सांवराद में शिक्षकों द्वारा बच्चे से साथ बुरी तरह मारपीट का एक मामला, पुलिस जांच शुरू 

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लाडनूं। तहसील के ग्राम सांवराद में शिक्षकों द्वारा बच्चे से साथ बुरी तरह मारपीट करने का एक मामला जसवन्तगढ़ पुलिस ने दर्ज किया है, बच्चे की मेडिकल जांच करवाई जाकर मामले की जांच की जा रही है। नेमीचन्द मेघवाल पुत्र मालूराम मेघवाल निवासी सांवराद ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि उसका पुत्र निखिल मेघवाल सांवराद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की कक्षा नवीं में अध्यन्न करता है। गत वर्ष 2021 में जब वह 8वीं में पढ़ता था, तो रामनिवास जाट अध्यापक गणित ने उसको  अध्ययन कराते वक्त बहुत बुरी तरह लात मुकके, थपड़ो से पिटा और मेज पर सिर रखकर सिर को मेज पर बार बार टकराया, जिससे  उसके सिर में एवं शरीर के अन्य भागों में अन्दरूनी व बाहरी चोटे आयी, मेरी पत्नी सरोज दुसरे दिन स्कुल में ओलमा देने गयी, तो रामनिवास जाट ने कहा अगर पिटेंगे नहीं, तो बच्चा पास कैसे होगा, उल्टा सभी अध्यापको ने मेरी पत्नी को डराया धमकाया. जिससे मेरी पत्नी घर आ गयी और मेरा पुत्र अगले दस दिन तक विद्यालय नहीं गया था और मेरी पत्नी ने मेरे पुत्र को सुजानगढ अस्पताल में दिखाया था और मेरे बच्चे का ईलाज करवाया, लेकिन मेरा बच्चा मानसिक रूप से डरा सहमा हुआ था फिर भी हमने मेरे पुत्र की शिक्षा जारी रखी और मेरा पुत्र कक्षा आठवी में उर्तिण हो गया, लेकिन बार बार मेरी पत्नी को यह कहता कि मेरा सिर फट रहा है तब मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि आप विदेश से आ जाओ तब मैने कहा मुझे समय लगेगा एक बार तुम इसे सीकर दिखा दो ।
रिपोर्ट में बताया है कि जांच के दौरान डॉक्टरों ने भी मेरे पुत्र के सिर में अन्दरूनी चोट बतायी जिस कारण मैरे पुत्र की मानसिक हालत ठीक भी नहीं रहती। यह सब अध्यापक रामनिवास जाट के पिटने से हुआ। दिनांक 01/08/2022 को जब मेरा पुत्र निखिल विद्यालय गया, तो उस दिन साबरमल शर्मा ने मेरे पुत्र का हॉम वर्क नहीं किया हुआ होने के कारण बुरी तरह डंडे से पिटा, मेरा पुत्र चक्कर आकर गिर गया, फिर मेरे बच्चे को पानी पिलाकर होश दिलाया, फिर भी सांवरमल अध्यापक ने मेरे पुत्र से सो उठक बैठक और निकलवायी। यह आपबीती मेरे पुत्र ने स्कूल की छुटी होने के बाद घर आकर डरे सहमे हालत में करीब एक बजे मुझे बतायी।
दूसरे दिन जब मैं सावरमल शर्मा को ओलमा देने गया तो सावरमल शर्मा मेरे गले पड़ गया और कहा कि आपसे जो हो वह कर लो, आपके अकेले बच्चे को थोड़ी पिटते है, सभी बच्चों को पिटते है. बच्चों को पिटेंगें नहीं तो वह पढेंगे कैसे। बाद में सावरमल शर्मा ने कहा साले शुद्रो तुम आते कहा से हो यह तुम्हारी जगह थोडी है और शुद्रो को पिटे बिना ज्ञान नहीं आता, तुम निचि जाति के लोग पिटने लायक ही हो। यह बातें जब मैने प्रिंसिपल के रूम में जाकर बतानी चाही, तो वह भी वहां नहीं मिले, तो मैंने उन्हें कॉल किया और बत्ताया कि सावरमल शर्मा ने मेरे से अभद्र भाषा से बात की है और मुझे शुद्र तक कह दिया है. तब प्रिंसिपल साहब ने कहा आप विद्यालय आकर बात करो तब मैने बार बार उनसे समझाईश की कोशिश की। मेरे पुत्र को जातिवादी भावना रखते हुये बुरी तरीके से पिटा है, पिछले वर्ष में रिपोर्ट देता, लेकिन मैं विदेश गया हुआ था. इस वर्ष भी हुई घटना को मैं विद्यालय में बता रहा था लेकिन विद्यालय वालों ने मेरी कोई सुनवाई नहीं की और उल्टा मेरे को ही बुरा भला कहकर गलत शब्दों से अपमानित किया।
 इनके द्वारा मारपीट करने से मेरा पुत्र अभी भी डरा सहमा हुआ है। दिनांक 01/08/2022 को सावरमल ने मेरे पुत्र के साथ मारपीट की थी, लेकिन इतने समय तक समझाईश में बीत जाने के कारण अब रिपोर्ट देने आया हू।
kalamkala
Author: kalamkala

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