आचार्यश्री महाप्रज्ञ की 105वीं जयंती पर भारत सरकार ने जारी किया चांदी स्मृति सिक्का, जैविभा विश्वविद्यालय के प्रयासों से जारी किया गया 100 रुपए मूल्य का स्मारक-सिक्का

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आचार्यश्री महाप्रज्ञ की 105वीं जयंती पर भारत सरकार ने जारी किया चांदी स्मृति सिक्का,

जैविभा विश्वविद्यालय के प्रयासों से जारी किया गया 100 रुपए मूल्य का स्मारक-सिक्का

लाडनूं (kalamkala.in)। भारत सरकार द्वारा तेरापंथ धर्मसंघ के दसवें आचार्य और जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के द्वितीय अनुशास्ता एवं महान दार्शनिक संत आचार्य महाप्रज्ञ की 105वीं जयंती के उपलक्ष्य में 100 रुपए का चांदी का स्मारक-सिक्का जारी किया गया है। वित्त मंत्रालय ने 24 जुलाई को एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर इस सिक्के की पुष्टि की थी। आचार्य महाप्रज्ञ एक जैन मुनि व आचार्य ही नहीं, बल्कि जन-जन के लिए बिना किसी भेदभाव के आध्यात्मिक गुरु थे। वे दूरदर्शी विचारक थे। सन् 1920 में उनका जन्म हुआ। उन्होंने अपना जीवन अहिंसा, ध्यान और नैतिक जीवन के लिए समर्पित कर दिया। उनकी स्मृति में भारत सरकार द्वारा सिक्का जारी करा गौरव की बात है। आचार्य महाप्रज्ञ का स्मृति-सिक्का जारी करने को लेकर जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय के पत्र-व्यवहार एवं श्रीमती दिवा जैन के सहयोग एवं सम्पर्क से भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा इस स्मृति-सिक्के को जारी करने का गजट नोटिफिकेशन करके सिक्का जारी किया गया है। यह सिक्का जारी करने पर जैविभा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने भारत सरकार के प्रति आभार जताया है तथा आचार्य महाप्रज्ञ के की 105वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए विश्वविद्यालय के द्वितीय अनुशास्ता के रूप में उनकी दूरदर्शिता, अनुशासन और दिशा-निर्देशों के महत्व को उजागर किया।

जारी सिक्के का विवरण

इस 100 रुपए के स्मारक सिक्के की धातु संरचना शुद्ध चांदी (99.9 प्रतिशत) से बनी है। सिक्के का वज़न 40 ग्राम और इसका व्यास 44 मिमी है, जिसके किनारों पर 200 दांते होंगे। सिक्के के अग्रभाग (सामने के हिस्से) पर मध्य में अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष अंकित होगा, जिसके नीचे ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है।
सिक्के के बाईं ओर देवनागरी लिपि में ‘भारत’ और दाईं ओर अंग्रेज़ी में ‘INDIA’ लिखा है।
सिंह शीर्ष के नीचे अंतरराष्ट्रीय अंकों में रुपये का चिन्ह “₹” और मूल्यवर्ग ‘100’ भी अंकित किया गया है।सिक्के के पृष्ठभाग के हिस्से पर आचार्य श्री महाप्रज्ञ की छवि अंकित की गई है। ऊपरी भाग पर देवनागरी में ‘आचार्य श्री महाप्रज्ञ की 105वीं जयंती’, और निचले भाग में अंग्रेज़ी में ‘Acharya Shri Mahapragya 105th Birth Anniversary’ अंकित है। आचार्य श्री महाप्रज्ञ की छवि के बाईं ओर, दाईं ओर और नीचे क्रमशः अंतरराष्ट्रीय अंकों में वर्ष ‘1920’, ‘2010’ और ‘2025’ अंकित किए गए हैं।

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Author: kalamkala

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