छात्राध्यापिकाओं ने किया भूले-बिसरे स्वातंत्र्य-सेनानियों को याद, ‘मेरी माटी मेरा देश अभियान’ के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता आयोजित

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छात्राध्यापिकाओं ने किया भूले-बिसरे स्वातंत्र्य-सेनानियों को याद,

‘मेरी माटी मेरा देश अभियान’ के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता आयोजित

लाडनूं। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के मार्गदर्शन में जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में चल रहे ‘मेरी माटी मेरा देश अभियान’ कार्यक्रम के तहत वीरों के वंदन के लिए ‘स्वातंत्र्य-संग्राम के भूले-बिसरे नायक’ विषयक भाषण प्रतिगोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर हर्षिता पारीक रही। द्वितीय स्थान ममता गोरा एवं दिव्या पारीक ने प्राप्त किया तथा तृतीय स्थान निकिता चैधरी ने प्राप्त किया। निर्णायक के रूप में डॉ. सरोज राय थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के कुलसचिव एवं शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने कहा कि भारत ने विदेशी शासन से अपने को मुक्त कराने के लिए दीर्घकालीन संघर्ष किया, वह वीरता की एक बेजोड़ गाथा है। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वालों के कष्टों और उत्पीडनों की अनकही दास्तान, स्व-शासन के लिए संकल्प और तड़प की पूर्ण गाथा का राष्ट्र के इतिहास का गौरवशाली हिस्सा है। परंतु, असंख्य ऐसे निःस्वार्थ, साहसी स्वतंत्रता सेनानी भी रहे हैं, जिनका योगदान उजागर नहीं हो पाया या उनकी अनदेखी की गई। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे करने पर देश के उन महान सपूतों और वीरांगनाओं को याद करना आवश्यक है।

विस्मृत स्वातंत्र्य-सेनानियों को किया याद

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि मेरी माटी-मेरा देश अभियान के अंतर्गत वीरों के वंदन हेतु आयोजित इस भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अनेक गुमनाम नायकों के योगदान को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बी.एससी.-बी.एड. की छात्राओं में नैना ने अंजना देवी चैधरी, पालू ने प्रेमचंद विश्नोई, दिव्या पारीक ने मातंगिनी हजरा,  ललिता बिडियासर ने कलि बाई, हर्शल ने मोतीलाल तेजावत, यापिता ने कुनव सिंह, अंकिता ने ऊधम सिंह तथा बी.ए.-बी.एड. की छात्राओं में हर्षिता पारीक ने डॉ. नारायण सावरकर, निकिता चैधरी ने अर्जुनलाल सेठी, ममता गोरा ने तिलका मांझी, बी.एससी. से खुशी जोधा ने इंदुमती जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के अविस्मणीय योगदान को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शिक्षा संकाय सदस्य डॉ. मनीष भटनागर, सुश्री प्रमोद ओला, खुशाल जांगिड एवं सुश्री स्नेह शर्मा उपस्थित रहे। अंत में आभार ज्ञापन डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने कियां कार्यक्रम का संचालन हर्षिता पारीक ने किया।

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Author: kalamkala

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