महिलाएं ममता, समता और क्षमता की त्रिवेणी हैं, देश-विदेश में फैला सकती हैं अणुव्रत की गूंज- डॉ. नीलम जैन,
‘अणुव्रत संगठन यात्रा’ के बीकानेर शुभारम्भ कार्यक्रम के सम्बन्ध में लाडनूं में बैठक आयोजित


लाडनूं (kalamkala.in)। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में ‘अणुव्रत संगठन यात्रा’ का बीकानेर संभाग से शुरू होने वाली का लाडनूं में शुभारम्भ सम्बंधी बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत गीत के सामूहिक संगान से हुआ। इसके पश्चात आचार-संहिता का वाचन पन्नालाल बैद द्वारा किया गया। समिति के अध्यक्ष शांतिलाल बैद ने पधारे हुए समस्त केंद्रीय पदाधिकारियों का दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘योगक्षेम वर्ष में समिति पूरे जोश, ऊर्जा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए पूर्णतः तैयार है।’ मंत्री श्रीमती राज कोचर ने क्षेत्र में आयोजित अणुव्रत कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। समिति की मातृशक्ति द्वारा स्वागत गीतिका प्रस्तुत की गई। अणुविभा की उपाध्यक्ष डॉ. कुसुम लुनिया ने अपने संबोधन में कहा कि योगक्षेम वर्ष में अनेक आयामों को साकार करना है, जिसके लिए संयोजक व सहसंयोजकों की सशक्त टीम का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय संयोजक अर्जुनराम मेघवाल के संभावित सांसद सम्मेलन के आयोजन पर भी चर्चा की तथा इसके लिए स्थानीय स्तर पर संयोजन की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। पर्यावरण जागरूकता अभियान की संयोजक डॉ. नीलम जैन ने कहा कि ‘महिलाएं ममता, समता और क्षमता की त्रिवेणी हैं, जिनका संगम लाडनूं ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में अणुव्रत की गूंज फैला सकता है।’ अणुव्रत प्रकाशन सदस्यता संयोजक विनोद बच्छावत ने अणुव्रत पत्रिका के प्रति अपनी अभिलाषा व्यक्त की।अणुव्रत काव्यधारा के सहसंयोजक नवल किशोर वीणा ने भी भावाभिव्यक्ति दी।कार्यक्रम में अणुव्रत परिवार की संयोजक श्रीमती रचना कोठारी, अणुव्रत समिति चाड़वास के अध्यक्ष जगदीश जयानी एवं चूरू मंत्री ताहीर हुसैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आभार ज्ञापन प्रचार-प्रसार मंत्री श्रीमती सपना भंसाली ने किया। इस अवसर पर अणुव्रत समिति लाडनूं के पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






