व्यक्तित्व विकास ही शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए, जैविभा संस्थान की प्रसार सम्बंधी गतिविधि आयोजित

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व्यक्तित्व विकास ही शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए,

जैविभा संस्थान की प्रसार सम्बंधी गतिविधि आयोजित

लाडनूं। स्थानीय विमल विद्या विहार सी. सै. स्कूल में जैविभा विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित प्रसार कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने कहा कि शिक्षा जहां विद्यार्थियों को ज्ञान में वृद्धि प्रदान करती है, उसके साथ ही व्यक्तित्व विकास में भी शिक्षा का सहयोग रहता है। शिक्षा का मूल उद्देश्य नैतिक व चारित्रिक विकास होना चाहिए। उन्होंने विद्यालयी और सामाजिक स्तर पर शिक्षा में नवाचारों, सामाजिक सहभागिता और कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि इन प्रसार कार्यक्रम के महत्व को प्रतिपादित किया। कार्यक्रम की अतिथि डा. मधु गढवाल ने अनुशासन पूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन से जीवन में सुगढता आती है। प्राचार्या रचना बालानी ने रचनात्मक, कलात्मक और सम्प्रेषण सम्बंधी कौशल को बढाने के साथ व्यक्तित्व के विकास को विद्यार्थियों के लिए महतवपूर्ण बताया। छात्राध्यापिका नफीसा बानो ने जैन विश्वभारती संस्थान को अपना रोल माॅडल बताते हुए अपने शैक्षिक प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। अंत में डा. गिरीराज भोजक ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डा. मनीष भटनागर, डा. अमिता जैन, डा. मीनाक्षी मारू, अंजलि माथुर, शोभा सैन, सुमित कुमार, अभय शर्मा आदि उपस्थित रहे।

kalamkala
Author: kalamkala

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