बेसहारा बने भाई-बहनों को जिला कलेक्टर ने दिया सहारा, अपने कार्यालय में ही की सुनवाई और उनकी स्थिति से वाकिफ होते ही पहुंचाया लाभ

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बेसहारा बने भाई-बहनों को जिला कलेक्टर ने दिया सहारा,

अपने कार्यालय में ही की सुनवाई और उनकी स्थिति से वाकिफ होते ही पहुंचाया लाभ

रामस्वरूप पंवार माली, पत्रकार। डीडवाना/ लाडनूं (kalamkala.in)। प्रशासन अपने रुखापन से ऊपर उठकर संवेदनशील बन चुका है। यह सब जिला कलेक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत की आत्मीयता व करुणा के भावों के कारण डीडवाना-कुचामन जिले में संवेदनशीलता प्रकट होने लगी है। इसकी मिसाल शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में देखने को मिली। छोटी खाटू से आए बेसहारा महिला व परिवार की अपने कार्यालयी सुनवाई कार्यक्रम में करते हुए महिला के पीड़ित बच्चों की पूरी जानकारी प्राप्त की गई। कलेक्टर डॉ. खड़गावत ने सहृदयता पूर्वक तत्परता से उनकी सहायता की। संगीता पत्नी चन्द्रशेखर जोशी के मृत्योपरान्त उसके पुत्र का चयन पालनहार योजना में किया जाकर लाभान्वित किया गया, वहीं उनकी दो पुत्रियों रेणु और भावना जोशी को उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र नं. 2 में एकीकृत बाल विकास सेवाओं के तहत नियुक्ति प्रदान की। इस तरह से जिला कलेक्टर डॉ. खड़गावत ने सहृदयतापूर्वक इस पीड़ित परिवार कै लाभ पहुंचाया। इस अवसर पर छोटी खाटू के पूर्व उपसरपंच रामकिशोर टाक ने जिला कलेक्टर का आभार प्रकट किया तथा कहा कि उनके गांव के इस परिवार की व्यथा को उन्होंने समझा और बताएं जाने के साथ ही उन्हें लाभान्वित किया। लाडनूं की वरिष्ठतम पार्षद एवं राजस्थान राज्य समाज कल्याण बोर्ड की पूर्व सदस्या सुमित्रा आर्य ने भी परिवार को सम्बल प्रदान किया और जिला कलेक्टर को इस अनुपम सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि डीडवाना आने के बाद जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने हर क्षेत्र में आमजन के लिए इतने अधिक कार्य किए हैं कि आने वाले लम्बे समय तक उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

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Author: kalamkala

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