स्थानीय निकाय सशक्त होने पर ही सरकार भी मजबूत होती है- स्वायत्त शासन मंत्री खर्रा,
‘विकसित राजस्थान 2047 : रोडमेप फोर लोकल सेल्फ गवर्नमेंट’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित, लाडनूं से भी शामिल हुए प्रतिनिधि, सुमित्रा आर्य ने बताई लाडनूं की समस्याएं



जयपुर (kalamkala.in)। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार के तत्वावधान में यहां जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित होटल क्लार्क्स आमेर में ‘विकसित राजस्थान 2047 : रोडमेप फोर लोकल सेल्फ गवर्नमेंट’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। यह आयोजन फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल की ओर से किया गया। इस कार्यशाला में समस्त नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं से एक-एक जनप्रतिनिधि एवं एक-एक अधिकारी उपस्थित रहे। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर एवं स्थानीय निकाय विभाग की उपनिदेशक (क्षेत्रीय) सना सिद्दीकी आरएएस के निर्देशानुसार नगर पालिका लाडनूं से पालिका अधिकारी अखिलेश पारीक और जनप्रतिनिधि के रूप में पार्षद सुमित्रा आर्य शामिल हुए। पार्षद आर्य ने स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को लाडनूं शहर के विकास और नगर पालिका के समक्ष आने वाली समस्याओं और चुनौतियों से अवगत करवाया। खर्रा ने उन्हें आगामी चार-पांच दिनों में समस्या के निस्तारण का भरोसा उन्हें दिलाया। पालिकाध्यक्ष रावत खां लाडवाण ने बताया कि उन्होंने अपने स्थान पर नगर पालिका की वरिष्ठतम पार्षद सुमित्रा आर्य को भिजवाया था। इस एक दिवसीय सेमिनार को सम्बोधित करते हुए स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने पहले बसाए गांवों में सभी व्यवस्थाएं की। उस वक्त उनका ड्रेनेज सिस्टम, सफाई, शुद्ध वातावरण, चौड़ी सड़कें आज से बेहतर थी। जब स्थानीय निकाय सशक्त होते हैं तो सरकार भी मजबूत होती है। शहरों का विकास होना चाहिए उनके व्यवस्थित तरीके से।
शहरों का विकास व्यवस्थित तरीके से हो
सेमिनार में ग्रेटर निगम मेयर सौम्या गुर्जर ने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए सभी की जिम्मेदारी है। शहरों का विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होने से नहीं है, शहरों का विकास उनके व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए।
समस्याओं का तात्कालिक निस्तारण बहुत जरूरी
कार्यक्रम में शासन सचिव रवि जैन ने कहा कि साफ-सफाई केवल घर के बाहर की नहीं है।इसके साथ में बहुत सारे पहलू जुड़े हुए हैं। डोर टू डोर कचरा संग्रहण, सॉलिड वेस्ट, कचरा निस्तारण सहित कई है।समस्याओं का तात्कालिक निस्तारण बहुत जरूरी है। अरबन एरिया में पिछले कुछ दशकों में वृद्धि हुई है। शासन सचिव जैन ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जो अनुभव पवन अरोड़ा को है, वो शायद यहां बैठे किसी को भी नहीं होगा। उन्होंने जयपुर की तस्वीर बदलने वाले कार्य किए हैं। यहां तक कि हाउसिंग बोर्ड को तो अब पवन अरोड़ा के नाम से जानते हैं।प्लानिंग होगी, तभी शहर को सुंदर बनाया जा सकता है। शहरी सरकारों में आर्थिक चुनौतियां बहुत हैं। आर्थिक चुनौतियों को दूर करने के लिए हमारी एक टीम सूरत भी जाकर आई है।
किसी भी देश की जीडीपी में शहरी विकास बड़ा योगदान
इस मौके पर फर्स्ट इंडिया के सीईओ एंड मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि शहरी विकास देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन होता है। किसी भी देश की जीडीपी में शहरी विकास बड़ा योगदान देता है। शहर का इस तरह विकास हो कि जनता अच्छा जीवन जी सके। शहरी विकास भी इस तरह का हो कि शहर उसका बोझ ढो सके। अरोड़ा ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से आने के बाद भी मंत्री जी ने जो कर दिखाया, वो ये साबित करता है कि विजन किसी की बपौती नहीं है। राजस्थान अब एक अग्रणी प्रदेश बन चुका है। पवन अरोड़ा ने कहा कि एक दौर था जब प्रदेश को बीमारू प्रदेश कहते थे, लेकिन अब राजस्थान तरक्की के पथ पर है।





