लाडनूं नगर पालिका में यह क्या हो रहा है? शहर की सफाई व ऑफिस कार्यों को लेकर हुए वार्षिक टेंडरों में 12 कामों के लिए 7 फर्मों के अनेक टेंडर फार्म निकले खाली, बंद कमरे में गार्ड लगा कर खोली गई टेंडर कॉपियां, भ्रष्टाचार की आशंकाओं के बीच सवालों के घेरे में नगर पालिका

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लाडनूं नगर पालिका में यह क्या हो रहा है?

शहर की सफाई व ऑफिस कार्यों को लेकर हुए वार्षिक टेंडरों में 12 कामों के लिए 7 फर्मों के अनेक टेंडर फार्म निकले खाली,

बंद कमरे में गार्ड लगा कर खोली गई टेंडर कॉपियां, भ्रष्टाचार की आशंकाओं के बीच सवालों के घेरे में नगर पालिका

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। नगरपालिका लाडनूं द्वारा दो दिनों में मांगी गई खुली निविदाओं को खोलने को लेकर तीन दिनों से काफी गहमागहमी रही और बुधवार और गुरुवार को भारी हंगामा पैदा हो गया। नगर पालिका से अनेक लोगों ने पत्रकारों के फोन खड़खड़ाए और जागरूक पार्षदों को इसकी सूचना दी। आरोप है कि टेंडर खोले जाने को लेकर भारी भ्रष्टाचार, धांधली और मनमर्जी की गई है। पार्षद राजेश भोजक ने इस मामले की शिकायत उपनिदेशक क्षेत्रीय (डीडीआर) और स्थानीय निकाय निदेशालय (डीएलबी) में करने की चेतावनी दी है।

क्या कुल्हड़ी में ही फोड़ डाला पूरा का पूरा गुड़?

नगर पालिका में निर्धारित तिथि को निविदाओं को खोले जाने की प्रक्रिया की जानी थी। निविदाएं खोले जाने का प्रोसेस कभी चोरी-छिपे नहीं होता। टेंडर भरने वाले ठेकेदारों को भी रूम में नहीं घुसने दिया गया और पार्षदों को भी बाहर ही रखा गया। नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता का कक्ष सबसे भीतर की तरफ बंद दरवाजों के पार है। बताया जाता है कि उसके भीतर घुस कर दरवाजे बंद करके और बाहर गार्ड तैनात करके टेंडर खोले जाने की कार्रवाई की गई। यानि पूरी तरह से ‘कुल्हड़ी में गुड़ फोड़ा गया’।

सात फर्मों के अनेक टेंडर फार्म पाए गए खाली

सबसे बड़ा आरोप तो यह रहा कि इस टेंडर मामले में कतिपय ठेकेदारों ने बिना दरें लिखे सादा टेंडर जमा करवाए। संभावना जताई जा रही है कि इन टेंडर कॉपियों में मिलीभगत से बाद में दरों की पूर्ति की जाएगी, ताकि मनमाने ठेकेदारों को मनचाहे काम दिए जा सके। पार्षद राजेश भोजक ने बताया कि हो-हल्ले और हंगामे के बाद ईओ वहां से खिसक गए। इसके बाद जब उन्होंने खोले गए टेंडरों की प्रतियां देखी, तो अनेक टेंडरों की खाली कॉपियां पाई गई। इन फर्मो में बालाजी इलेक्ट्रॉनिक, रिद्धि सिद्धि कंस्ट्रक्शन, विश्वकर्मा कम्पनी, ताज़, एमबी ग्रुप, ए.के. कंस्ट्रशन, उमादत्त त्रिवेदी की एक से अधिक टेंडर कॉपी खाली डाली गयी थी।

स्वायत शासन मंत्री ने किया हस्तक्षेप तो खिसक गए अधिकारी

पार्षद राजेश भोजक और भाजपा मंडल अध्यक्ष पार्षद मुरलीधर सोनी ने नगरपालिका में मौके पर पहुंच कर ईओ से खोले हुए सभी टेंडर दिखाने की बात कही, तो ईओ ने साफ-साफ मना कर दिया और कहा कि सब टेंडर उन्होंने खुद देखे हैं, खाली रेट की टेंडर कॉपी नहीं आयी है। उन्होंने इसकी शिकायत तत्काल स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से की, तो उन्होंने तुरंत ईओ को आदेशित किया कि वे पार्षद को खोले हुए टेंडर दिखाएं। लेकिन, इस दौरान ईओ नगरपालिका से खिसक गए। पार्षदों द्वारा प्रश्न उठाए गए हैं कि इन ठेकेदारों ने बिना रेट डाले कॉपी क्यों डाली? पैसे देकर टेंडर फार्म खरीदने वाले ठेकेदार बिना रेट डाले फार्म क्यों डाल रहे हैं? क्या ये ठेकेदार अनपढ़ हैं? या इनको पता है नेताओं के कहने से अधिकारी खाली कॉपी में रेट खुद भरते हैं।

12 कामों के टेंडरों में हुआ भारी घोटाला

बाद में पार्षदों ने टेंडर चैक किए, तो उसमें 12 कार्यों में अनेक फर्मों द्वारा खाली कॉपी डाली गयी थी। जबकि, ईओ ने उन्हें छिपाते हुए पार्षदों से कहा था कि कोई कॉपी खाली नहीं थी। इस सारी कार्रवाई को कनिष्ठ अभियंता की मौजूदगी के बिना उसके बंद कमरे में सम्पन्न किया गया और गुपचुप में टेंडर खोले जाने के पीछे आखिर क्या रहस्य हो सकता है?

किसी को नहीं घुसने दिया गार्डों ने बंद दरवाजे के भीतर

परसों मंगलवार और आज गुरुवार को मांगी गई इन खुली निविदाओं को कल बुधवार को खुली निविदा के अनुसार ठेकदारों के सामने खोलना था, लेकिन ईओ ने आनन-फानन में कमरे के बाहर गॉर्ड लगा के बिना कमेटी और कनिष्ठ अभियंता की मौजूदगी में टेंडर खोल दिए। यह सारी गुपचुप कार्रवाई ढेरों संदेह खड़े कर रही है। ज़ब पार्षद राजेश भोजक को इसकी जानकरी हुई तो वे अन्य पार्षदों के साथ नगरपालिका पहुंचे, वहां बंद कमरे मे टेंडर खोलने का काम चल रहा था। गार्डो ने किसी को अंदर नही जाने दिया, जब तक कि अंदर पूरे टेंडर खोले जा चुके थे।

इनका कहना है-

कोई खाली टेंडर सबमिट नहीं करेंगे 

शहर की सफाई व रोशनी व्यवस्था आदि से सम्बन्धित वार्षिक टेंडर थे, जो 12 थे। इनके टेंडर खोले गए हैं। जो टेंडर खाली पाए गए हैं, उनको सबमिट नहीं किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। पार्षदों के आरोप गलत हैं। जितेन्द्र कुमार मीणा, अधिशाषी अधिकारी, नगरपालिका, लाडनूं।

मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी

आज जो टेंडरों को लेकर पार्षदों ने किया है, उसकी पूरी जांच करेंगे। कल मैं नगर पालिका जाकर पूरी प्रक्रिया और मामले की जानकारी प्राप्त करूंगा। – रावत खां लाडवाण, अध्यक्ष, नगर पालिका, लाडनूं।

विधानसभा में उठाई जाएगी आवाज

लाडनूं नगरपालिका में आज जो घटनाक्रम हुआ, उसका हम पुरजोर रूप से विरोध करते हैं। यह बहुत ही चिंताजनक है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो लाडनूं आगे जाने के बजाय बहुत पीछे चला जाएगा। इस घटना में जो भी कर्मचारी-अधिकारी या ठेकदार जिम्मेदार हैं, उन सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना को विधानसभा में पहुंचाया जाएगा और सरकार को इसके लिए सीधा जवाब देना पड़ेगा।
– अमजद खान, पार्षद, लाडनूं।

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Author: kalamkala

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