घुमटेश्वर महादेव का जलमग्न नीलकंठ झरने रूपी श्रृंगार
मूण्डवा (न्यूज रिपोर्टर लाडमोहम्मद खोखर)। सावन माह के तीसरे सोमवार को शिवमंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा।
सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए सोमवार के दिन का विशेष महत्व होता है। इसलिए सोमवार के दिन श्रद्धालु शिवालयों में जाकर भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हैं।

शिव का श्रृंगार कर्ताओं में मंदिर के पुजारी रंगनाथ दाधीच, गणपत जांगिड़, मुरली रतावा, जगदीश गुरु, प्रवीण ठाकुर, नितिन ओझा, अभिषेक मुंडेल, हेमंत सैन, कमल शर्मा, प्रवीण बंग, धर्मेंद्र, श्यामसुंदर, नितेश (नेता) एवम समस्त महाकाल भक्त रहे।






