सुरक्षा सखी संवाद पखवाड़े में जिला स्तरीय सुरक्षा सखियों की बैठक में दी कानूनी हक़ की जानकारी,
जिला स्तरीय सीएलजी की बैठक और जिसे भर के जवानों की संपर्क सभा आयोजित


डीडवाना (kalamkala.in)। पुलिस अधीक्षक श्रीमती ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) के निर्देशन में उप अधीक्षक पुलिस धरम पूनियां द्वारा जिला मुख्यालय पर अग्रवाल भवन में जिला स्तरीय सुरक्षा सखियों से संवाद, जिला स्तरीय सीएलजी मीटिंग व पुलिस जवानों की संपर्क सभा का आयोजन किया गया। 1 से 15 सितंबर तक ‘रेंज स्तरीय सुरक्षा सखी संवाद पखवाड़ा’ आयोजित किया जा रहा है, इसी क्रम में जिला स्तरीय सुरक्षा सखियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान सुरक्षा सखियों को अपने मौहल्ले, कस्बा में एवं आसपास की महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा व कानून के संबंध में जानकारी देने हेतु विचार-विमर्श किया गया। उन्हें नवीन कानून व आत्म सुरक्षा के बारे में जानकारी देने पर चर्चा की गई। इसमें जिला भर के हर पुलिस थाने से तीन-तीन सुरक्षा सखियां सम्मिलित हुई। बैठक में महिला कांस्टेबल प्रभु चौधरी, सुमित्रा आर्य, श्वेता सांखला, कृष्णा, कल्पना जैन, संतोष देवी समना, मुन्नी देवी सैनी आदि उपस्थित रहीं।
जिला स्तरीय सीएलजी बैठक में बेहतर तालमेल पर विचार
जिला स्तरीय सीएलजी सदस्यों की अग्रवाल भवन डीडवाना पर आयोजित मीटिंग में सीएलजी सदस्यों से पुलिस व आमजन के बीच आपसी बेहतर संवाद स्थापित करने व आपसी सहयोग के संबंध में विचार विमर्श किया गया। इसमें जिले भर से आए डिस्ट्रिक्ट सीएलजी सदस्यों ने भाग लिया। लाडनूं से अनूप तिवाड़ी, अलानूर ठेकेदार, जगदीश यायावर, तेजसिंह जोधा, फुलेखां वगैरह पहुंचे।
पुलिस जवानों की संपर्क सभा में समस्याओं पर चर्चा व रोगों से मुक्ति की जानकारी दी
इसके अतिरिक्त पुलिस जवानों की संपर्क सभा भी आयोजित की गई।पुलिस जवानों की ली गई संपर्क सभा में थाने पर राजकार्य के दौरान आने वाली समस्याओं व वेलफेयर के संबंध में चर्चा की गई। संपर्क सभा में जवानों की समस्याओं को सुना गया और निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। पुलिस नवाचार “Know Your Force” के संबंध में जानकारी दी गई। संपर्क सभा के दौरान डॉ. पूनम सैनी व डॉ. रणधीर सिंह द्वारा पुलिस कार्मिकों को ब्लड प्रेशर, थॉयराइड, स्ट्रेस, मधुमेह, कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, महिला रोगों आदि विभिन्न बीमारियों से बचाव व उपचार के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही स्नेक बिट्, डोग बिट्, बिच्छू काटने आदि के प्राथमिक उपचार और इलाज के बारे में जानकारी दी गई।





