राजस्थानी व बाल साहित्य के सृजक नागौर जिले के वरिष्ठ साहित्यकार पवन पहाड़िया को मिलेगा बाल साहित्य सम्मान,
भीलवाड़ा में बालवाटिका पत्रिका के 26वीं राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह- 2025 में किया जाएगा सम्मान
डेह/ लाडनूं (kalamkala.in)। बालवाटिका मासिक भीलवाड़ा की 26वीं राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह- 2025 में नागौर जिले के वरिष्ठ साहित्यकार पवन पहाड़िया को ‘लोककवि मोहन मंडेला स्मृति बाल साहित्य सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा। यह सम्मान उनके आगामी 4-5 अक्टूबर को भीलवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में पहाड़िया के निरंतर साहित्यिक अवदान और बालसाहित्य में सृजनशीलता के लिए प्रदान किया जाएगा।
इस सम्मान की घोषणा के बाद पवन पहाड़िया ने भावुक होकर कहा कि वे अपना यह सम्मान अपनी दिवंगत पत्नी स्व. कांता देवी पहाड़िया को सश्रद्ध होकर समर्पित करते हैं, जिन्होंने असाध्य बीमारी की पीड़ा को सहते हुए भी उन्हें सतत् साहित्य साधना के लिए प्रोत्साहित किया। अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के अंतर्राष्ट्रीय संयोजक लक्ष्मण दान कविया ने कहा कि पवन पहाड़िया की यह उपलब्धि नागौर के साहित्यिक परिदृश्य के लिए गौरव का विषय है।शिक्षाविद डॉ. गजादान चारण ने कहा, पवन पहाड़िया की रचनाएं बालमन की संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने के साथ-साथ लोकमूल्यों और संस्कृति को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाती हैं। उनका यह योगदान साहित्य की धरोहर है। इस अवसर पर सुखदेव सिंह गाडण, श्रीराम वैष्णव, युवा कवि प्रहलाद सिंह झोरड़ा, सांवल दान कविया, फत्तूराम छाबा, गोविंद सिंह कविया, डॉ. जगदीश यायावर आदि ने भी पहाड़िया को हार्दिक बधाइयां प्रेषित कर अपनी खुशी जाहिर की।





