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युवती का अपहरण करके एक दर्जन स्थानों पर घुमाया और साढे तीन माह तक किया दुष्कर्म/यौनशोषण, पुलिस नहीं दर्ज कर रही है दलित पीड़िता की रिपोर्ट, एसपी व डीएसपी से भी लगाई गुहार

युवती का अपहरण करके एक दर्जन स्थानों पर घुमाया और साढे तीन माह तक किया दुष्कर्म/यौनशोषण,

पुलिस नहीं दर्ज कर रही है दलित पीड़िता की रिपोर्ट, एसपी व डीएसपी से भी लगाई गुहार

लाडनूं। महिला व दलित अत्याचारों में अग्रणी बने राज्य में अपराधों पर रोकथाम कायम करने में तो सरकार लाचार है ही, अब घटित वारदातों की रिपोर्ट दर्ज करवाने में भी पुलिस आनाकानी करने लगी है। ऐसा ही यहां लाडनूं पुलिस थाने का हाल है, जहां एक दलित युवती के अपहरण से लेकर साढे तीन माह तक इधर-उधर घुमाने और दुष्कर्म/यौनशोषण करने के बाद युवती पुलिस थाने, एसपी ऑफिस व डीएसपी ऑफिस तक चक्कर लगा चुकी, लेकिन उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जा रही है। लाडनूं तहसील के ग्राम सुनारी से अपहरण करके उसे जगह-जगह घुमाया गया और दुष्कर्म किया गया। इस पीड़िता को मुलजिमानों ने साढे तीन माह तक खाखोली, डीडवाना, जायल, सुजानगढ, सीकर, जयपुर, रोहतक (हरियाणा), सूरत (गुजरात) आदि स्थानों पर ले गए। उसे स्विफ्ट कार, स्काॅर्पियो, पिकअप, ट्रक और बसों द्वारा घुमाया गया। होटलों, लोगों के मकानों आदि में रखा गया और दुष्कर्म किया जाता रहा। इसमें अपहरण व दुष्कर्म के मुख्य आरोपी दिनेश बिड़ियासर के अलावा एक दर्जन से अधिक मुलजिमान भी वारदात में सहायक के रूप में शामिल रहे।

पीड़िता ने दी पुलिस को यह रिपोर्ट

यहां पुलिस थाने में दी गई टाईपसुदा रिपोर्ट के अनुसार गत 8 मई को 20 वर्षीया पीड़िता सामान खरीदने लाडनूं आई हुई थी, यहां से अपने गांव वापस लौटते समय निकटवर्ती ग्राम सुनारी में मुलजिम दिनेश बिड़ियासर ने उसे बस से उतार लिया और फोन करके एक स्विफ्ट गाड़ी बुलाई, जिसमें सुनारी का युवक और खाखोली के दो युवक थे, फिर शाम तक उसे इधर-उधर घुमाते रहे और रात को खाखोली गांव में एक घर में रखा। अगले दिन वापस सुनारी लाकर कोल्ड ड्रिंक्स पिलाई, जिसमें नशे की कोई चीज मिलाई हुई थी। फिरा ताल में ले जाकर दिनेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वे उसे लगातार डराते-धमकाते रहे व उसके फोटो वायरल करने की धमकियां देते रहे। वहां से चारों उसे सुजानगढ ले गए। वहां से दो जने उसे लेकर बस से सीकर गए। वहां रेलवे स्टेशन पर होटल में फिर दुष्कर्म किया। वहां से 10 मई को सालासर आ गए। वहां दो स्काॅर्पियों गाड़ियों में करीब नौ लोग उसे जबरन गाड़ी में डाल कर डीडवाना ले गए और वहां कोर्ट में उससे सादे कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए। वहां से दो जने बस से उसे जायल ले गए।

गुमसुदगी रिपोर्ट में पीड़िता के दबाव से करवाए बयान

यह सब कार्रवाई मुलजिमानों ने 9 मई को पुलिस थाना सुजानगढ में दर्ज करवाई गई गुमसुदगी रिपोर्ट को ध्यान में रख कर की। वे उसे जायल से पुलिस दोनों को लेकर सुजानगढ पुलिस थाने ले आई, जहां मुलजिम ने उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर दबाव में लेकर उससे अपने पक्ष में बयान करवाए। वहां से उसे फिर सीकर ले गए और वहां एक होटल में रख कर फिर दिनेश ने दुष्कर्म किया। 11 मई को एक ट्रक लेकर आए दो जने उसे दिनेश के साथ लेकर हरियाणा के रोहतक ले गए। वहां 14 मई तक इधर-उधर घुमाते रहे और कई जगह पर डरा-धमका कर दिनेश ने दुष्कर्म किया। फिर 14 मई को रात को 9 बजे सीकर छोड़ा, वहां से दिनेश उसे लेकर बस से जयपुर गया और जयपुर में एक महिला के घर रखा और दूसरे दिन सांगानेर गौशाला के पीछे एक फ्लेट में एक माह तक लगातार रखा व जबरन दुष्कर्म करता रहा। वहां से फिर लेकर सूरत गया। सूरत से वह वापस 10 जुलाई को सुजानगढ और लाया, जहां फिर उसे बयान दिनेश ने अपने पक्ष में करवाए। एक और व्यक्ति वहां उसके साथ आया और उसे डराया-धमकाया।

मन भरने पर काम तमाम करने की कोशिश

सुजानगढ से फिर दिनेश व दो अन्य ने उसे सुजानगढ से एक पिकअप में लेकर सालासर गए। फिर उसे व दिनेश को बस में बैठा कर जयपुर के पास एक होटल में रखा और अगले दिन जयपुर होते हुए उसे वापस सूरत ले गया। इसके बाद 20 अगस्त को दिनेश ने उसका गला दबाया और मारपीट की तथा कहा कि जान से मारना पड़ेगा। अब उसका कोई भरोसा नहीं रहा। उससे मन भर चुका है और छोड़ने पर वह उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकती है। पीड़िता ने किसी तरह से यह सब बात अपने पिता को बताई। पिता द्वारा सूरत में किसी जान-पहचान वाले का पता देने पर वह वहां से भाग कर उसके पास चली गई, जहां पर अगले दिन 23 अगस्त को पिता वहां पहुंच कर उसे लेकर लाडनूं आए। इसके बाद उसने इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट 25 अगस्त को पुलिस को सौंपी। इस रिपोर्ट को पुलिस ने दर्ज नहीं किया, जिस पर पीड़िता एसपी डीडवाना के समक्ष भी प्रस्तुत हुई और वहां एक रिपोर्ट दी। फिर बुधवार को यहां लाडनूं में पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय पहुंची और वहां भी अपनी व्यथा लिखित व मौखिक रूप से बताई। इधर एसपी ने इस मामले की जांच भी डीएसपी लाडनूं को करने के निर्देश दिए हैं। इतने बड़े कांड के बावजूद पीड़िता का यह कहना कि कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं होना सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेहिता की पोल खोलता है।

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Author: kalamkala

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