मूंडवा के लाखोंलाव तालाब पर जनेऊ धारियों ने श्रावणी उपाकर्म किया ।
मूण्डवा ( न्यूज रिपोर्टर लाडमोहम्मद खोखर )। पंडित श्रीवल्लभ दाधीच ने बताया कि यह संस्कार रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को किया जाता है यह उपाकर्म से यह तात्पर्य होता है कि पूरे वर्ष में जाने अनजाने में यज्ञोपवीत धारियों से हुई गलतियों का प्रायश्चित किया जाता है। लाखोंलाव तालाब पर पंडितजी श्रीवल्लभ के मंत्रोचार के साथ यज्ञोपवीत धारियों ने यह उपाकर्म किया। इससे पहले यज्ञोपवीत धारियों ने पंचगव्य का सेवन कर शुद्धि की यह उपाकर्म तीर्थस्थान पर या सरोवर या नदी के किनारे पर करने का विधान है मूंडवा के घूमटेश्वर महादेव मंदिर में वर्ष भर के लिए काम में ली जाने वाली जनेऊ का पूजन किया गया। इस दौरान पंडित श्रीबल्लभ मूण्डेल, कमल पालीवाल, रामनिवास राताव, ईश्वरदत शर्मा, जगदीश शर्मा, दाउलाल अरोड़ा, ओमप्रकाश बिसवा, विनोद ओझा, श्रीनिवास ओझा, गोविन्द जाजू, आसाराम कंदोई सहित कई लोग मौजूद रहे।







