सबको हंसाने वाला सबको रुला कर चला गया, लाडनूं के सुप्रसिद्ध हास्य कवि केसर देव मारवाड़ी नहीं रहे,
रींगस के पास एक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, उनकी पत्नी घायल हो गईं, केशरदेव स्वयं चला रहे थे कार




लाडनूं/सीकर (kalamkala.in)। देश भर में मारवाड़ की छाप छोड़ने वाले सुप्रसिद्ध हास्य कवि केसर देव मारवाड़ी अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके असामयिक निधन ने सबको एकसाथ रुला दिया। मंच पर चढ़ने के बाद सबको सभी को हंसाने वाले, हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देने वाले हास्य कवि केसरदेव मारवाड़ी का इस प्रकार दु:खद देहावसान ने हर किसी की आंखों में पानी ला दिया। उनकी असामयिक मृत्यु से पूरे प्रदेश के साहित्य जगत और शिक्षा क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। इस खबर से सभी अचम्भित हैं और सर्वत्र शोक की लहर फैल गई।
ट्रक के पीछे भिड़ कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार
राजस्थान के सुप्रसिद्ध हास्य कवि एवं शिक्षक केसर देव मारवाड़ी (59) की बीती रात करीब 2 बजे रींगस के मिल तिराहे पर भीषण सड़क हादसे में जान चली गई। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार केसरदेव खुद ही गाड़ी चला रहे थे और नींद की झपकी आने से अचानक ही उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। ट्रक के पीछे घुसने से गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार केसर देव मारवाड़ी (52) अपनी पत्नी चंदा प्रजापत के साथ शादी समारोह से वापस जयपुर लौट रहे थे। हादसा इतना भीषण था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। लेकिन, उनकी पत्नी को ज्यादा चोट नहीं आई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कवि केशर देव के शव को रींगस के राजकीय उप-जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
केवल दो पुत्रियों के पिता हैं केशरदेव
मृतक केसरीमल प्रजापत उर्फ केसरदेव मारवाड़ी (59) जयपुर के मुरलीपुरा में न्यू कोलोनी में रहते थे और वे वर्तमान में जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। एक साल बाद उनका रिटायरमेंट होना था। वे अपनी हास्य कविताओं और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए प्रदेश सहित देश भर में जाने जाते थे। केशव देव 6 भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके भाई बेगा राम प्रजापत ने बताया कि वे घर में सबके लाडले थे। वे सबको हंसा-हंसाकर लोटपोट कर देते थे। बेगा राम प्रजापत ने बताया कि उनका अचानक चले जाना, उनके सबके लिए सबसे बड़ा आघात है। उनके आकस्मिक निधन से साहित्य जगत और शिक्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। केसर देव की दो बेटियां ही हैं, जिनके विवाह हो चुके थे। सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।








One Response
Iñna lillahi wa iñna Alyhi Rajion 😔