राजस्थान में मूंग, उड़द सोयाबीन की खरीद 1 नवंबर से, ऑनलाइन पंजीयन शुरू, जिस तहसील में कृषि भूमि में है, उसी तहसील के कार्यक्षेत्र वाले खरीद केंद्र पर उपज बेचने के लिए पंजीकरण कराएं, दूसरी तहसील में पंजीकरण मान्य नहीं होगा

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राजस्थान में मूंग, उड़द सोयाबीन की खरीद 1 नवंबर से, ऑनलाइन पंजीयन शुरू,

जिस तहसील में कृषि भूमि में है, उसी तहसील के कार्यक्षेत्र वाले खरीद केंद्र पर उपज बेचने के लिए पंजीकरण कराएं, दूसरी तहसील में पंजीकरण मान्य नहीं होगा

जयपुर। प्रदेश में राजफैड की ओर से समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन की खरीद 1 नवंबर से और मूंगफली की खरीद 18 नवंबर से शुरू होगी। खरीद के लिए प्रदेश में 879 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इनके लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू किया गया है। मूंग के लिए 363, उड़द के लिए 166, मूंगफली के लिए 267 व सोयाबीन के लिए 83 केंद्र खोले हैं, जिनमें 419 केंद्र क्रय विक्रय सहकारी समितियों पर तथा 460 ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर बनाएं गए हैं। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र व खरीद केंद्रों पर सायं 7 बजे तक की गई है।

भारत सरकार द्वारा राज्य में समर्थन मूल्य पर मूंग का खरीद का लक्ष्य 3 लाख 2 हजार 745 मेट्रिक टन, उड़द का 62508 मेट्रिक टन, मूंगफली का 4 लाख 65 हजार 565 मेट्रिक टन तथा सोयाबीन का 3 लाख 61 हजार 790 मेट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है।

ये रहेगा इस बार समर्थन मूल्य
सरकार द्वारा तय मूंग का समर्थन मूल्य 7755 रुपए, उड़द का 6600 रुपए, मूंगफली का 5850 रुपए एवं सोयाबीन का 4300 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। किसान को जन आधार कार्ड नंबर, खसरा गिरदावरी की प्रति बैंक पासबुक की प्रति, पंजीयन फॉर्म के साथ अपलोड करनी होगी, जिस किसान द्वारा बिना गिरदावरी के पंजीयन करवाया जाएगा, उसका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए मान्य नहीं होगा।

तहसील से बाहर पंजीयन नहीं करें किसान
ई मित्र केंद्र भी समर्थन मूल्य योजना में किसानों का पंजीयन पूर्ण सावधानी से करें और तहसील से बाहर पंजीयन नहीं करें। जानकारी के अनुसार किसान एक जन आधार कार्ड में अंकित नाम में से जिसके नाम गिरदावरी होगी, उसके नाम से एक पंजीयन करवा सकेगा। किसान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिस तहसील में कृषि भूमि में उसी तहसील के कार्यक्षेत्र वाले खरीद केंद्र पर उपज बेचने के लिए पंजीकरण कराएं, दूसरी तहसील में पंजीकरण मान्य नहीं होगा।

इस हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कर सकते हैं जानकारी
किसान पंजीयन करवाते समय यह सुनिश्चित कर लें कि पंजीकृत मोबाइल नंबर से आधार कार्ड से लिंक हो जिससे समय पर तुलाई दिनांक की सूचना मिल सके। किसान प्रचलित बैंक खाता संख्या सही दें, ताकि ऑनलाइन भुगतान के समय किसी प्रकार की परेशानी किसान को नहीं हो, किसानों की समस्या के समाधान के लिए 27 अक्टूबर से हेल्पलाइन नंबर 18001806001 प्रारंभ कर दिया गया है।

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Author: kalamkala

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