खाटूश्यामजी से सालासर होते हुए लाडनूं होकर बुटाटी धाम तक बने नई रेल लाईन, रेलवे गंभीरता से लेकर करवाएं सर्वे,
इस मार्ग से होगी रेलवे को भारी राजस्व आय, लाखों यात्रियों, लोगों को मिलेगी राहत, सुमित्रा आर्य ने उठाई मांग
लाडनूं (kalàmkala.in)। रेलवे सेवाओं के विस्तार के बहुत सारे कार्य किए जा रहे हैं और प्रस्तावित हैं, लेकिन रेलवे में विचाराधीन बहुत से आवश्यक व महत्वपूर्ण कार्य तक लम्बे लटके हुए हैं, जिनकी तरफ लगता है रेलवे गंभीर नहीं है। इनमें ही एक कार्य है खाटू श्यामजी- सालासर- सुजानगढ़ नई लाईन का सर्वे और बिछाने का काम। बरसों से इसकी चर्चाएं होती हैं, लेकिन अभी तक काम को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। आम नागरिकों और रेल यात्रियों में इस नई रेल लाईन के कार्य को लेकर काफी उत्सुकता है और सभी चाहते हैं कि यह कार्य शीघ्र हो और लोगों की प्रतीक्षा पूर्ण होकर सुविधाएं मिल सकें। इस बाबत लाडनूं से भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष पार्षद सुमित्रा आर्य ने रेल मंत्री को पत्र लिखते हुए मांग की है। उन्होंने लिखा है कि खाटूश्यामजी और सालासर सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल के रूप में देश-विदेश में विख्यात हैं और साल भर यहां लाखों की संख्या में लोगों का आवागमन रहता आया है। इस नई रेल लाईन से रेलवे को भारी राजस्व की प्राप्ति संभव होगी। इस लाईन में इतना सुधार किया जा सकता है कि इसे सुजानगढ़ से आगे बढ़ा कर लाडनूं डीडवाना होते हुए बुटाटी धाम तक बढ़ा दिया जाए। बुटाटी धाम भी सुप्रसिद्ध धर्मस्थल है, जहां लाखों लोगों का नियमित आवागमन रहता है। लकवा आदि बीमारियों के ठीक होने की जन-आस्था के चलते भारी भीड़ यहां साल भर उमड़ती रहती है। रेलवे को इस परिवर्तन के साथ इस नई रेल लाईन का सर्वे करवाना चाहिए। इसमें खाटू श्यामजी से सुजानगढ़ तक और फिर रेण या डेगाना से बुटाटी तक नई लाईन बिछानी पड़ेगी। शेष मार्ग में पहले से ही रेल लाईन संचालित है।
रेलवे में चल रहे हैं ये सब काम
गौरतलब है कि वर्तमान में बहुत काम उत्तर-पश्चिम रेलवे में हो रहे हैं , जिनमें जयपुर-सवाई माधोपुर लाइन का दोहरीकरण, आरडीएसओ डेडीकेटेड टेस्ट ट्रैक, तरंगा हिल-आबू रोड़ नई लाईन सहित लगभग 1500 किलोमीटर से अधिक के नई लाईन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य प्रगति पर हैं। इनके अलावा अनूपगढ़-बीकानेर नई लाईन, रास-बिलाड़ा नई लाईन, बठिंडा- हनुमानगढ़- सूरतगढ़- बीकानेर दोहरीकरण सहित 1500 किलोमीटर से अधिक के कार्य स्वीकृति के विभिन्न चरणों में है। साथ ही बीकानेर बाईपास, खाटू श्यामजी- सालासर- सुजानगढ़ नई लाईन, देवगढ़-मदारिया- मारवाड़ सहित 2000 किलोमीटर से अधिक के नई लाईन व दोहरीकरण के सर्वे प्रगति पर है। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी के हनुमानगढ़ आगमन के दौरान हनुमानगढ़- सरदारशहर रेल लाइन बिछाने की घोषणा आज भी अधूरी है।






