाम को हिन्दवा सूरज महाराणा प्रताप की पुण्य तिथि पूर्व विधायक मनोहरसिंह के सानिध्य में समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोहरसिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने प्रताप पूर्वक अकबर की आधीनता स्वीकार नहीं की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जगदीश यायावर ने कहा कि महाराणा प्रताप धर्म, संस्कृति व राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहे। उसके पदचिन्हों पर चलते हुए हमें भी अपने राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा को सर्वोपरि मान कर समझौतावादी नीति का त्याग करना चाहिए। साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता बताई। इस मौके पर भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष नीतेश माथुर, युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मुकेश शर्मा, रघुवीरसिंह राठौड़, एडवोकेट गोविन्दसिंह कसुम्बी, नारायणलाल शर्मा, गौपुत्र सेना के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, मुकेशसिंह बिदावत, अरविन्दसिंह, राजेन्द्र चोटिया, बजरंगलाल यादव, रामावतार टाक, गणेश चौहान, हीरालाल ओझा, रवि सांगेला, रामचन्द्र टाक, परविन्द्र सिंह,अक्षय शर्मा, विक्रमसिंह, विशाल बारासा, प्रवीन लोठ, नोरतन गहलोत, लक्की शर्मा, देवांशु सांखला, आदित्य जांगिड़, शुभम बारासा, बालकिशन सैनी, रोहित भार्गव, यश चौहान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वीरेंद्र भाटी ने किया।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

नौ करोड़ राजस्थानियों की अस्मिता की प्रतीक राजस्थानी भाषा को अविलंब मिले संवैधानिक मान्यता- राजेश विद्रोही, उर्दू के ख्यातनाम शायर का खुला विद्रोह, अब केवल और केवल लिखेंगे राजस्थानी में, अद्भुत संकल्प-शीघ्र मिले मान्यता

शहर चुनें

Follow Us Now