केवल भारतीय संस्कृति में है वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना- संत धीरजराम महाराज पथ-संचलन में हजारों स्वयंसेवकों ने की कदम ताल, शहर वासियों ने किया अविस्मरणीय स्वागत, रेड कार्पेट बिछाए, 500 किग्रा फूलों की वर्षा की

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केवल भारतीय संस्कृति में है वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना- संत धीरजराम महाराज

पथ-संचलन में हजारों स्वयंसेवकों ने की कदम ताल, शहर वासियों ने किया अविस्मरणीय स्वागत, रेड कार्पेट बिछाए, 500 किग्रा फूलों की वर्षा की

लाडनूं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा यहां आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित हिंदू शक्ति संगम कार्यक्रम में गुरूवार को रामस्नेही संत धीरजराम महाराज ने कहा कि भारत के राम जगो मैं तुम्हंे जगाने आया हूं। इस हुंकार के साथ स्वामी विवेकानंद के सपनो ंको साकार करने का काम आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कर रहा है। संघ ने इस समय तक देश में बहुत सारे स्वामी विवेकानंद खड़े कर दिए हैं। स्वामी विवेकानन्द के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का काम सभी स्वयंसेवको को करना होगा। आज सम्पूर्ण विश्व सनातन संस्कृति को स्वीकार कर रहा है। वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना केवल भारतीय संस्कृति में ही मौजूद है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आने वाले समय में भारत को दिशा देने का काम करेगा। संघ वीर हनुमान को उनकी शक्ति की स्मृति दिलवाने की भांति कार्य कर रहा है। हिन्दू समाज भी अपनी ताकत भूल गया है, उसे वापस याद दिलवाने के लिए इस प्रकार के आयोजन आवश्यक हो गए हैं।

युवा शक्ति करेगी अंखंड भारत का निर्माण

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दुगड़ ने अपने सम्बोधन में कहा कि अखंड भारत का उत्थान युवा ही कर सकता है और विश्व का सबसे युवा देश भारत है। हम युवा राष्ट्र के नाते पहचाने जाते हैं। अखंड भारत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संकल्प है। सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहते हैं कि हम सबको एक कुआं, एक श्मशान, एक मंदिर के भाव को आत्मसात् करना होगा। इस अवसर पर संघ के प्रान्त प्रचारक योगेंद्र कुमार ने कहा कि संघ विगत 97 वर्षो से शाखाओं के माध्यम से देश के लिए संस्कारवान व चरित्रवान व्यक्तियों का निर्माण करने का काम कर रहा है। आज सम्पूर्ण देश में हिन्दुत्व का प्रचंड वतावरण बना हुआ है। इसका नमूना लाडनूं के दृश्य देखने से पता चलता है। देश को तोड़ेंने वाली ताकतें अपना प्रयास कर रही है, परन्तु हम सभी मिलकर इस देश को अखंड भारत के संकल्प को पूरा करके विश्व गुरु पद पर स्थापित करेंगे। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि हिंदू शक्ति संगम के पथ संचलन के दौरान पूरे लाडनूं शहर के लोगों ने पलक-पांवड़े बिछाकर सम्मान दिया है।

500 किग्रा फूल बरसाए, सज गया पूरा शहर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह हिंदू शक्ति संगम पथ संचलन कार्यक्रम गुरूवार को दशहरा मैदान से प्रारंभ होकर निकाला गया, जिसमें में हजारों की संख्या में पूर्ण गणवेश में स्वयंसवेकों ने घोष की ताल से साथ कदम से कदम मिलाकर अनुशासन का परिचय दिया। स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित यह हिंदू शक्ति संगम का पथ संचलन कार्यक्रम का शुभारम्भ के बाद दशहरा मेला मैदान से करंट बालाजी मंदिर होते हुए पथ संचलन कमल चैक, बस स्टेंड, हनुमान गेट, सुख सदन, सब्जी मंडी, सेवक चैक, स्टेशन रोड, कुम्हारों का बास, नीलकंठ महादेव मंदिर, भूतोड़िया स्कूल, कालीजी का चैक, भार्गव बस्ती होते हुए आदर्श विद्या मंदिर पहुंचा। संघ के खंड कार्यवाह निर्मल दाधीच ने बताया कि इस पथ संचलन में लाडनूं शहर सहित तहसील के दर्जनों गांवों के हजारों स्वयंसेवक सहभागी हुए, लाडनूं के इतिहास में संघ का आज तक का यह सबसे बड़ा आयोजन रहा। इस अवसर पर पूरा शहर जगह-जगह विभिन्न रंगोलियों, स्वागत द्वारों और केसरिया सजावट से विशेष रूप से सजाया गया। अनेक समाजिक संगठनों, व्यापारियों, राजनेताओं व नागरिकों द्वारा 500 किलो फूलों से इस पथ संचलन का स्वागत किया गयां। पथ संचलन के स्वागत के दौरान लोगों द्वारा फूल बरसाने के अलावा अनेक स्थानों पर क्रेन मशीन व जेसेबी मशीनों के माध्यम से भी पुष्पवर्षा की गईं। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मानव-श्रृंखला बनाकर भी पथ-संचलन का स्वागत किया गया।

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Author: kalamkala

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