योग भारत की प्राचीन परम्परा व सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा- मुनिश्री तन्मय कुमार,
विश्व योग दिवस मनाया धूमधाम से


लाडनूं (kalamkala.in)। विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर लाडनूं में विश्व योग दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। आदर्श विद्या मंदिर, अणुव्रत समिति एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लाडनूं के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यकम में मुनिश्री तन्मय कुमार ने बताया कि योग भारत की प्राचीन परम्परा व सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा रहा है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि ऐसी विधा है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का कार्य करती है। योग शरीर, मन व आत्मा को संतुलित करता है। योग एक जीवनशैली है। योग अपनाकर हम शांत और खुशहाल जीवन जी सकते है।
पीएम मोदी के प्रयास से शुरू हुआ विश्व योग दिवस
प्रबंध समिति के अध्यक्ष व अणुव्रत समिति के संरक्षक शांतिलाल बैद ने प्रारम्म में कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में ‘विश्व योग दिवस’ का प्रस्ताव रखा, जिसमें 193 देशों ने समर्थन किया। इसके पश्चात् 21 जून को हर वर्ष ‘विश्व योग दिवस’ मनाने का निर्णय लिया गया है। ‘विश्व योग दिवस’ 21 जून 2015 से निरन्तर पूरे भारतवर्ष में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम में कमला देवी चौरड़िया व नवीन नाहटा ने अणुव्रत की गीतिका का वाचन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथिगण द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व अणुव्रत समिति लाडनूं के सदस्यों द्वारा ‘अणुव्रत गीत’ के सामूहिक गायन के साथ किया गया। अंत में विद्या भारती के डीडवाना जिले के उपाध्यक्ष रामेश्वरलाल सूंटवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रेम देवी बैद, मदनलाल डोबा, पवन पारीक, विजयसिंह बैद, प्रकाश सुराणा, विनोद बोकड़िया, प्रेम बैद, चन्दा कोचर, प्रेमलता मोदी, नंदलाल वर्मा, अशोक कुमार दाधीच प्रधानाचार्य रमेश कुमार गौड़ व समस्त आचार्यगण व अभिभावकगण उपस्थित थे।







