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कब चेतेगा शहर का प्रशासन? चारों तरफ समस्याएं ही समस्याएं हैं और समाधान के नाम पर सिफर- लाडनूं के बस स्टेंड और रेलवे फाटक के सामने पर तालाब बने, सुखदेव आश्रम जैन मंदिर के सामने कई महिनों से जमा हुआ है कई-कई फुट कीचड़, रास्ते बंद होने से बच्चों के स्कूल जाने, लोगों के अस्पताल-बाजार जाने के रास्ते बंद हुए और यात्रियों के लिए बनी भारी परेशानी, पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी

कब चेतेगा शहर का प्रशासन? चारों तरफ समस्याएं ही समस्याएं हैं और समाधान के नाम पर सिफर-

लाडनूं के बस स्टेंड और रेलवे फाटक के सामने पर तालाब बने, सुखदेव आश्रम जैन मंदिर के सामने कई महिनों से जमा हुआ है कई-कई फुट कीचड़,

रास्ते बंद होने से बच्चों के स्कूल जाने, लोगों के अस्पताल-बाजार जाने के रास्ते बंद हुए और यात्रियों के लिए बनी भारी परेशानी,

पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी

लाडनूं। प्रशासन की लापरवाही और जन प्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते लाडनूं शहर के अनेक क्षेत्रों में बरसाती पानी के भराव की स्थिति चिंताजनक है और आमजन के लिए भारी परेशानियां पैदा कर रही है। शहर के बस स्टेंड, नगर पालिका के स्टेडियम, रेलवे फाटक के सामने, जोरावरपुरा, पुलिस थाने से आगे, जनता कालोनी आदि क्षेत्रों में जब से बरसात शुरू हुई है, तब से ही पानी की पूरी निकासी नहीं हो पा रही है और हर वक्त पानी भरा रहता है। यहां बरसात में तो हालत खराब होती ही है, लेकिन बरसात नहीं होने पर भी दूर-दर तक एक-एक फुट तक का गहरा कीचड़ पड़ा रहने से सबको भारी परेशानी रहती है। सामने ही स्थित सुखदेव आश्रम जैन मंदिर का मुख्य द्वार तो पूरी तरह ही बंद रहने लगा है। इसके सामने कीचड़ और गंदा पानी हर समय भरा रहता है। मंदिर आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद होने से श्रद्धालुओं में गहरा रोष व्याप्त है। यहां यह स्थिति पिछले कुछ महिनों से बनी हुई है। नगर पालिका मोटर पम्पलगाकर पानी निकालने या कीचड़ को उठाने-साफ करने को कोई जहमत नहीं उठाती।

पूरा यातायात होता है प्रभावित

मामूली सी बरसात होते ही यहां बस स्टेंड एक तालाब बन जाता है, जिससे बसों, आॅटो रिक्शाओं और ठेला चालकों के साथ यात्रियों और नागरिकों के लिए भी स्थिति मुसीबतों वाली बन जाती है। आस-पास के क्षेत्र का पूरा यातायात इससे ठप्प हो जाता है। सबका आवागमन बंद हो जाता है। मालियों का बास, रैगरों का बास, खटीकों का मौहल्ला, वाल्मीकि बस्ती आदि मौहल्लों और विभिन्न वार्डों की तरफ आवागमन पूरा बंद होने से लोगों का बाजार जाना, अस्पताल जाना, विद्यार्थियों का स्कूल जाना आदि सभी बंद हो जाते है या फिर उन सबको काफी लम्बा चक्कर लगाकर दूसरे रास्तों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति से नगर पालिका प्रशासन, पीडब्लूडी के व प्रशासनिक अधिकारियों तथा जन प्रतिनिधियों आदि सभी अवगत है, लेकिन सभी आंखें मूंद कर अंधेरा कर रहे हैं। बस स्टेंड की दुरावस्था को सुधारे जाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

जानबझ कर रोकी गई पानी की निकासी

गौरतलब है कि पहले बस स्टेंड पर कभी भी पानी के भराव की समस्या नहीं थी, लेकिन खंदेड़ा की तरफ जाने वाले पानी के बीच में मुख्य सड़क मार्ग पर जो सड़क बनाई गई थी, उसको जानबूझ कर बस स्टेंड से अधिक ऊंचा तल बना कर पानी की निकासी को रोक दिया गया। इधर खंदेड़ा में जाने वाले पानी के नालों की सफाई नहीं होने से वे पूरी तरह से अवरूद्ध हो चुके हैं। नगर पालिका के सफाईकर्मी और आसपास के दुकानदार खंदेड़ा में जाने वाले मार्ग और नाले में कचरा डाल देते हैं, जिससे वहां कचरे का बहुत ही बड़ा और ऊंचा ढेर लग चुका है। इससे गंदे पानी का प्रवाह अवरूद्ध हो रहा है। मगरा बास की तरफ से गलत ढंग से नाला बनाकर बस स्टेंड पर लाया गया है, उससे यहां पहले से बहुत ज्यादा अतिरिक्त पानी आने लगा है।

स्टेडियम के सामने हुआ पानी का भराव

यहां तेली रोड और हाईवे से बहने वाला पूरा पानी निकासी के अभाव में नगर पालिका के स्टेडियम के अंदर ही नहीं, इसके मुख्य द्वार के बाहर और रेलवे क्राॅसिंग फाटक के सामने तिराहे पर काफी दूरी तक पानी भरा रहता है। इसकी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। यहां इंदिरा रसोईघर में आने-जाने का रास्ता पूरा बंद हो गया है। बच्चों के खेलने के लिए जाना बंद हो चुका है। साथ ही विभिन्न प्रशासिनक कार्यालयों तहसील, पुलिस थाना, उपखंड कार्यालय, पंचायत समिति, पीडब्लूडी आदि जाने का मार्ग भी बाधित हुआ है। सुजानगढ और जसवंतगढ जाने वालों के लिए भी यह रास्ता बाधाजनक बन चुका है। पानी के भराव के तालाब के बीच से वाहनों का गुजरना सबके लिए मुसीबत बना हुआ है। इस पानी के बीच जगह-जगह सड़क टूटी हुई और खड्ढों युक्त होने से भी समस्या पैदा हो रही है। टूटी सड़क भरे हुए पानी में दिखाइ्र नहीं देती। सभी अधिकारी इस मार्ग से अपने वाहन लेकर गुजरते हैं, लेकिन इस पानी के भराव की तरफ ध्यान नहीं देने से इससे निपटने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जाता। इसके अलावा सभी प्रशासनिक कार्यालयों से थोड़ा ही आगे पदमपुरा की तरफ जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर पानी के भराव के कारण पूरी सड़क टूट कर खड्डे बन चुके हैं तथा वाहन चालकों, आसपास के रहवासियों, मारूति शोरूम और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए समस्या का कारण बन चुका है।

जोरवरपुरा में भरा पानी

यहां से खानपुर की तरफ जाने वाले सड़क मार्ग में जोरावरपुरा स्थित संस्कार स्कूल के पास भी इसी तरह से बरसाती पानी भरा हुआ है। यहां सड़क को ऊंची बनाई जाकर पानी को रोका गया है। इस कारण यहां आस-पास के घर टापू के रूप में तब्दील हो गए हैं। रहवासियों को भारी परेशानी पैदा हो रही है। पानी के भराव के कारण गंदगी, बदबू और मच्छरों की भरमार हो गई है। यह नगर पालिका क्षेत्र होने के बावजूद नगर पालिका इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस पानी के कारण स्कूल बच्चों व अध्यापकों को भी आवागमन में बाधा पैदा होती है। खानपुर मार्ग से होकर सुजानगढ व हाईवे की तरफ चलने वाले वाहन चालकों के लिए भी यह परेशानी का कारण बन चुका है। पानी के कारण सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई है। इसी तरह से शहर के अनेक हिस्सों में बरसात का पानी ठहर कर समस्याएं पैदा कर रहा है। पता नहीं शहर का प्रशासन कब चेतेगा और कब शहर की सुध लेगा। चारों तरफ समस्याएं ही समस्याएं हैं और समाधान के नाम पर सिफर।
kalamkala
Author: kalamkala

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