बिना दहेज के बंधा वैवाहिक बंधन, समाज सुधार की दिशा में बना एक मिसाल

शकील अहमद उस्मानी, जर्नलिस्ट। डीडवाना/ लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं तहसील के ग्राम इन्द्रपुरा में समाज में एक मिसाल कायम करने वाला विवाह सम्पन्न हुआ है, जिसमें वर पक्ष द्वारा शगुन के तौर पर केवल एक रुपया और नारियल लेकर वधु को सम्मान पूर्वक विदा करवा कर अपने घर लाए। गांव गुणपालिया के मूल निवासी तथा भारतीय सेना से निवृत्त सूबेदार गजेंद्र सिंह ठोलिया, जो वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंघाना में वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और डीडवाना के संतोषी नगर में निवास करते हैं, ने अपने पुत्र अनिल ठोलिया का विवाह तहसील लाडनूं के गांव इंद्रपुरा निवासी भंवरलाल कड़वासरा की पुत्री पूजा कड़वासरा के साथ किया। इस विवाह की खास बात ये रही कि दोनों परिवारों ने समाज में फैली दहेज प्रथा का पूर्णतः बहिष्कार करते हुए मात्र प्रतीक स्वरूप एक रुपया और नारियल का लेनदेन कर यह विवाह संपन्न किया। इस सादगीपूर्ण विवाह ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है कि रिश्ते आपसी समझ, संस्कार और विश्वास से मजबूत होते हैं, न कि दहेज और दिखावे से। आसपास के क्षेत्र में इस विवाह को लेकर चर्चा रही। सभी लोगों ने ठोलिया और कड़वासरा परिवार के इस निर्णय की खुलकर सराहना की है तथा इसे समाज सुधार की दिशा में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है।






