रोडू के सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध उपसरपंच ने कराया धोखाधड़ी व कूटरचना का मुकदमा

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

रोडू के सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध उपसरपंच ने कराया धोखाधड़ी व कूटरचना का मुकदमा

लाडनूं। जसवंतगढ पुलिस थाने में रोडू के सरपंच और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूटरचना करते हुए उपसरपंच के हस्ताक्षर फर्जी बना कर प्रस्ताव व संकल्प पत्र पारित करने का मामला दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है। मामले के अनुसार रोडू ग्राम पंचायत के सरपंच जगदीश प्रसाद मेघवाल और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी रामावतार के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना के आरोप की एक रिपोर्ट परिवादी रामदेव पुत्र महिपाल सिंह जाट निवासी रोडू की ओर से पुलिस को मिली थी। इसमें अभियुक्तगण जगदीशप्रसाद पुत्र जीवणराम मेघवाल निवासी रोडू एवं रामावतार तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत रोडू के खिलाफ धारा 190 (क) सीआरपीसी एवं अपराध अन्तर्गत धारा 420, 406, 467, 468, 471, 120 (बी) भादस के तहत परिवाद दर्ज किया गया है। इस परिवाद में प्रार्थी रामदेव जाट ने बताया है कि वह वर्तमान में ग्राम पंचायत रोडू का उपसरपंच है व मुल्जिम ग्राम पंचायत रोडू के सरपंच जगदीश प्रसाद मेघवाल और इस ग्राम पंचायत के तात्कालीन ग्राम विकास अधिकारी रामावतार ने गतवर्ष 9 जुलाई को ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत रोडू में प्रस्ताव लेकर ग्राम संकल्प एवं सहमति पत्र बनाया, जिसमें प्रार्थी रामदेव के फर्जी हस्ताक्षर कर किए गए हैं। ग्राम पंचायत रोडू में आयोजित आमसभा की बैठक में सभी समुदाय के वार्डपंच (ग्राम पंचायत सदस्य) जन प्रतिनिधियों द्वारा जलजीवन मिशन के घटकों पर और समुदाय की भूमिका एवं भागीदारी के विविध मुद्दों पर चर्चा के बाद आम सहमति से निर्णय लिये गये।

उपसरपंच के फर्जी हस्ताक्षर किए

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह 9 जुलाई 2021 को मुल्जिमों ग्राम पंचायत रोडू के सरपंच जगदीश प्रसाद मेघवाल निवासी रोडू व तात्कालिक ग्राम विकास अधिकारी रामावतार ने आपराधिक षडयंत्र रचकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया, जिसमें प्रार्थी रामदेव को 10वीं पास होना बताया है व उसके फर्जी हस्ताक्षर कर ग्राम संकल्प व सहमति पत्र बनाया गया है, जबकि ग्राम संकल्प एवं सहमति पत्र क्रमांक 004 दिनांक 09/07/2021 में उसके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया है, जो आपराधिक एवं दण्डनीय अपराध है। इस बारे में जानकारी होने पर मुल्जिमान सरपंच जगदीश प्रसाद व तात्कालिक ग्राम विकास अधिकारी रामावतार को अपने फर्जी हस्ताक्षर के बारे में बताया तो मुल्जिमान ने स्वीकार किया कि तुम्हारे फर्जी हस्ताक्षर किये हैं। जबकि उस ग्रामसभा व ग्राम पंचायत की मिटींग में उपस्थित नहीं था। न्यायालय से प्राप्त इस प्रकरण की प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाना जसवंतगढ में दर्ज की जाकर जांच की जा रही है।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

लाडनूं शहर में अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर पालिका के दस्ते को लौटना पड़ा बैरंग, नहीं मिल पाई समय पर पुलिस इमदाद, ठेला चालक झगड़े पर हुए उतारु, क्यों नहीं सब्जी विक्रेताओं को पुरानी सब्जी मंडी में प्लॉट देकर बैठाया जाए, समस्या का स्थाई समाधान जरूरी

शहर चुनें

Follow Us Now