अत्यधिक शीतलहर के प्रभाव से हुई 15 मोरों की मौत, कलेक्टर के निर्देशों पर की गई राष्ट्रीय पक्षी की मौतों की जांच, पशुपालन विभाग ने जारी की अपनी जांच रिपोर्ट, कलेक्टर ने की पालतू जानवरों व वन्य जीवों का खयाल रखने की अपील

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अत्यधिक शीतलहर के प्रभाव से हुई 15 मोरों की मौत, कलेक्टर के निर्देशों पर की गई राष्ट्रीय पक्षी की मौतों की जांच,

पशुपालन विभाग ने जारी की अपनी जांच रिपोर्ट, कलेक्टर ने की पालतू जानवरों व वन्य जीवों का खयाल रखने की अपील

डीडवाना (kalamkala.in)। पूरे जिले में शीतलहर के चलते जिला कलेक्टर ने बच्चों के विद्यालयों में अवकाश घोषित कर रखा है।‌ शीत की चपेट में आने से बचने के लिए अलाव और हीटरों का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन पशु-पक्षियों के लिए इंतजाम नहीं हो पाने से उन्हें पीड़ित होना पड़ रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौतों का सिलसिला चला, जिसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच करवाने व उनकी सुरक्षा के बंदोबस्त करने के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं। क्षेत्र के ग्राम दौलतपुरा एवं सूपका में राष्ट्रीय पक्षी मोरों की लगातार मृत्यु की घटनाएं सामने आने पर जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र सिंह खड़गावत ने उनका संज्ञान लेते हुए त्वरित कारवाई कर पशुपालन विभाग को जांच करने के निर्देश दिए। इस पर पशुपालन विभाग ने इस प्रकरण की जांच कर जिला कलेक्टर को अवगत करवाया कि 5 जनवरी को कुल 10 मोर मृत पाए गए तथा 7 जनवरी को फिर 5 मोर मृत पाए जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग द्वारा मौके पर पहुंचकर नियमानुसार जांच एवं मृत मोरों का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, स्थल निरीक्षण एवं क्षेत्र में जारी अत्यधिक शीत लहर (कोल्ड वेव) की परिस्थितियों के आधार पर यह स्पष्ट रूप से पाया गया है कि मोरों की मृत्यु का कारण अल्पताप (Hypothermia) है।पशुपालन विभाग की जांच में यह स्पष्ट पाया गया है कि इस प्रकरण में किसी भी प्रकार की संक्रामक/संक्राम्य बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं, तथा किसी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण अथवा जानबूझकर की गई कार्रवाई का कोई प्रमाण नहीं है। पशुपालन विभाग द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा शीत लहर के दृष्टिगत आवश्यक सावधानियां अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर की अपील

जिला कलक्टर डॉ. खड़गावत ने आमजन से अपील की है अत्यधिक शीत लहर की स्थितियों में आमजन अपने पालतू पशुओं के साथ-साथ अपने आस-पास के वन्य जीवों का भी ख्याल रखें और वन्य जीवों की सूचना तत्काल पशुपालन विभाग व वन विभाग को देवें। फोटो- फाइल चित्र।

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Author: kalamkala

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