भूकंप से थर्राई धरती, आधी रात को घरों से बाहर भागे लोग, सालासर, डीडवाना, लाडनूं, निम्बी जोधां, कुचामन, मकराना में आए भूकम्प के झटके, हर्ष पर्वत पर था भूकम्प का केन्द्र, धरती के 5 किमी गहराई में धूजी धरती

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भूकंप से थर्राई धरती, आधी रात को घरों से बाहर भागे लोग,

सालासर, डीडवाना, लाडनूं, निम्बी जोधां, कुचामन, मकराना में आए भूकम्प के झटके,

हर्ष पर्वत पर था भूकम्प का केन्द्र, धरती के 5 किमी गहराई में धूजी धरती

जयपुर/ लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र एवं अन्य आस पास के इलाकों में भूकम्प के झटके महसूस किए गए। शनिवार देर रात 11.47 बजे 3.9 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके लोगों ने अनुभव किए, जिससे डर कर व बदहवास होकर लोग घरों से बाहर निकल आए। पूरी रात लोगों में भूकम्प के कारण भय बना रहा और लोग नींद तक नहीं ले पाए। भूकम्प से किसी तरह के चोट, नुकसान आदि की सूचना नहीं है।

डीडवाना, लाडनूं, निम्बी जोधां, मकराना तक लगे झटके

बीती देर रात शेखावाटी क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्र में करीब 10 सेकंड तक भूकंप के झटकों को महसूस किया गया है। भूकंप के झटके सीकर जिले में शनिवार रात करीब 11 बजकर 47 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस करते ही लोग घरों से बाहर निकल गए।जानकारी के अनुसार बीती रात भूकंप डीडवाना, कुचामन, लाडनूं, निम्बी जोधां, सालासर, सीकर, खाटू श्यामजी, मकराना तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। रींगस कस्बे, धोद और जीण माता मंदिर में भी इसका असर देखने को मिला। कई लोगों को तो देर रात आए इस भूकंप का नींद में अहसास भी नहीं हुआ। अभी कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

हर्ष पर्वत पर था भूकम्प का केन्द्र, रेक्टर पैमाने पर 3.9 तीव्रता थी

इस भूकंप का केंद्र सीकर से 15 किलोमीटर दूर हर्ष पर्वत के पास था। देर रात लगभग 11:47 मिनट पर इस भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान करीब 10 सेकंड तक तेज कंपन का एहसास हुआ। भूकंप का केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे बताया गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार सीकर से 15 किलोमीटर दूर हर्ष पर्वत के नजदीक भूकंप का केंद्र करीब 5 किलोमीटर जमीन के नीचे बताया गया है। इसके अलावा रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 नापी गई है।

भूकंप कैसे मापा जाता है

भूकंप को भूकंपीय नेटवर्क के ज़रिए रिकॉर्ड किया जाता है। नेटवर्क में मौजूद हर भूकंपीय स्टेशन भूकंप आने पर उस जगह की जमीन की हलचल को मापता है। भूकंप में, एक चट्टान के दूसरे पर फिसलने से ऊर्जा निकलती है, जिससे ज़मीन में हलचल होती है, इसे कंपन कहते हैं। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल के जरिए मापी जाती है।

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Author: kalamkala

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