लाडनूं के जोधा का बास में शराब की अवैध बिक्री के मामले का हुआ निस्तारण, जिसने शिकायत की उसे ही किया उलटा आरोपित,
आबकारी विभाग ने दबिश दी, पर कुछ नहीं मिला, शिकायत कर्ता को बताया रंजिश से शिकायतें करने वाला
लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज की गई लाडनूं के जोधां का बास में शराब के अवैध विक्रय सम्बंधी शिकायत को निस्तारित कर दिया गया है। इसे इस प्रकरण में एक नया मोड़ कहा जा सकता है। इसमें परिवाद को झूठा और शिकायत करने वाले को आदतन शिकायती व रंजिश से शिकायत करना भी बताया गया है। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल की शिकायत की जांच जिला आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षक से करवाई, जिसमें दबिश देने, शिकायत कर्ता से सम्पर्क करने और पूरी वीडियोग्राफी करवा कर रिपोर्ट दी गई। यहां और तो सब ठीक है, लेकिन जिन अधिकारियों पर शिकायत में आरोप लगाए गए थे, उन्हीं से जांच करवा कर निस्तारण की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इससे इस कार्यवाही को लोगों ने मात्र लीपापोती तक करार दिया है।
यह हुई थी शिकायत
यह परिवाद पंजीकरण संख्या: 052602726572962 है, जिसे परिवाद कर्ता महावीर सिंह जोधा ने 1 मई को आबकारी विभाग के लिए दर्ज करवाया था। इस परिवाद में आबकारी विभाग पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितता संबंधी आरोप लगाए गए थे। इस परिवाद में शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि आबकारी विभाग में जिले के जो भी अधिकारी हैं उनमें डीओ, सीआई आदि अधिकारी पैसों से बिक चुके हैं और जो मुकदमा दर्ज करवाने जाते हैं, उससे पहले ही अगले को फोन कर दिया जाता है। केवल अजमेर संभाग के अधिकारी राधेश्याम द्वारा शिकायत कर्ता को बढ़िया कॉपरेट किया गया, लेकिन जिले के अन्य जो भी अधिकारी हैं, वे सब ठेकेदार से मिले हुए हैं। सभी घूस खाकर कार्य करते हैं। इस सम्बन्ध में महावीर सिंह के पास सबूत बताया गया है कि उसके पास सीसीटीवी में शराब बेची जाने के फुटेज हैं। इसके बावजूद भी आबकारी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आबकारी विभाग के डीडवाना-कुचामन जिले के सभी लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इस विभाग में लगातार अनियमितताएं बढ़ती जा रही है। इनकी जांच की मांग के साथ ऐसे लोगों को पाबंद करने की मांग की गई है।
इस पर की गई कार्यवाही में कोई मामला नहीं पाया गया
इस परिवाद के जांच के क्रम में आबकारी निरीक्षक डीडवाना द्वारा जांच करवाई गयी। जांच रिपोर्ट के अनुसार लाडनूं शहर में दिनांक 03-05-2026 को सघन रेड करने पर अवैध मदिरा का बेचान किये जाने पर 2 अभियोग पंजीकृत किये गए तथा शिकायत में वर्णित स्थानों पर सघन रूप से रेड गश्त की गयी, तो कहीं पर भी आबकारी ऐतराज योग्य सामग्री बरामद नहीं हुई। उल्लिखित स्थान की वीडियोग्राफी भी करवाई गयी। इस स्थान पर पूर्व में अमर सिंह के विरुद्ध अवैध मदिरा का बेचान करने पर दिनांक 26-04-2026 को आबकारी थाना लाडनूं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। ग्राम में नियमित रूप से रेड गश्त की जा रही है। किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री होते पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस परिवाद में यह निस्तारण जिला आबकारी अधिकारी दानाराम द्वारा 4 मई को किया गया।
यह रही प्रकरण में जांच रिपोर्ट, दबिश देने पर भी नहीं मिला अवैध शराब प्रकरण
सम्पर्क पोर्टल में दर्ज इस परिवाद की जांच करके प्रस्तुत की गई आबकारी निरीक्षक की रिपोर्ट क्रमांकः/आब/25-26/59 दिनांक 04/5/26 के अनुसार लाडनूं में आनाधिकृत / अवैध मदिरा की बिक्री को लेकर राजस्थान सम्पर्क शिकायत संख्या 062602726572962 दिनांक 01.05.2026 के क्रम में लाडनूं शहर में अवैध मदिरा बिक्री की यह शिकायत प्राप्त हुई। इसमें इस आबकारी निरीक्षक द्वारा दिनांक 03.05.2028 को सम्पूर्ण लाडनूं शहर में सघन रेड गश्त करने पर अवैध मदिरा की बिक्री करते हुए पाए जाने पर 2 अभियोग पंजीकृत किए गए।शिकायत में वर्णित स्थान पर भी रेडगश्त की गई, लेकिन यहां पर मदिरा की बिक्री होना नहीं पाया गया। मौके पर बाद दबिश देने पर भी आबकारी ऐतराज योग्य कोई सामग्री नहीं मिलने पर ‘निल फर्द’ बनायी गयी एवं शिकायत में उल्लेखित स्थान की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, जो संलग्न है। इस स्थान पर पूर्व में मदिरा का बेचान होना पाए जाने पर प्रहराधिकारी आबकारी निरोधक दल लाडनूं द्वारा दिनांक 28.04.2026 को अमर सिंह के विरुद्ध आबकारी अधिनियम 1950 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। आबकारी थाना लाडनूं नगरपालिका लाडनूं में ही स्थित है एवं थानेदार द्वारा लाडनूं शहर में अवैध मदिरा रोकथाम के लिए नियमित रूप से रेडगश्त की जा रही है एवं अवैध मदिरा का बेचान होना पाए जाने पर अभियोग पंजीकृत कर दिया जायेगा।
शिकायत कर्ता को बताया आदतन शिकायती और कहा रंजिश के कारण शिकायत
इसके साथ ही इस रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया गया है कि शिकायतकर्ता का घर शिकायत स्थल के पास होने के बावजूद एवं बुलाने पर मौके पर नहीं आता है। जिससे यही प्रतीत होता है कि शिकायतकर्ता आपसी रंजिश की भावना से शिकायतें कर रहा है, जिनका कोई आधार नही है। यह भी लिखा गया है कि शिकायतकर्ता आदतन शिकायती है, जो कि शिकायतें करता है। अतः यह शिकायत निराधार है एवं निस्तारण योग्य है।





